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मड़ावरा रेंज में तेदुआ का आतंक, पालतू जानवरों को खतरा
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Tendua
- फोटो : Tendua
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ललितपुर। मड़ावरा वन रेंज अंतर्गत ग्राम वारई में तेंदुआ ने आतंक मचा दिया है। यहां तेंदुआ ने कई पालतू जानवरों पर हमला किया है। जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। ग्राम वारई के एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
मड़ावरा वन रेंज मध्य प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है। इस कारण यहां के कई जानवर मड़ावरा वन रेंज में अक्सर प्रवेश कर जाते हैं। इन दिनों ग्राम वारई में तेंदुुआ की उपस्थिति देखी जा रही है। उसने कई पालतू जानवरों पर हमला बोला है। जिससे आसपास के क्षेत्र में शाम होते ही लोग घरों में दुबक रहे हैं। कई लोगों ने अपने पालतू जानवरों को जंगलों में जाने से रोक दिया है। कई पशुपालक अपने घरों में जानवरों को बांधे रखे हैं। वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी पूरे मामले पर चुप हैं। जिससे ग्रामीणों को मुख्यमंत्री की शरण लेनी पड़ रही है। ऐसा ही एक शिकायती पत्र ग्राम वारई निवासी जानकी सिंह ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि 19 जुलाई रात दस बजे गांव में एक जंगली तेंदुआ आया और उसने सात गायों, चार बैलों पर हमला बोल दिया। ये सभी जानवर मेरे घर के पास टपरे में बंधे थे। रात में उसने चार गायें मार दी। सुबह देखा कि चार गाय मृत पड़ी हैं। इसके पहले वन कर्मचारियों को इस मामले से अवगत कराया लेकिन उसे पकड़ने की कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि इससे पहले भी कई पालतू जानवरों को तेंदुआ मार चुका है। आए दिन तेंदुआ पालतू जानवरों पर हमला बोल रहा है। यदि इसे पकड़ा नहीं गया तो हम लोगों को जानमाल का खतरा बना हुआ है।
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मड़ावरा रेंजर से जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के आसपास से खतरनाक जानवर आ जाते हैं। ग्रामीण इस तरह की शिकायत कर रहे हैं लेकिन वन कर्मियों ने अभी उसे देखा नहीं है, इसलिए तेंदुुआ होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है।।
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डीएन सिंह, डीएफओ
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मड़ावरा वन रेंज मध्य प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है। इस कारण यहां के कई जानवर मड़ावरा वन रेंज में अक्सर प्रवेश कर जाते हैं। इन दिनों ग्राम वारई में तेंदुुआ की उपस्थिति देखी जा रही है। उसने कई पालतू जानवरों पर हमला बोला है। जिससे आसपास के क्षेत्र में शाम होते ही लोग घरों में दुबक रहे हैं। कई लोगों ने अपने पालतू जानवरों को जंगलों में जाने से रोक दिया है। कई पशुपालक अपने घरों में जानवरों को बांधे रखे हैं। वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी पूरे मामले पर चुप हैं। जिससे ग्रामीणों को मुख्यमंत्री की शरण लेनी पड़ रही है। ऐसा ही एक शिकायती पत्र ग्राम वारई निवासी जानकी सिंह ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि 19 जुलाई रात दस बजे गांव में एक जंगली तेंदुआ आया और उसने सात गायों, चार बैलों पर हमला बोल दिया। ये सभी जानवर मेरे घर के पास टपरे में बंधे थे। रात में उसने चार गायें मार दी। सुबह देखा कि चार गाय मृत पड़ी हैं। इसके पहले वन कर्मचारियों को इस मामले से अवगत कराया लेकिन उसे पकड़ने की कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि इससे पहले भी कई पालतू जानवरों को तेंदुआ मार चुका है। आए दिन तेंदुआ पालतू जानवरों पर हमला बोल रहा है। यदि इसे पकड़ा नहीं गया तो हम लोगों को जानमाल का खतरा बना हुआ है।
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मड़ावरा रेंजर से जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के आसपास से खतरनाक जानवर आ जाते हैं। ग्रामीण इस तरह की शिकायत कर रहे हैं लेकिन वन कर्मियों ने अभी उसे देखा नहीं है, इसलिए तेंदुुआ होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है।।
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डीएन सिंह, डीएफओ