फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Subsidy available only on purchasing agricultural machinery from an authorized dealer.

Lalitpur News: अधिकृत विक्रेता से ही कृषि यंत्र लेने पर मिलेगा अनुदान

Fri, 28 Aug 2026 11:45 PM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Fri, 28 Aug 2026 11:45 PM IST
विज्ञापन
Subsidy available only on purchasing agricultural machinery from an authorized dealer.
ललितपुर। शासन ने कृषि यंत्रों के विक्रय में पारदर्शिता लाने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। अब केवल पोर्टल पर पंजीकृत निर्माता कंपनियों के अधिकृत विक्रेता ही कृषि यंत्र बेच सकेंगे। अपंजीकृत कंपनियों या विक्रेताओं से खरीदे गए यंत्रों पर किसानों को कोई अनुदान नहीं मिलेगा।
विज्ञापन

कृषि निदेशालय ने यह नियम नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन सहित कई योजनाओं के तहत लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण यंत्र उपलब्ध कराना और सरकारी अनुदान का सही वितरण सुनिश्चित करना है। कृषि विभाग द्वारा विकसित upyantratracking.in पोर्टल पर कंपनियों, विक्रेताओं और डीलरों का पंजीकरण अनिवार्य है। सभी आवश्यक विवरण भरना और संबंधित अभिलेख अपलोड करना भी जरूरी होगा। पोर्टल पर दर्ज कृषि यंत्रों का विवरण और विक्रेता द्वारा जारी किए गए बिल के आधार पर ही अनुदान मिलेगा। यदि बिल अपलोड करने के बाद सत्यापन के समय मौके पर यंत्र उपलब्ध नहीं मिलता है, तो आवेदन निरस्त होगा। यंत्र के सीरियल नंबर, मानक, प्रकार या अभिलेखों में अंतर पाए जाने पर भी आवेदन निरस्त किया जाएगा। संबंधित फर्म या विक्रेता को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


यूनिक सीरियल नंबर की अनिवार्यता
दस हजार रुपये तक के अनुदान वाले कृषि यंत्रों और कृषि रक्षा उपकरणों को छोड़कर, सभी शक्तिचालित कृषि यंत्रों में यूनिक सीरियल नंबर अनिवार्य है। यह नंबर कृषि यंत्र पर ही एंबोस्ड या लेजर कटिंग होना चाहिए। यदि नंबर अलग से वेल्डिंग किया गया है, तो ऐसे यंत्रों पर अनुदान नहीं मिलेगा। इसकी जिम्मेदारी विक्रेता की होगी। ट्रैक्टर और कंबाइन हार्वेस्टर पर सेंट्रलाइज्ड लेजर कटिंग कोड की अनिवार्यता नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुणवत्ता और भुगतान संबंधी निर्देश
दस हजार रुपये तक के अनुदानित यंत्र भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) या ISI संस्थाओं से परीक्षण कर पास होने चाहिए। यंत्र निर्माताओं को अपने डीलरों को यह भी निर्देश देना होगा। दस हजार रुपये से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों के विक्रय के लिए, कम से कम पचास फीसदी भुगतान लाभार्थी के स्वयं के बैंक खाते से हो। यह भुगतान बिल प्राप्त होने की तारीख या उससे पहले अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed