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Lalitpur News: विद्यार्थियों को एआई के दुरुपयोग से सावधान रहने की जरूरत
Sun, 27 Sep 2026 01:48 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Sun, 27 Sep 2026 01:48 AM IST
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ललितपुर। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के असिस्टेंट प्रोफेसर मुकेश पंत ने कहा। मनोविज्ञान में कॅरिअर की असीम संभावनाएं हैं। यह एक रोजगारपरक विषय है। विद्यार्थी शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, शोध, उद्योग, प्रशासन, परामर्श और सामाजिक सेवा में कॅरिअर बना सकते हैं। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को एआई के दुरुपयोग से सावधान रहने की सलाह दी।
नेहरू महाविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग में प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश शास्त्री के निर्देशन में कला संकाय विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित संगोष्ठी में डॉ.आशा साहू ने कहा कि मनोविज्ञान व्यक्ति को स्वयं को समझने, अपने व्यवहार को प्रभावी बनाने और दूसरों के साथ स्वस्थ संबंध स्थापित करने में सहायता करता है। सामाजिक स्तर पर यह बेहतर संचार, सहयोग, समायोजन, संघर्ष समाधान और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए मनोविज्ञान व्यक्ति और समाज दोनों के स्वस्थ एवं संतुलित विकास का महत्वपूर्ण विज्ञान है।
कार्यक्रम संयोजक एवं मनोविज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि मनोविज्ञान विभाग का उद्देश्य ना केवल मनोविज्ञान का ज्ञान प्रदान करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में मनोवैज्ञानिक सोच, मानवीय संवेदनशीलता, शोध क्षमता, संचार कौशल, व्यावहारिक समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना भी हैं। मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सूबेदार यादव ने बताया कि विद्यार्थियों को एआई के दुरुपयोग से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने पाठ्यक्रम, मिडटर्म परीक्षा एवं अधिन्यास के महत्व पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग की छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
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नेहरू महाविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग में प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश शास्त्री के निर्देशन में कला संकाय विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित संगोष्ठी में डॉ.आशा साहू ने कहा कि मनोविज्ञान व्यक्ति को स्वयं को समझने, अपने व्यवहार को प्रभावी बनाने और दूसरों के साथ स्वस्थ संबंध स्थापित करने में सहायता करता है। सामाजिक स्तर पर यह बेहतर संचार, सहयोग, समायोजन, संघर्ष समाधान और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए मनोविज्ञान व्यक्ति और समाज दोनों के स्वस्थ एवं संतुलित विकास का महत्वपूर्ण विज्ञान है।
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कार्यक्रम संयोजक एवं मनोविज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि मनोविज्ञान विभाग का उद्देश्य ना केवल मनोविज्ञान का ज्ञान प्रदान करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में मनोवैज्ञानिक सोच, मानवीय संवेदनशीलता, शोध क्षमता, संचार कौशल, व्यावहारिक समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना भी हैं। मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सूबेदार यादव ने बताया कि विद्यार्थियों को एआई के दुरुपयोग से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने पाठ्यक्रम, मिडटर्म परीक्षा एवं अधिन्यास के महत्व पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग की छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
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