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Lalitpur News: चालकों की मनमानी से निर्धारित रूटों पर नहीं चल रहीं टैक्सी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। चालकों की मनमानी से निर्धारित रूटों पर टैक्सी नहीं चल रहीं हैं। इससे यात्रियों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बीते वर्ष ऑटो संचालन के 16 रूट निर्धारित किए गए थे। परिवहन विभाग का मानना है कि इन रूटों पर टैक्सी के संचालन से लोगों को आसानी होगी।
तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक सिंह ने कमिश्नर से पत्राचार कर 16 केंद्र निर्धारित थे। इन केंद्रों से 16 किमी की दूरी तक ऑटो संचालन के लिए रूट निर्धारित किए गए थे। यहां से टैक्सी का संचालन नियमित रूप से किया जाना था। जिले में लगभग 3000 टैक्सी होने के बाद भी केंद्रों से नियमित रूप से टैक्सी का संचालन नहीं हो रहा है। हालत यह है कि टैक्सी संचालक परमिट लेने के बाद सीमित मार्गों पर ही चल रहीं है। लोगों को आवाजाही में अधिक समस्या हो रही है। ऐसे में लोग कई वाहनों का सहारा लेकर जिला व ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंच रहे हैं। इससे आधा समय आवाजाही में ही बीत जाता है, किसी तरह से पहुंच गए तो वापस जाने की समस्या बनी रहती है।
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इन स्थानों पर बनाए गए ऑटो स्टैंड
जनपद में शुरुआत में चार ऑटो सेंटर थे। इनमें ललितपुर, तालबेहट, महरौनी, पाली आदि थे। तत्कालीन जिलाधिकारी ने 12 नए ऑटो केंद्र निर्धारित किए गए थे। इनमें जखौरा, तेरईफाटक, बांसी, पूराकलां, बिरधा, राजघाट, बालाबेहट, जाखलौन, मड़ावरा, बार, बानपुर, नाराहट आदि हैं।
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गांव से ब्लॉक मुख्यालय तक आने-जाने के लिए बसों की कमी है। ऐसे में बच्चे स्कूल समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं। यातायात की सुविधाएं चालू कराई जाएं।
- अरविंद रावत
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मार्ग में वाहनों का अभाव बना हुआ है। नाराहट से गदौरा के लिए आवाजाही में अधिक दिक्कत होती है। घंटों खड़े रहने के बाद ऑटो मिलती है। ऐसे में समय से नहीं पहुंच पाते हैं।
- दिलीप सिंह
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ऑटो के परमिट के समय सेंटर से परमिट जारी किया जाता है। इसमें केंद्र से 16 किलोमीटर की दूरी पर चल सकते हैं। इसमें केंद्र से किसी भी मार्ग पर चल सकते हैं। अन्य मार्ग पर चलते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- मोहम्मद कय्यूम खांन, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी
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ललितपुर। चालकों की मनमानी से निर्धारित रूटों पर टैक्सी नहीं चल रहीं हैं। इससे यात्रियों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बीते वर्ष ऑटो संचालन के 16 रूट निर्धारित किए गए थे। परिवहन विभाग का मानना है कि इन रूटों पर टैक्सी के संचालन से लोगों को आसानी होगी।
तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक सिंह ने कमिश्नर से पत्राचार कर 16 केंद्र निर्धारित थे। इन केंद्रों से 16 किमी की दूरी तक ऑटो संचालन के लिए रूट निर्धारित किए गए थे। यहां से टैक्सी का संचालन नियमित रूप से किया जाना था। जिले में लगभग 3000 टैक्सी होने के बाद भी केंद्रों से नियमित रूप से टैक्सी का संचालन नहीं हो रहा है। हालत यह है कि टैक्सी संचालक परमिट लेने के बाद सीमित मार्गों पर ही चल रहीं है। लोगों को आवाजाही में अधिक समस्या हो रही है। ऐसे में लोग कई वाहनों का सहारा लेकर जिला व ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंच रहे हैं। इससे आधा समय आवाजाही में ही बीत जाता है, किसी तरह से पहुंच गए तो वापस जाने की समस्या बनी रहती है।
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इन स्थानों पर बनाए गए ऑटो स्टैंड
जनपद में शुरुआत में चार ऑटो सेंटर थे। इनमें ललितपुर, तालबेहट, महरौनी, पाली आदि थे। तत्कालीन जिलाधिकारी ने 12 नए ऑटो केंद्र निर्धारित किए गए थे। इनमें जखौरा, तेरईफाटक, बांसी, पूराकलां, बिरधा, राजघाट, बालाबेहट, जाखलौन, मड़ावरा, बार, बानपुर, नाराहट आदि हैं।
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गांव से ब्लॉक मुख्यालय तक आने-जाने के लिए बसों की कमी है। ऐसे में बच्चे स्कूल समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं। यातायात की सुविधाएं चालू कराई जाएं।
- अरविंद रावत
मार्ग में वाहनों का अभाव बना हुआ है। नाराहट से गदौरा के लिए आवाजाही में अधिक दिक्कत होती है। घंटों खड़े रहने के बाद ऑटो मिलती है। ऐसे में समय से नहीं पहुंच पाते हैं।
- दिलीप सिंह
ऑटो के परमिट के समय सेंटर से परमिट जारी किया जाता है। इसमें केंद्र से 16 किलोमीटर की दूरी पर चल सकते हैं। इसमें केंद्र से किसी भी मार्ग पर चल सकते हैं। अन्य मार्ग पर चलते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- मोहम्मद कय्यूम खांन, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी