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ललितपुर में पानी के लिए हाहाकार.. अब कुछ तो करो सरकार
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हाथ ठेले से पानी ढोता परिवार
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। जल संस्थान की दो मोटरों के पंप में खराबी आने से शहर के विभिन्न मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति का संकट गहरा गया। शुक्रवार को लोअर जोन व अपर जोन में जलापूर्ति बाधित रही। इससे लोग हैंडपंपों पर बर्तन लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
शहर में जल संस्थान आपूर्ति बाधित करने वाली समस्याओं से उभर नहीं पा रहा है। जहां कभी मोटर जलने, मोटर खराब होने, विद्युत आपूर्ति बाधित होने से टंकी न भरना, वाल्टेज कम आना तो कभी पाइप लाइन फटने आदि समस्याएं बनी रहती है। इनमें अधिकांश समस्याएं केवल गर्मी के मौसम में आती है। जबकि पानी का अधिक उपयोग गर्मी के मौसम में ही होता है। लेकिन शहरवासियों की समस्याओं का अब तक कई वर्ष बीतने के बाद भी निस्तारण नहीं हो सका है।
शुक्रवार को जल संस्थान की दो मोटरों में खराब आनी से लोअर जोन की आपूर्ति बाधित रही। यहां पर चौबयाना, रावरपुरा, सरदारपुरा, बड़ापुरा, चिरौलपुरा, विष्णुपुरा आदि अन्य मोहल्लों में पेयजल संकट बना रहा। यहां पर लोगों को पानी भरने के लिए हैंडपंपों का सहरा लेना पड़ा। गर्मी के मौसम में कई हैंडपंप भी पानी छोड़ दे रहे हैं। ऐसे में कड़ी मशक्कत के बाद दूरी से पानी लाने को मजबूर हो गए। शहवासी पानी के लिए चिलचिलाती धूप में भी बर्तन लेकर पानी जुटाते रहे।
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इसके अलावा शहर के मोहल्ला नेहरुनगर वार्ड नंबर तीन में आए दिन पेयजल आपूर्ति गड़बड़ा रही है। यहां गलियों में पानी की त्राहि-त्राहि मची हुई है। शुक्रवार को नल से मात्र पांच मिनट के लिए आपूर्ति हुई, इससे कईयों के एक बर्तन भी नहीं भर सके। मायूस होकर हैंडंपपों का सहारा लेने के लिए निकले।
शहर की आबादी का कुछ हिस्सा रेलवे लाइन के पर नेहरुनगर में निवास करता है। जहां पर पेयजल का संकट शुरुवात से ही बना हुआ है। यहां पर अब तक नियमित जलापूर्ति नहीं हो सकी है। लोगों को गर्मी के मौसम में पानी का संकट छा जाता है। यहां पर अधिकांश लोग हैंडपंपों पर चिल चिलाती धूप में भी बर्तन लिए पहुंचते हैं।
ऐसी ही स्थिति शु्क्रवार को नेहरुनगर की रही। जहां पर नलों से मात्र पांच मिनट तक ही पेयजलापूर्ति हुई। सुबह जब मोहल्लेवासी नलों के आने पर पानी के इंतजार में बैठे थे, कि नलों से पानी आया तो कई परिवार प्यासे बैठे रहे। कई लोग केवल चार डिब्बे भर पाए तो किसी ने छह डिब्बे भरे और नल चले गए। ऐसे में मोहल्लेवासियों का पूरा पानी नहीं भरा जा सका
नलों के जाते ही नेहरुनगर के वासिंदों में मायूसी छा गई। लोग जल संस्थान के अधिकारियों को कोसते हुए बर्तन लेकर हैंडपंप पर पहुंच गए। जहां पानी भरने वालों की लंबी कतार लगी नजर आई। अधिक भीड़ होने से कई बार हैंडपंप पर लड़ाई झगड़े हो रहे हैं। मुहल्ले वासियों ने बताया कि मुहल्ले में नल प्रेशर से नही आ रहे हैं और नल जब भी आते है तो अधिकतम मात्र 15 मिनट तक आ रहे हैं। लोगों को सुबह चार बजे उठकर पानी जुटाना पड़ रहा है। जैसे ही मुहल्ले में पानी का टैंकर आता है, तो मुहल्लेवासी अपने अपने डिब्बा व टंकी लेकर पानी के टैंकर पर पानी भरने के लिये दौड़ पड़ते है और पानी भरने के लिये टैंकर पर मुहल्ले वासियों की भारी भीड़ लग जाती है और पांच मिनट में पूरा पानी का टैंकर खाली हो जाता है। ऐसे में नेहरू नगरवासियों में जल संस्थान के खिलाफ पानी के लिये भारी आक्रोश पनप रहा है जो कभी भी फूट सकता है।
मोहल्ले में नलों से पानी की आपूर्ति नहीं हो रहीहै। एक किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर है। - पार्वती
गर्मी के मौसम में नेहरुनगर क्षेत्र में पानी की समस्या विकराल हो जाती है। यहां पर नलों में पानी नहीं आता है। हैंडपंप भी पानी छोड़ देते हैं। - हरी
पानी जुटान के लिए सुबह चार बजे से उठकर पानी भरना पड़ रहा है। कई बार नलों से पानी न आने की शिकायत कर चुके, लेकिन कोई सुुधार नहीं हो सका है। - सुनील
पानी जुटान के चलते घर का काम समय पर नहीं हो पा रहा है। पानी जुटाने में ही आधा दिन निकल जाता है। - रामबाई
मोटर पंपों की मरम्मत कराई जा रही है। शनिवार को लोगों को भरपूर पानी मिलने की उम्मीद है। - संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
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शहर में जल संस्थान आपूर्ति बाधित करने वाली समस्याओं से उभर नहीं पा रहा है। जहां कभी मोटर जलने, मोटर खराब होने, विद्युत आपूर्ति बाधित होने से टंकी न भरना, वाल्टेज कम आना तो कभी पाइप लाइन फटने आदि समस्याएं बनी रहती है। इनमें अधिकांश समस्याएं केवल गर्मी के मौसम में आती है। जबकि पानी का अधिक उपयोग गर्मी के मौसम में ही होता है। लेकिन शहरवासियों की समस्याओं का अब तक कई वर्ष बीतने के बाद भी निस्तारण नहीं हो सका है।
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शुक्रवार को जल संस्थान की दो मोटरों में खराब आनी से लोअर जोन की आपूर्ति बाधित रही। यहां पर चौबयाना, रावरपुरा, सरदारपुरा, बड़ापुरा, चिरौलपुरा, विष्णुपुरा आदि अन्य मोहल्लों में पेयजल संकट बना रहा। यहां पर लोगों को पानी भरने के लिए हैंडपंपों का सहरा लेना पड़ा। गर्मी के मौसम में कई हैंडपंप भी पानी छोड़ दे रहे हैं। ऐसे में कड़ी मशक्कत के बाद दूरी से पानी लाने को मजबूर हो गए। शहवासी पानी के लिए चिलचिलाती धूप में भी बर्तन लेकर पानी जुटाते रहे।
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इसके अलावा शहर के मोहल्ला नेहरुनगर वार्ड नंबर तीन में आए दिन पेयजल आपूर्ति गड़बड़ा रही है। यहां गलियों में पानी की त्राहि-त्राहि मची हुई है। शुक्रवार को नल से मात्र पांच मिनट के लिए आपूर्ति हुई, इससे कईयों के एक बर्तन भी नहीं भर सके। मायूस होकर हैंडंपपों का सहारा लेने के लिए निकले।
शहर की आबादी का कुछ हिस्सा रेलवे लाइन के पर नेहरुनगर में निवास करता है। जहां पर पेयजल का संकट शुरुवात से ही बना हुआ है। यहां पर अब तक नियमित जलापूर्ति नहीं हो सकी है। लोगों को गर्मी के मौसम में पानी का संकट छा जाता है। यहां पर अधिकांश लोग हैंडपंपों पर चिल चिलाती धूप में भी बर्तन लिए पहुंचते हैं।
ऐसी ही स्थिति शु्क्रवार को नेहरुनगर की रही। जहां पर नलों से मात्र पांच मिनट तक ही पेयजलापूर्ति हुई। सुबह जब मोहल्लेवासी नलों के आने पर पानी के इंतजार में बैठे थे, कि नलों से पानी आया तो कई परिवार प्यासे बैठे रहे। कई लोग केवल चार डिब्बे भर पाए तो किसी ने छह डिब्बे भरे और नल चले गए। ऐसे में मोहल्लेवासियों का पूरा पानी नहीं भरा जा सका
नलों के जाते ही नेहरुनगर के वासिंदों में मायूसी छा गई। लोग जल संस्थान के अधिकारियों को कोसते हुए बर्तन लेकर हैंडपंप पर पहुंच गए। जहां पानी भरने वालों की लंबी कतार लगी नजर आई। अधिक भीड़ होने से कई बार हैंडपंप पर लड़ाई झगड़े हो रहे हैं। मुहल्ले वासियों ने बताया कि मुहल्ले में नल प्रेशर से नही आ रहे हैं और नल जब भी आते है तो अधिकतम मात्र 15 मिनट तक आ रहे हैं। लोगों को सुबह चार बजे उठकर पानी जुटाना पड़ रहा है। जैसे ही मुहल्ले में पानी का टैंकर आता है, तो मुहल्लेवासी अपने अपने डिब्बा व टंकी लेकर पानी के टैंकर पर पानी भरने के लिये दौड़ पड़ते है और पानी भरने के लिये टैंकर पर मुहल्ले वासियों की भारी भीड़ लग जाती है और पांच मिनट में पूरा पानी का टैंकर खाली हो जाता है। ऐसे में नेहरू नगरवासियों में जल संस्थान के खिलाफ पानी के लिये भारी आक्रोश पनप रहा है जो कभी भी फूट सकता है।
मोहल्ले में नलों से पानी की आपूर्ति नहीं हो रहीहै। एक किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर है। - पार्वती
गर्मी के मौसम में नेहरुनगर क्षेत्र में पानी की समस्या विकराल हो जाती है। यहां पर नलों में पानी नहीं आता है। हैंडपंप भी पानी छोड़ देते हैं। - हरी
पानी जुटान के लिए सुबह चार बजे से उठकर पानी भरना पड़ रहा है। कई बार नलों से पानी न आने की शिकायत कर चुके, लेकिन कोई सुुधार नहीं हो सका है। - सुनील
पानी जुटान के चलते घर का काम समय पर नहीं हो पा रहा है। पानी जुटाने में ही आधा दिन निकल जाता है। - रामबाई
मोटर पंपों की मरम्मत कराई जा रही है। शनिवार को लोगों को भरपूर पानी मिलने की उम्मीद है। - संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान