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Lalitpur News: विद्यार्थियों ने मनाया रानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिन, दीपक जलाकर किया नमन
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चित्रों में उकेरी लक्ष्मीबाई की छवि, छात्राओं ने पहनी लक्ष्मीबाई की पोशाक
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्वतंत्रता संग्राम में प्रमुख भूमिका निभानी वाली वीरांगना लक्ष्मीबाई की जयंती पर विद्यालयों में बच्चों ने उनके चित्र के समक्ष दीप जलाए और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। छात्रों ने चित्रकला के माध्यम से बाईसा की छवि को उकेरा।
जिले के विद्यालयों में महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाई गई। इसमें संविलयन उच्च प्राथमिक विद्यालय डुलावन, प्राथमिक विद्यालय खड़ेरा सहित अन्य विद्यालयों में कई कार्यक्रम हुए। शिक्षकों ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1835 को वाराणसी में हुआ था। इनका नाम मणिकर्णिका था। बचपन में इन्हें प्यार से मनु कहकर बुलाते थे। उनकी शादी झांसी के महाराजा से हुई थी। महरानी लक्ष्मीबाई ने संकल्प लिया था कि वह अंतिम सांस तक झांसी के किले पर फिरंगियों का झंडा नहीं फहराने देंगी। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने चित्रकला के माध्यम से रानी लक्ष्मीबाई का चित्र की पेटिंग की। वहीं, छात्राओं ने लक्ष्मीबाई की पोशाक पहनकर उनका स्वरूप रखा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्वतंत्रता संग्राम में प्रमुख भूमिका निभानी वाली वीरांगना लक्ष्मीबाई की जयंती पर विद्यालयों में बच्चों ने उनके चित्र के समक्ष दीप जलाए और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। छात्रों ने चित्रकला के माध्यम से बाईसा की छवि को उकेरा।
जिले के विद्यालयों में महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाई गई। इसमें संविलयन उच्च प्राथमिक विद्यालय डुलावन, प्राथमिक विद्यालय खड़ेरा सहित अन्य विद्यालयों में कई कार्यक्रम हुए। शिक्षकों ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1835 को वाराणसी में हुआ था। इनका नाम मणिकर्णिका था। बचपन में इन्हें प्यार से मनु कहकर बुलाते थे। उनकी शादी झांसी के महाराजा से हुई थी। महरानी लक्ष्मीबाई ने संकल्प लिया था कि वह अंतिम सांस तक झांसी के किले पर फिरंगियों का झंडा नहीं फहराने देंगी। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने चित्रकला के माध्यम से रानी लक्ष्मीबाई का चित्र की पेटिंग की। वहीं, छात्राओं ने लक्ष्मीबाई की पोशाक पहनकर उनका स्वरूप रखा।
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