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अध्यापक ने लगाया गुणवत्ताहीन एमडीएम बनने का आरोप
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तालबेहट। कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय तरगुवा में पदस्थ एक सहायक अध्यापक ने एमडीएम (मिड डे मील) की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसके वीडियो विभागीय अधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भेजे हैं। इससे विभाग में हलचल मच गई है। उसने एमडीएम की गुणवत्ता एवं विद्यालय में छात्र-छात्राओं से सफाई कराने के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
बताते चले कि कुछ दिनों से तरगुवा का कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिक्षकों की आपसी जंग का अखाड़ा बन गया है। विद्यालय में कार्यरत एक सहायक अध्यापक ने विद्यालय की अव्यवस्थाओं एवं एमडीएम की गुणवत्ता को लेकर एमडीएम प्रभारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को इस विद्यालय में छात्र-छात्राओं से साफ सफाई कराने एवं एमडीएम की गुणवत्ता को लेकर कुछ वीडियो एवं फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। जिसमें विद्यालय की कक्षाओं में छात्र-छात्राएं झाड़ू लगा रहे और एमडीएम में बनी कच्ची एवं जली रोटियां और तहरी में कच्चे आलू के टुकड़े शामिल होना दर्शाया गया। जो पूरे दिन विभागीय अध्यापकों में चर्चा का विषय रहा।
एक अध्यापक ने कुछ वीड़ियो एवं फोटो भेज कर एमडीएम की गुणवत्ता एवं विद्यालय में व्याप्त कमियों के बारे में शिकायत की है। जिसकी जांच के लिए खंड शिक्षाधिकारी तालबेहट को निर्देश दे दिए गए है। बच्चों के हितों पर किसी भी दशा में हीलाहवाली बर्दास्त नहीं की जाएगी। - अमित कुमार भारतीय, एसडीएम तालबेहट।
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एमडीएम की शिकायत आने पर मैने जांच कराके रिपोर्ट भेज दी है। बालिकाओं से झाड़ू लगवाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जांच में क्या आया इस पर बताया कि मैं जिला मुख्यालय पर बैठक में चला गया था। एआरपी को मौके पर जांच के लिए भेजा था।
- जमील अहमद, खंड शिक्षाधिकारी तालबेहट।
अधिकारियों के निर्देश के बाद नहीं हुआ सुधार
इस मामले को उठाने वाले सहायक अध्यापक ने खंड शिक्षाधिकारी को दिए अपने शिकायती पत्र में अवगत कराया कि इससे पूर्व 14 जुलाई को तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने विद्यालय के निरीक्षण के दौरान एमडीएम देखा और एमडीएम की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उसमें सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद उसमें कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया है कि बच्चे जब इसकी शिकायत करते है तो उन्हें डरा धमका कर खाने के लिए मजबूर किया जाता है।
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बताते चले कि कुछ दिनों से तरगुवा का कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिक्षकों की आपसी जंग का अखाड़ा बन गया है। विद्यालय में कार्यरत एक सहायक अध्यापक ने विद्यालय की अव्यवस्थाओं एवं एमडीएम की गुणवत्ता को लेकर एमडीएम प्रभारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को इस विद्यालय में छात्र-छात्राओं से साफ सफाई कराने एवं एमडीएम की गुणवत्ता को लेकर कुछ वीडियो एवं फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। जिसमें विद्यालय की कक्षाओं में छात्र-छात्राएं झाड़ू लगा रहे और एमडीएम में बनी कच्ची एवं जली रोटियां और तहरी में कच्चे आलू के टुकड़े शामिल होना दर्शाया गया। जो पूरे दिन विभागीय अध्यापकों में चर्चा का विषय रहा।
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एक अध्यापक ने कुछ वीड़ियो एवं फोटो भेज कर एमडीएम की गुणवत्ता एवं विद्यालय में व्याप्त कमियों के बारे में शिकायत की है। जिसकी जांच के लिए खंड शिक्षाधिकारी तालबेहट को निर्देश दे दिए गए है। बच्चों के हितों पर किसी भी दशा में हीलाहवाली बर्दास्त नहीं की जाएगी। - अमित कुमार भारतीय, एसडीएम तालबेहट।
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एमडीएम की शिकायत आने पर मैने जांच कराके रिपोर्ट भेज दी है। बालिकाओं से झाड़ू लगवाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जांच में क्या आया इस पर बताया कि मैं जिला मुख्यालय पर बैठक में चला गया था। एआरपी को मौके पर जांच के लिए भेजा था।
- जमील अहमद, खंड शिक्षाधिकारी तालबेहट।
अधिकारियों के निर्देश के बाद नहीं हुआ सुधार
इस मामले को उठाने वाले सहायक अध्यापक ने खंड शिक्षाधिकारी को दिए अपने शिकायती पत्र में अवगत कराया कि इससे पूर्व 14 जुलाई को तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने विद्यालय के निरीक्षण के दौरान एमडीएम देखा और एमडीएम की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उसमें सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद उसमें कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया है कि बच्चे जब इसकी शिकायत करते है तो उन्हें डरा धमका कर खाने के लिए मजबूर किया जाता है।