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सीड ड्रिल का विकल्प बनेगा बुंदेली पोरा
ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jan 2016 01:56 AM IST
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ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय ललितपुर के शस्य विज्ञान विभाग के छात्रों ने महंगे सीड ड्रिल का विकल्प बुंदेली पोरा सयंत्र खोज लिया है। देश के सात सयंत्रों में इसे स्थान मिला है।
अब इसका प्रदर्शन नौ से तेरह फरवरी तक मुंबई में आयोजित होने वाले फिल्मोत्सव में प्रदर्शित किया जाएगा। छात्रों का दावा है कि इस यंत्र से बुवाई करने पर फसल का उत्पादन डेढ़ गुना बढ़ जाता है।
प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल क्षेत्रीय कृषकों के लिए राहत भरी खबर है। महंगाई के इस दौर में नेहरू महाविद्यालय के शस्य विज्ञान विभाग के छात्र हीरेंद्र, ललित, रितुराज, हरीओम, अमित और शुभम ने शोध कर महंगे सीड ड्रिल का विकल्प बुंदेली पोरा सयंत्र खोज लिया है।
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पिछले दिनों बुंदेली पोरा सयंत्र का राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान फिल्म में इसका प्रदर्शन किया गया था। भारत सरकार ने शार्ट लिस्ट में सयंत्र का चयन किया है।
इसमें देश के सात यंत्रों को चुना गया है, जिसमें यूपी से ललितपुर के सयंत्र को जगह मिली है। अब नौ से तेरह फरवरी तक मुंबई में आयोजित होने वाले फिल्मोत्सव में इसका प्रदर्शन किया जाएगा। भारत सरकार ने शोध टीम व फिल्म निर्देशक डा. अवनीश कुमार त्रिपाठी को बधाई दी है।
मुंबई में होने वाले फिल्मोत्सव में प्रदर्शन के लिए सयंत्र के चुने जाने की सूचना से छात्रों में खुशी की लहर है। कालेज के प्राचार्य डा. अवधेश अग्रवाल का कहना है कि बुंदेली पोरा की लागत करीब दो हजार रुपए के आसपास है। इस सयंत्र की खासियत है कि यह खाद और बीज में दो इंच का अंतर रखता है। खाद खेत में दो इंच नीचे गिरती है, जबकि बीज इससे ऊपर रहता है।
इस तकनीक से फसल के उत्पादन में करीब डेढ़ गुना की वृद्धि होती है। जबकि, सीड ड्रिल में खाद और बीज साथ-साथ गिरता है। कालेज प्रबंधक प्रदीप चौबे व अध्यक्ष प्रभात दीक्षित ने शोध टीम को बधाई दी है।
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अब इसका प्रदर्शन नौ से तेरह फरवरी तक मुंबई में आयोजित होने वाले फिल्मोत्सव में प्रदर्शित किया जाएगा। छात्रों का दावा है कि इस यंत्र से बुवाई करने पर फसल का उत्पादन डेढ़ गुना बढ़ जाता है।
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प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल क्षेत्रीय कृषकों के लिए राहत भरी खबर है। महंगाई के इस दौर में नेहरू महाविद्यालय के शस्य विज्ञान विभाग के छात्र हीरेंद्र, ललित, रितुराज, हरीओम, अमित और शुभम ने शोध कर महंगे सीड ड्रिल का विकल्प बुंदेली पोरा सयंत्र खोज लिया है।
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पिछले दिनों बुंदेली पोरा सयंत्र का राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान फिल्म में इसका प्रदर्शन किया गया था। भारत सरकार ने शार्ट लिस्ट में सयंत्र का चयन किया है।
इसमें देश के सात यंत्रों को चुना गया है, जिसमें यूपी से ललितपुर के सयंत्र को जगह मिली है। अब नौ से तेरह फरवरी तक मुंबई में आयोजित होने वाले फिल्मोत्सव में इसका प्रदर्शन किया जाएगा। भारत सरकार ने शोध टीम व फिल्म निर्देशक डा. अवनीश कुमार त्रिपाठी को बधाई दी है।
मुंबई में होने वाले फिल्मोत्सव में प्रदर्शन के लिए सयंत्र के चुने जाने की सूचना से छात्रों में खुशी की लहर है। कालेज के प्राचार्य डा. अवधेश अग्रवाल का कहना है कि बुंदेली पोरा की लागत करीब दो हजार रुपए के आसपास है। इस सयंत्र की खासियत है कि यह खाद और बीज में दो इंच का अंतर रखता है। खाद खेत में दो इंच नीचे गिरती है, जबकि बीज इससे ऊपर रहता है।
इस तकनीक से फसल के उत्पादन में करीब डेढ़ गुना की वृद्धि होती है। जबकि, सीड ड्रिल में खाद और बीज साथ-साथ गिरता है। कालेज प्रबंधक प्रदीप चौबे व अध्यक्ष प्रभात दीक्षित ने शोध टीम को बधाई दी है।