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छात्रों को खल रही विषयों की कमी
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Mon, 21 Sep 2015 01:41 AM IST
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ललितपुर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में विषयों की कमी खल रही है। किसी
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कालेज में विज्ञान नहीं है तो किसी में कामर्स अथवा कृषि विषय नहीं है। इन
हालातों में छात्र-छात्राओं को बेमन से विषय चयनित करने पड़ रहे हैं।
जनपद के छात्र अकेले स्कूल व कालेजों की कमी से परेशान नहीं हैं, बल्कि उन्हें विषयों की कमी से भी दो-चार होना पड़ रहा है। नगर के विद्यालयों में ही विभिन्न विषयों का अभाव है। जहां जीजीआईसी ललितपुर व महरौनी में कामर्स की कक्षाएं संचालित नहीं हैं, वहीं नगर पालिका बालिका इंटर कालेज में विज्ञान की कक्षाओं का अभाव बना हुआ है। राजकीय इंटर कालेज ललितपुर में मानविकी वर्ग, कामर्स और कृषि के विषय नहीं है।
पीएन इंटर कालेज में भी विज्ञान विषय नहीं है। सुधासागर इंटर कालेज में विज्ञान विषय नहीं है, जिससे छात्राओं को जीजीआईसी पर निर्भर रहना पड़ता है। दीवान रघुनाथ सिंह इंटर कालेज में कामर्स नहीं है। बुंदेलखंड इंटर कालेज, वीणा वादिनी इंटर कालेज तेरई फाटक और दीवान प्रताप सिंह इंटर कालेज में ही कृषि की कक्षाएं संचालित हैं। स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज में मानविकी व विज्ञान विषय ही है। नगर में वर्णी जैन इंटर कालेज व सरस्वती ज्ञान मंदिर बालिका इंटर कालेज में ही कामर्स की सुविधा है। पाली स्थित जिला परिषद इंटर कालेज में मानविकी वर्ग की कक्षाएं ही संचालित होती हैं। यही हाल महात्मा ज्योतिबा फुले इंटर कालेज सौरई का है, इसमें आर्ट विषय की पढ़ाई होती है। जिससे विज्ञान और कृषि पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को यहां वहां भटकना पड़ता है। जिले का इकलौता दिगंबर महावीर जैन संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साढ़मूल उपेक्षा का शिकार है। यहां प्रधानाचार्य से लेकर सहायक अध्यापकों के सभी पद रिक्त हैं। जिस कारण अभिभावक शिक्षक संघ के तहत शिक्षक रखे गए हैं। इससे छात्र-छात्राओं की समस्याओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जनपद के छात्र अकेले स्कूल व कालेजों की कमी से परेशान नहीं हैं, बल्कि उन्हें विषयों की कमी से भी दो-चार होना पड़ रहा है। नगर के विद्यालयों में ही विभिन्न विषयों का अभाव है। जहां जीजीआईसी ललितपुर व महरौनी में कामर्स की कक्षाएं संचालित नहीं हैं, वहीं नगर पालिका बालिका इंटर कालेज में विज्ञान की कक्षाओं का अभाव बना हुआ है। राजकीय इंटर कालेज ललितपुर में मानविकी वर्ग, कामर्स और कृषि के विषय नहीं है।
पीएन इंटर कालेज में भी विज्ञान विषय नहीं है। सुधासागर इंटर कालेज में विज्ञान विषय नहीं है, जिससे छात्राओं को जीजीआईसी पर निर्भर रहना पड़ता है। दीवान रघुनाथ सिंह इंटर कालेज में कामर्स नहीं है। बुंदेलखंड इंटर कालेज, वीणा वादिनी इंटर कालेज तेरई फाटक और दीवान प्रताप सिंह इंटर कालेज में ही कृषि की कक्षाएं संचालित हैं। स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज में मानविकी व विज्ञान विषय ही है। नगर में वर्णी जैन इंटर कालेज व सरस्वती ज्ञान मंदिर बालिका इंटर कालेज में ही कामर्स की सुविधा है। पाली स्थित जिला परिषद इंटर कालेज में मानविकी वर्ग की कक्षाएं ही संचालित होती हैं। यही हाल महात्मा ज्योतिबा फुले इंटर कालेज सौरई का है, इसमें आर्ट विषय की पढ़ाई होती है। जिससे विज्ञान और कृषि पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को यहां वहां भटकना पड़ता है। जिले का इकलौता दिगंबर महावीर जैन संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साढ़मूल उपेक्षा का शिकार है। यहां प्रधानाचार्य से लेकर सहायक अध्यापकों के सभी पद रिक्त हैं। जिस कारण अभिभावक शिक्षक संघ के तहत शिक्षक रखे गए हैं। इससे छात्र-छात्राओं की समस्याओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।