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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   The cold wave has worsened people's health, leading to an increase in the number of patients in hospitals.

Lalitpur News: शीत लहर की चपेट में आने से लोगों की हालत बिगड़ी, अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी

Sat, 27 Dec 2025 01:36 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Dec 2025 01:36 AM IST
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The cold wave has worsened people's health, leading to an increase in the number of patients in hospitals.
- चिकित्सकों ने दिए बचाव के उपाय, गर्म कपड़ों का उपयोग व खानपान में संतुलन का दिया सुझाव
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शीतलहर की चपेट में आने के बाद लोगों की हालत बिगड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। लोगों को ठंड लगने से बुखार व उल्टी हो रही है। प्रतिदिन ओपीडी में 60 से 70 मरीज सर्दी से पीड़ित आ रहे हैं।
तापमान में गिरावट होने के कारण अस्पताल में लोग कोल्ड डायरिया की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। ठंड में पानी कम पीने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। सर्दी में खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया और वायरस जल्दी पनपते हैं, जो डायरिया का कारण बनते हैं। सर्दी का प्रकाेप शुरू होने के साथ खानपान में लापरवाही बरतने के कारण लोग कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। प्रत्येक आयु वर्ग के लोग ओपीडी में पेट दर्द संबंधित समस्याओं के साथ कोल्ड डायरिया के लक्षण लेकर पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि कोल्ड डायरिया से बचाव के लिए सफाई और ताजा खान-पान जरूरी है। फिजीशियन डॉ. पवन सूद ने बताया कि ओपीडी में दो-तीन मरीजों में कोल्ड डायरिया के लक्षण देखने को मिल रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि कोल्ड डायरिया में मरीजों को सर्दी-जुकाम, बुखार, मांसपेशियों में दर्द के साथ उल्टी और दस्त की समस्या हाेती है। लोगों को ठंड से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करने की सलाह दी है।
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लक्षण-
बच्चों में नाखून नीले होना, शरीर में कंपकपी लगना, शरीर का तापमान गिरना, सूखी खांसी आना, सांस लेने में दिक्कत, धुएं में एलर्जी होना, ऑक्सीजन की मात्रा कम होना आदि।

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बचाव-
बच्चों को दूध पिलाने के लिए प्लास्टिक की बोतल की बजाय कटोरे का उपयोग करें, बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न कराएं, गुनगुना पानी का प्रयोग करें।
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