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दूध वितरण में बीईओ से स्पष्टीकरण तलब
ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2016 12:16 AM IST
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ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शत-प्रतिशत विद्यालयों में दूध का वितरण नहीं होने पर खंड शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसमें कहा गया कि एक से 26 फरवरी के मध्य कई विद्यालयों में दूध वितरण नहीं किया गया है, जिससे पता चलता है कि योजना में शिथिलता बरती जा रही है।
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए मध्याह्न भोजन योजना चलाई जा रही है। योजनांतर्गत प्रत्येक बुधवार को बच्चों को तहरीर व दूध वितरित करने के निर्देश हैं, जिससे कि बच्चों को कैलोरी व प्रोटीन प्राप्त हो सके।
लेकिन, शासन के निर्देश के बाद भी शत- प्रतिशत विद्यालयों में दूध का वितरण नहीं हो पा रहा है। 24 फरवरी को जिले के 1,560 में से 1,422 विद्यालयों में दूूूध वितरण किया गया था। इससे पहले भी 1,400 विद्यालयों में दूध वितरित किया गया था। इसे संज्ञान में लेकर मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने बीएसए एसपी यादव से जवाब- तलब किया है।
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इस पर उन्होंने समस्त खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांग लिया है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि शत- प्रतिशत विद्यालयों में दूध वितरित नहीं किए जाने पर चेेतावनी निर्गत की गई है। यही नहीं, उन्होंने दूध वितरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्घ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने लिखा कि एक जनवरी से 26 फरवरी के मध्य दूध वितरण नहीं किए जाने वाले विद्यालयों के संबंध में तीन दिवस में अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं। अन्यथा की स्थिति में शिथिलता बरतने के संबंध में शासन को अवगत करा दिया जाएगा।
सख्ती का दिखा असर
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के सख्त रुख का असर विभागीय कर्मियों पर दिखा है। कई विभागीय कर्मियों ने विद्यालयों में दूध वितरण का सत्यापन किया है।
उदासीन बनी टास्क फोर्स
मिड डे मील की निगरानी के लिए जिला एवं ब्लाकस्तरीय टास्क फोर्स गठित की गई हैं, लेकिन टास्क फोर्स के अधिकांश अधिकारियों को स्कूल जाने की फुर्सत नहीं है। इससे दूध वितरण की सच्चाई सबके सामने नहीं आ पा रही है।
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परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए मध्याह्न भोजन योजना चलाई जा रही है। योजनांतर्गत प्रत्येक बुधवार को बच्चों को तहरीर व दूध वितरित करने के निर्देश हैं, जिससे कि बच्चों को कैलोरी व प्रोटीन प्राप्त हो सके।
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लेकिन, शासन के निर्देश के बाद भी शत- प्रतिशत विद्यालयों में दूध का वितरण नहीं हो पा रहा है। 24 फरवरी को जिले के 1,560 में से 1,422 विद्यालयों में दूूूध वितरण किया गया था। इससे पहले भी 1,400 विद्यालयों में दूध वितरित किया गया था। इसे संज्ञान में लेकर मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने बीएसए एसपी यादव से जवाब- तलब किया है।
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इस पर उन्होंने समस्त खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांग लिया है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि शत- प्रतिशत विद्यालयों में दूध वितरित नहीं किए जाने पर चेेतावनी निर्गत की गई है। यही नहीं, उन्होंने दूध वितरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्घ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने लिखा कि एक जनवरी से 26 फरवरी के मध्य दूध वितरण नहीं किए जाने वाले विद्यालयों के संबंध में तीन दिवस में अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं। अन्यथा की स्थिति में शिथिलता बरतने के संबंध में शासन को अवगत करा दिया जाएगा।
सख्ती का दिखा असर
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के सख्त रुख का असर विभागीय कर्मियों पर दिखा है। कई विभागीय कर्मियों ने विद्यालयों में दूध वितरण का सत्यापन किया है।
उदासीन बनी टास्क फोर्स
मिड डे मील की निगरानी के लिए जिला एवं ब्लाकस्तरीय टास्क फोर्स गठित की गई हैं, लेकिन टास्क फोर्स के अधिकांश अधिकारियों को स्कूल जाने की फुर्सत नहीं है। इससे दूध वितरण की सच्चाई सबके सामने नहीं आ पा रही है।