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गौना पीएचसी में उपचार के लिए मरीजों को पड़ता है रोना

Tue, 23 Aug 2022 12:40 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 12:40 AM IST
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swasth kendra me rona
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौना - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। गौना स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर करीब आठ माह से डॉक्टर की तैनाती नहीं होने से स्टाफ नर्स के भरोसे अस्पताल चल रहा है। करोड़ों की लागत से बने चार बेड के इस अस्पताल में एक बेड गायब हो गया है। जबकि तीन बेड खस्ताहाल में हैं। वहीं रखरखाव के अभाव में ऑपरेशन कक्ष सहित वार्ड की हालत भी खराब है। दवा के नाम पर यहां खांसी और बुखार की गोलियां और खुजली के कुछ ट्यूब पड़े हैं। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल दौड़ना पड़ रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाए गए प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। ब्लॉक बिरधा के गांव गौना में हाईवे किनारे बनी पीएचसी को मॉडल के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में यह बदहाल हो गई। करीब आठ माह पहले अस्पताल से डॉ. गंगाराम का तबादला होने के बाद कोई अन्य पोस्टिंग करने की जगह अटैच किए गए फार्मासिस्ट मनीष को भी हटा दिया गया। अस्पताल में अब वार्ड ब्वॉय पुरुष में रिंकू, एएनएम माया देवी के अलावा सफाई कर्मी राममिलन ही तैनात हैं। बताया गया कि सफाईकर्मी भी अक्सर गायब हो जाता है। जिससे अस्पताल में गंदगी का अंबार है।
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करीब 22 हजार की आबादी को मिलता था लाभ
ग्रामीणों के मुताबिक गौना के अलावा गांव सरखड़ी, अमझरा,नाराहट,जमौरा की करीब 22 हजार की आबादी को इस पीएचसी का लाभ मिलता था, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर न होने से मरीजों को जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
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बिजली कनेक्शन खराब, इनवर्टर की बैटरियां भी खराब
अस्पताल में बिजली आपूर्ति के लिए कनेक्शन कराया गया था। साथ ही बिजली गुल होने पर इनवर्टर की व्यवस्था भी की गई थी, लेकिन एक साल से बिजली खराब पड़ी है और इनवर्टर की बैटरियां भी खराब हो चुकी हैं।
नलकूप बंद पड़ा और दो हैंडपंप भी खराब
पेयजल के लिए अस्पताल में नलकूप बिजली नहीं मिलने के कारण बंद पड़ा है। जबकि चार हैंडपंपों में दो खराब पड़े और दो का पानी खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं है। स्टाफ को घर से बोतल में पानी लाना पड़ता है।

डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्स आवास में लटके ताले
अस्पताल परिसर में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्स के रहने के लिए बनाए गए आवासों में ताले लटक रहे हैं। वहीं परिसर में फैली जंगली घास से जहरीले कीड़े मकोड़े का बी खतरा बना रहता है। सफाई कर्मी ने इस खास को साफ करने की जहमत भी नहीं उठाई।
अस्पताल में जल्द ही डॉक्टर की तैनाती की जाएगी। वहां अन्य व्यवस्थाओं में बिजली और पानी की व्यवस्था भी सुधारवाएंगे।-डॉ.जेएस बक्शी, प्रभारी सीएमओ
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