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Lalitpur News: सुप्रीम कोर्ट ने अवैध मतों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तालबेहट ब्लॉक प्रमुखी को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में है। सोमवार को इस प्रकरण की सुनवाई हुई। मतगणना के दौरान अवैध पाए गए छह मतपत्रों को सुप्रीम कोर्ट ने अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। तालबेहट ब्लाॅक प्रमुखी का चुनाव विजय सिंंह उर्फ गोलू राजा और राजदीप सिंह बुंदेला के बीच हुआ था। 10 जुलाई 2021 को हुई मतगणना में छह मत अवैध घोषित करते हुए एक मत से विजय सिंह को विजयी घोषित किया गया था। राजदीप ने जिला न्यायालय में वाद दायर किया था। उन्होंने अवैध मत पत्रों को अपने पक्ष में बताते हुए विजयी घोषित करने की मांग की थी। जिला न्यायालय ने अवैध मतपत्रों की जांच की तो एक मतपत्र वैध पाया गया, जो राजदीप के पक्ष में था। इसके बाद दोनों के मत बराबर होने के कारण पर्ची निकलवाई गई। राजदीप को सात मार्च 2024 को विजयी घोषित किया गया।
इस फैसले के खिलाफ विजय सिंह ने उच्च न्यायालय प्रयागराज की शरण ली। करीब आठ माह बाद 28 नवंबर 2024 को उच्च न्यायालय ने जिला जज के आदेश को निरस्त करते हुए विजय सिंह के पक्ष में आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ राजदीप बुंदेला ने उच्चतम न्यायालय में अपील की। उच्चतम न्यायालय ने छह मतपत्रों सहित जिलाधिकारी को सोमवार को उपस्थित होने का आदेश दिया था। सोमवार को उच्चतम न्यायालय में जिला प्रशासन ने छह अवैध मतपत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इन मतपत्रों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। अगली सुनवाई की तारीख 14 फरवरी लगाई है।ी
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ललितपुर। तालबेहट ब्लॉक प्रमुखी को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में है। सोमवार को इस प्रकरण की सुनवाई हुई। मतगणना के दौरान अवैध पाए गए छह मतपत्रों को सुप्रीम कोर्ट ने अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। तालबेहट ब्लाॅक प्रमुखी का चुनाव विजय सिंंह उर्फ गोलू राजा और राजदीप सिंह बुंदेला के बीच हुआ था। 10 जुलाई 2021 को हुई मतगणना में छह मत अवैध घोषित करते हुए एक मत से विजय सिंह को विजयी घोषित किया गया था। राजदीप ने जिला न्यायालय में वाद दायर किया था। उन्होंने अवैध मत पत्रों को अपने पक्ष में बताते हुए विजयी घोषित करने की मांग की थी। जिला न्यायालय ने अवैध मतपत्रों की जांच की तो एक मतपत्र वैध पाया गया, जो राजदीप के पक्ष में था। इसके बाद दोनों के मत बराबर होने के कारण पर्ची निकलवाई गई। राजदीप को सात मार्च 2024 को विजयी घोषित किया गया।
इस फैसले के खिलाफ विजय सिंह ने उच्च न्यायालय प्रयागराज की शरण ली। करीब आठ माह बाद 28 नवंबर 2024 को उच्च न्यायालय ने जिला जज के आदेश को निरस्त करते हुए विजय सिंह के पक्ष में आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ राजदीप बुंदेला ने उच्चतम न्यायालय में अपील की। उच्चतम न्यायालय ने छह मतपत्रों सहित जिलाधिकारी को सोमवार को उपस्थित होने का आदेश दिया था। सोमवार को उच्चतम न्यायालय में जिला प्रशासन ने छह अवैध मतपत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इन मतपत्रों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। अगली सुनवाई की तारीख 14 फरवरी लगाई है।ी
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