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चेक बाउंस होने पर छह माह की सजा, जुर्माना
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चेक बाउंस होने पर छह माह की सजा, जुर्माना
ललितपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निर्भय प्रकाश की अदालत ने चेक बाउंस होने के एक मामले में छह माह के कारावास एवं 3.80 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
मोहल्ला तालाबपुरा निवासी राजीव कुमार जैन ने अपर मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय मेें परिवाद दायर करके बताया था कि वह एवं उसके पिता ने आजादपुरा निवासी धीरज सिंह परमार के साथ मिलकर जेसीबी मशीनों को किराए पर देने में कमीशन का संयुक्त व्यवसाय किया था। कारोबार समाप्त होने के बाद धीरज सिंह के ऊपर उसे एवं उसके पिता को दो-दो लाख रुपये देने का हिसाब निकला। भुगतान के लिए उसे व उसके पिता को अलग-अलग तिथियों में दो-दो लाख रुपये के पोस्ट डेटेड चेक दे दिए गए। उक्त व्यक्ति ने इकरार नामा भी मेरे पिता को सौंपा था। जब वह चेक कैश कराने के लिए आठ जुलाई 2009 को बैंक में गया तो उसके खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने पर चेक बाउंस हो गया। जब चेक बाउंस होने का उलाहना दिया तो उसने 14 जुुलाई 2009 तक भुगतान करने की बात कही। लेकिन, उस दिन भी भुगतान नहीं किया गया। उक्त मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई करते हुए अभियुक्त धीरज सिंह को छह माह का कारावास एवं 3.80 लाख रुपये का जुुर्माना की सजा सुनाई है।
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ललितपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निर्भय प्रकाश की अदालत ने चेक बाउंस होने के एक मामले में छह माह के कारावास एवं 3.80 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
मोहल्ला तालाबपुरा निवासी राजीव कुमार जैन ने अपर मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय मेें परिवाद दायर करके बताया था कि वह एवं उसके पिता ने आजादपुरा निवासी धीरज सिंह परमार के साथ मिलकर जेसीबी मशीनों को किराए पर देने में कमीशन का संयुक्त व्यवसाय किया था। कारोबार समाप्त होने के बाद धीरज सिंह के ऊपर उसे एवं उसके पिता को दो-दो लाख रुपये देने का हिसाब निकला। भुगतान के लिए उसे व उसके पिता को अलग-अलग तिथियों में दो-दो लाख रुपये के पोस्ट डेटेड चेक दे दिए गए। उक्त व्यक्ति ने इकरार नामा भी मेरे पिता को सौंपा था। जब वह चेक कैश कराने के लिए आठ जुलाई 2009 को बैंक में गया तो उसके खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने पर चेक बाउंस हो गया। जब चेक बाउंस होने का उलाहना दिया तो उसने 14 जुुलाई 2009 तक भुगतान करने की बात कही। लेकिन, उस दिन भी भुगतान नहीं किया गया। उक्त मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई करते हुए अभियुक्त धीरज सिंह को छह माह का कारावास एवं 3.80 लाख रुपये का जुुर्माना की सजा सुनाई है।
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