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साइलेंट जोन में बजा रहे डीजे, जिम्मेदार बने हैं मौन

Wed, 27 Feb 2019 12:59 AM IST
lalitpur Published by: Pragyan dubey Updated Wed, 27 Feb 2019 12:59 AM IST
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silent zone lalitpurr
प्रशासन - फोटो : amar ujala
ललितपुर। साइलेंट जोन (ध्वनि मुक्त क्षेत्र) में लगातार नियमों की अनदेखी की जा रही है। जहां सहालग की सीजन में जहां डीजे ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं। वहीं, वाहनों में लगे प्रेशर हॉर्न लोगों में बेचैनी पैदा कर रहे हैं। बीते दिवस दोपहर में जिला अस्पताल के बगल से एक बारात निकली। इसी दौरान ध्वनि को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
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शासन द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए परिसर के आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह से ध्वनि मुक्त घोषित किया गया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने पर प्रतिबंध लगाया है। इससे लोगों को ध्वनि प्रदूषण से बचाया जा सके। लेकिन इसके बावजूद साइलेंट जोन में डीजे बजाए जा रहे हैं। इसके साथ ही सड़क से गुजरने वाले वाहन चालक प्रेशर हॉर्न का प्रयोग कर रहे हैं। इससे जिला अस्पताल भर्ती मरीजों को परेशानियां बढ़ रहीं है। साथ ही ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी परेशानी हो जाती है। वहीं, सामान्य लोगों को भी डीजे व प्रेशन हॉर्न से बेचैनी होने लगती है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अमित चतुर्वेदी ने बताया कि ब्लड प्रेशर, हार्ट में मरीजों को डीजे व प्रेशर होने से काफी परेशानी होती है। ऐसे में कई बार मरीजों को दिल का दौड़ा पड़ सकता है। यही स्थिति प्रेशर हॉर्न से हो जाती है। इसके अलावा लोगों के कान के पर्दा खराब होने व फटने की संभावनाएं रहती हैं। ऐसे में सामान्य लोग भी बहरे हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि ब्लड प्रेशर व हार्ट के मरीजों व साइलेंट जोन में 85 डेसीविल से अधिक ध्वनि प्रदूषण नहीं करना चाहिए। अन्यथा की स्थिति में मौत होने की संभावना रहती है। इसके चलते ऐसे मरीजों को ध्वनि प्रदूषण से दूरी बनाए रखना चाहिए। सोमवार को दोपहर जिला अस्पताल के बगल में डीजे बजाया जा रहा था। यहां पर ध्वनि को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। इस तरह के विवाद पहली बार नहीं कई बार हो चुके हैं। इसके बावजूद साइलेंट जोन में डीजे व प्रेशर हॉर्न पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है। इसका खामियाजा मरीजों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
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पूर्व में भी दी गई चेतावनी
शहर में जिला अस्पताल परिसर, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक आवास, कलेक्ट्रेट, न्यायालय, न्यायाधीश आवास, स्कूल व कालेज के आस पास के क्षेत्रों को साइलेंट जोन चिह्नित किया गया है। यहां पर डीजे बजानें पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिसको लेकर कई बार डीजे संचालकों के साथ बैठक कर चेतावनी दी गई है। इसके बाबजूद भी डीजे बजने पर लगाम नहीं लगाई जा सकी।
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आसपास नहीं बजना चाहिए डीजे
जिला अस्पताल के आस पास के क्षेत्र को ध्वनि प्रदूषण मुक्त रखा गया है। जिससे यहां भर्ती मरीजों को ध्वनि प्रदूषण कोई समस्या न हो। लेकिन इसके बाद भी डीजे संचालक डीजे बजा रहे हैं।

डा. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल ललितपुर

टीटी हॉर्न का करें प्रयोग
सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों पर प्रेशर हॉर्न लगाने पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगे हैं तो ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
- नासिर अली, सहायक यातायात प्रभारी
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