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आसमान के सितारे जमीन पर उतारे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Oct 2016 09:52 PM IST
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puja, lalitpur news
- फोटो : demo
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शहर के लोगों ने दीपावली पर उत्साह से घरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाए। दीपों की रोशनी से आसमान के सितारे जमीन पर उतरे नजर आए। पूरा शहर रोशनी से नहा उठा। गलियां, सड़कें रोशनी में डूब गईं। लोगों ने शुभ मुहूर्त पर श्रीलक्ष्मी-गणेश का पूजन कर सुख समृद्धि की कामना की। लोगों ने एक-दूसरे को दीपपर्व की शुभकामनाएं दीं। इससे पूर्व श्रीतुवन मंदिर प्रांगण में लगाई गईं आधा सैकड़ा पटाखों की दुकानों पर लोग जुटे रहे। हालांकि, इस दौरान चाइनीज सामान के बहिष्कार का साफ असर देखा गया। दुकानदारों ने खुद ही चाइनीज पटाखों को बाजारों में ही नहीं उतारा।
शहर में दीप पर्व श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। लोगों ने दीपोत्सव पर घरों, सार्वजनिक स्थानों समेत कई जगहों पर दीप जलाए। नौजवानों और बच्चों ने पटाखे जलाकर खुशी मनाई। दीपों की टिमटिमाहट और आतिशबाजी से पूरा नगर जगमगा उठा। ऐसा दृश्य बना जैसे आसमान के सितारे जमीन पर उतर आए हों। इस बार घंटाघर पर दीपावली के पूजन की सामग्री बेचने के लिए बड़े स्तर पर बाजार लगाया गया। करीब चार सौ मीटर लंबाई में बीच सड़क पर बाजार सजा रहा। व्यापारियों ने नई तकनीक के आकर्षक पटाखे और झालरें उतारीं। बाजार में खूब चहल-पहल देखी गई। छोटी दीपावली के दिन शनिवार को तो आधी रात तक बाजार में रौनक रही। वहीं, दीपावली के दिन रविवार को सुबह से ही बाजार में खरीदारी शुरू कर दी गई थी। वहीं, ट्रैफिक कर्मियों द्वारा प्रधान डाकघर तिराहे पर और दूसरी ओर सावरकर चौक पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का बेरीकेडिंग लगा दी। लेकिन, प्रधान डाकघर तिराहे के पास अस्थाई ऑटो संचालन के चलते ट्रैफिक व्यवस्था गड़बड़ाई रही। देर शाम तक लोगों द्वारा लक्ष्मीपूजन सामग्री की खरीद चलती रही। इसके बाद रविवार की शाम को शुभ मुहुर्त में लोगों ने प्रदोष काल में पूजन करना शुरू कर दिया। लोगों ने श्रीलक्ष्मीजी का आह्वान किया और मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन किया। घरों व प्रतिष्ठानों और पूज्य स्थलों व मंदिरों में दीपों को उजियारा छा गया। लोगों द्वारा घरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। लक्ष्मीपूजन होते ही गली-मुहल्लों व मुख्य सड़कों पर पटाखों की आवाजें गूंज उठीं। सभी ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं और छोटों ने बड़ों का आशीर्वाद लेकर दीपोत्सव मनाया। लक्ष्मीपूजन के बाद बधाईयों व पटाखे जलाने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
महाबली हनुमान को चोला चढ़ाया
शनिवार को श्रीराम भक्त की हनुमानजी की जयंती श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाई गई। महावीरपुरा स्थित मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त से ही हनुमानजी के दर्शनार्थ लोगों की भीड़ लगी रही। मंदिरों में हनुमानजी का भव्य श्रंगार किया गया। सुंदरकांडपाठ, आरती और प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
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में स्थित विभिन्न हनुमान मंदिरों में हनुमान जयंती पर भव्य श्रंगार के बाद पूजन-अर्चन और सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। श्रीतुवन मंदिर और महावीरपुरा हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं ने हनुमानजी को चोला अर्पित किया और भगवान को सिंदूर लगाया। कहते हैं श्रीहनुमानजी को सिंदूर बहुत पसंद है और जो भी चोला चढ़ाने के साथ ही सिंदूर भी अर्पित करता है, वह भगवान को बहुत प्रिय होता है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। महावीरपुरा में स्थित हनुमान मंदिर पर शनिवार की शाम भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। देर रात तक चले सुंदरकांड में दर्जनों लोग शामिल रहे। सुंदरकांड पाठ के बाद हनुमानजी की आरती की गई। इसके बाद मंदिर समिति द्वारा प्रसाद वितरण किया गया।
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शहर में दीप पर्व श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। लोगों ने दीपोत्सव पर घरों, सार्वजनिक स्थानों समेत कई जगहों पर दीप जलाए। नौजवानों और बच्चों ने पटाखे जलाकर खुशी मनाई। दीपों की टिमटिमाहट और आतिशबाजी से पूरा नगर जगमगा उठा। ऐसा दृश्य बना जैसे आसमान के सितारे जमीन पर उतर आए हों। इस बार घंटाघर पर दीपावली के पूजन की सामग्री बेचने के लिए बड़े स्तर पर बाजार लगाया गया। करीब चार सौ मीटर लंबाई में बीच सड़क पर बाजार सजा रहा। व्यापारियों ने नई तकनीक के आकर्षक पटाखे और झालरें उतारीं। बाजार में खूब चहल-पहल देखी गई। छोटी दीपावली के दिन शनिवार को तो आधी रात तक बाजार में रौनक रही। वहीं, दीपावली के दिन रविवार को सुबह से ही बाजार में खरीदारी शुरू कर दी गई थी। वहीं, ट्रैफिक कर्मियों द्वारा प्रधान डाकघर तिराहे पर और दूसरी ओर सावरकर चौक पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का बेरीकेडिंग लगा दी। लेकिन, प्रधान डाकघर तिराहे के पास अस्थाई ऑटो संचालन के चलते ट्रैफिक व्यवस्था गड़बड़ाई रही। देर शाम तक लोगों द्वारा लक्ष्मीपूजन सामग्री की खरीद चलती रही। इसके बाद रविवार की शाम को शुभ मुहुर्त में लोगों ने प्रदोष काल में पूजन करना शुरू कर दिया। लोगों ने श्रीलक्ष्मीजी का आह्वान किया और मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन किया। घरों व प्रतिष्ठानों और पूज्य स्थलों व मंदिरों में दीपों को उजियारा छा गया। लोगों द्वारा घरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। लक्ष्मीपूजन होते ही गली-मुहल्लों व मुख्य सड़कों पर पटाखों की आवाजें गूंज उठीं। सभी ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं और छोटों ने बड़ों का आशीर्वाद लेकर दीपोत्सव मनाया। लक्ष्मीपूजन के बाद बधाईयों व पटाखे जलाने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
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महाबली हनुमान को चोला चढ़ाया
शनिवार को श्रीराम भक्त की हनुमानजी की जयंती श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाई गई। महावीरपुरा स्थित मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त से ही हनुमानजी के दर्शनार्थ लोगों की भीड़ लगी रही। मंदिरों में हनुमानजी का भव्य श्रंगार किया गया। सुंदरकांडपाठ, आरती और प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
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में स्थित विभिन्न हनुमान मंदिरों में हनुमान जयंती पर भव्य श्रंगार के बाद पूजन-अर्चन और सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। श्रीतुवन मंदिर और महावीरपुरा हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं ने हनुमानजी को चोला अर्पित किया और भगवान को सिंदूर लगाया। कहते हैं श्रीहनुमानजी को सिंदूर बहुत पसंद है और जो भी चोला चढ़ाने के साथ ही सिंदूर भी अर्पित करता है, वह भगवान को बहुत प्रिय होता है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। महावीरपुरा में स्थित हनुमान मंदिर पर शनिवार की शाम भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। देर रात तक चले सुंदरकांड में दर्जनों लोग शामिल रहे। सुंदरकांड पाठ के बाद हनुमानजी की आरती की गई। इसके बाद मंदिर समिति द्वारा प्रसाद वितरण किया गया।