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Lalitpur News: चार घंटे का ब्लाॅक लेकर पूरा किया पुल का निर्माण
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बरसात से पहले तेजी से दुरुस्त किए जा रहे पुराने पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कानपुर रेल खंड पर डीएफसी (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) पर सालों पुराने पुल और पुलिया हैं। इनसे बरसात के पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पाती। जलभराव से ट्रैक के खराब होने का खतरा रहता है। रेलवे ने बरसात से पहले ऐसे पुल और पुलियों को चिह्नित किया जो 100 साल से अधिक के हो चुके हैं। इसके बाद एक एक कर उन्हें बदलने का काम तेजी से शुरू किया। सोमवार को लालपुर स्टेशन से पमन डाउन लाइन के मध्य पुराने स्टोन स्लैब ब्रिज की जगह आधुनिक आरसीसी बॉक्स स्थापित किया गया। इसके लिए दोपहर 13:35 बजे से शाम 17:35 बजे तक चार घंटे का ब्लॉक लिया गया।
एक घंटे विलंब से रवाना हुई ग्वालियर-बरौनी मेल : ब्लॉक के वक्त सिर्फ एक ट्रेन ग्वालियर- बरौनी मेल को गुजरना था। पुल की प्रतिस्थापना के वक्त आधे से ज्यादा काम कर लिया गया था। इसलिए ट्रेन को कुछ देर हॉल्ट देने के बाद उसे धीमी गति से उसे रवाना किया गया। इस कारण ट्रेन करीब एक घंटे विलंब रही।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कानपुर रेल खंड पर डीएफसी (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) पर सालों पुराने पुल और पुलिया हैं। इनसे बरसात के पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पाती। जलभराव से ट्रैक के खराब होने का खतरा रहता है। रेलवे ने बरसात से पहले ऐसे पुल और पुलियों को चिह्नित किया जो 100 साल से अधिक के हो चुके हैं। इसके बाद एक एक कर उन्हें बदलने का काम तेजी से शुरू किया। सोमवार को लालपुर स्टेशन से पमन डाउन लाइन के मध्य पुराने स्टोन स्लैब ब्रिज की जगह आधुनिक आरसीसी बॉक्स स्थापित किया गया। इसके लिए दोपहर 13:35 बजे से शाम 17:35 बजे तक चार घंटे का ब्लॉक लिया गया।
एक घंटे विलंब से रवाना हुई ग्वालियर-बरौनी मेल : ब्लॉक के वक्त सिर्फ एक ट्रेन ग्वालियर- बरौनी मेल को गुजरना था। पुल की प्रतिस्थापना के वक्त आधे से ज्यादा काम कर लिया गया था। इसलिए ट्रेन को कुछ देर हॉल्ट देने के बाद उसे धीमी गति से उसे रवाना किया गया। इस कारण ट्रेन करीब एक घंटे विलंब रही।
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