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राहत : 85 दिनों तक संचालित होंगी गोविंद सागर बांध की नहरें

Thu, 29 Oct 2026 01:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:24 AM IST
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The canals of the Govind Sagar Dam will remain operational for 85 days.
ललितपुर। जिले के गोविंद सागर बांध से निकली दोनों नहरों का संचालन इस रबी सीजन में रोस्टर के अनुसार एक नवंबर को शुरू होगा। जोकि रोस्टर के मुताबिक करीब 85 दिन तक नहरें चालू रहेंगी और करीब 21 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित करेंगी। सिंचाई विभाग नहर का पानी आखिरी छोर तक पहुंचाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
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साइफन प्रणाली से लैस गोविंद सागर बांध जिले के सबसे पुराने बांधों में से एक है। बांध का पूर्ण जलस्तर 363.93 मीटर और न्यूनतम 357.83 मीटर है। इस बांध से किसानों के खेतों की फसलों की सिंचाई के लिए करीब 190 किलोमीटर लंबी मुख्य दायीं, बायीं नहर सहित रजवाहा और माइनर निकले हैं। इनके माध्यम से करीब 15 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। रबी के सीजन में बोयी जाने वाली मटर, मसूर, चना, गेहूं, जौ सहित अन्य फसलों के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। इस रबी के सीजन में नहरों का संचालन एक नवंबर रोस्टर के अनुसार किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक एक नवंबर से संचालित होने वाली दांयी और बांयी नहरें 6 दिसंबर तक चलेंगी। इसके बाद 20 दिसंबर से नहर को पुन: खोला जाएगा। जोकि 16 जनवरी 2027 तक संचालित होंगी। इसके बाद 31 जनवरी को फिर से नहरें खोली जाएंगी और यह 21 फरवरी तक चलेंगी। इस प्रकार से इस रबी सीजन में गोविंद सागर बांध की नहरों का संचालन रोस्टर के अनुसार कुल 85 दिन तक होगा। हालांकि किसानों की जरूरत के अनुसार इन दिनों को घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है। नहर के संचालित होने से करीब तीस हजार किसान लाभान्वित होंगे।
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फैक्ट फाइल
- 96.79 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता
- 52 किलोमीटर लंबी दांयी मुख्य नहर
- 14.30 किलोमीटर लंबी बांयी नहर
- करीब 32 माइनर व रजवाहा
- 21000 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचाई का लक्ष्य
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रोस्टर के अनुसार गोंविद सागर बांध से निकलीं दोनों नहरों का संचालन किया जाएगा और नहरों के आखिरी छोर तक पानी पहुंचाकर किसान को लाभान्वित किया जाएगा। नहर संचालन के लिए विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
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जितेंद्र सिंह कनौजिया, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्यमंडल ललितपुर।
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