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बुंदेलखंड में पनप सकती नक्सली गतिविधियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:38 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। बहुजन किसान दल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल तालान ने केंद्र व राज्य सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि बुंदेलखंड के हालात ज्यादा खराब हैं। इस क्षेत्र में यदि ईमानदारी से राहत कार्य नहीं चलाए गए तो यहां नक्सली गतिविधियां पनप सकती हैं। उन्होंने किसानों का कर्जा माफ करने की मांग की है।
वन विभाग के रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस समय किसानों की जिंस खरीदी जाती है, उस समय जिंस के रेट कम होते हैं। लेकिन, साल के अन्य 11 महीनों में जिंस के रेट आसमान छूने लगते हैं। ऐसे में किसानों को फसल का वाजिब मुनाफा नहीं मिल पा रहा है। केंद्र सरकार ने गेहूं का बोनस समाप्त कर दिया है।
जो भूमि अधिग्रहण बिल लेकर आए थे, वह भी किसान के विरोध में था। इस वजह से सरकार को अपने कदम वापस खींचने पड़े। कृषि आयोग के मामले में भी सरकार मौन है। बहुजन समाज पार्टी दलितों के वोट लेकर सरकार बनाती है तो अन्य राजनीतिक दल किसानों के वोट लेकर सत्तारुढ़ होते हैं। प्रदेश सरकार भी किसानों का भला नहीं कर सकी। सरकार की नीयत में खोट है। न तो सरकार ओलावृष्टि और अतिवृष्टि का मुआवजा किसानों को बांट सकी है और न ही वायदे अनुसार जिंसों का समर्थन मूल्य दे सकी है। इस समय देश की जनता परिवर्तन की बाट जोह रही है। इसे ध्यान में रखकर बहुजन किसान दल ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में ललितपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है। उन्होंने रंजीत यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है।
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जनता में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए वह घर-घर संपर्क कर रहे हैं, जिसके तहत एक मुट्ठी मिट्टी व दो किलो गेहूं मांग रहे हैं। जिन घरों में अनाज नहीं है, वहां के किसानों से मिट्टी ले रहे हैं और जो किसान समर्थ हैं, उनसे गेहूं ले रहे हैं। इसके अलावा बुंदेलखंड के गरीब किसानों को गेहूं भी वितरित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने किसानों की लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया है। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री संजय सिंह, लालू यादव, सचिन, जिलाध्यक्ष रंजीत यादव, लाखन सिंह पटेल आदि नेता उपस्थित रहे।
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वन विभाग के रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस समय किसानों की जिंस खरीदी जाती है, उस समय जिंस के रेट कम होते हैं। लेकिन, साल के अन्य 11 महीनों में जिंस के रेट आसमान छूने लगते हैं। ऐसे में किसानों को फसल का वाजिब मुनाफा नहीं मिल पा रहा है। केंद्र सरकार ने गेहूं का बोनस समाप्त कर दिया है।
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जो भूमि अधिग्रहण बिल लेकर आए थे, वह भी किसान के विरोध में था। इस वजह से सरकार को अपने कदम वापस खींचने पड़े। कृषि आयोग के मामले में भी सरकार मौन है। बहुजन समाज पार्टी दलितों के वोट लेकर सरकार बनाती है तो अन्य राजनीतिक दल किसानों के वोट लेकर सत्तारुढ़ होते हैं। प्रदेश सरकार भी किसानों का भला नहीं कर सकी। सरकार की नीयत में खोट है। न तो सरकार ओलावृष्टि और अतिवृष्टि का मुआवजा किसानों को बांट सकी है और न ही वायदे अनुसार जिंसों का समर्थन मूल्य दे सकी है। इस समय देश की जनता परिवर्तन की बाट जोह रही है। इसे ध्यान में रखकर बहुजन किसान दल ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में ललितपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है। उन्होंने रंजीत यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है।
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जनता में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए वह घर-घर संपर्क कर रहे हैं, जिसके तहत एक मुट्ठी मिट्टी व दो किलो गेहूं मांग रहे हैं। जिन घरों में अनाज नहीं है, वहां के किसानों से मिट्टी ले रहे हैं और जो किसान समर्थ हैं, उनसे गेहूं ले रहे हैं। इसके अलावा बुंदेलखंड के गरीब किसानों को गेहूं भी वितरित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने किसानों की लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया है। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री संजय सिंह, लालू यादव, सचिन, जिलाध्यक्ष रंजीत यादव, लाखन सिंह पटेल आदि नेता उपस्थित रहे।