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महिला अस्पताल में हो सकेंगे सिजेरियन ऑपेरशन
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Mon, 07 Sep 2015 01:29 AM IST
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ललितपुर। अब जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं के सिजेरियन ऑपरेशन आसानी से हो सकेंगे। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण ने यहां निश्चेतना विशेषज्ञ (एनेस्थीसीएन) को ऑनकॉल बुलाने की व्यवस्था कर दी है।
अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण झांसी मंडल झांसी डा. सविता दुबे ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीन कार्यरत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बृजेश कुमार दीक्षित को महिला अस्पताल में सिजेरियन के लिए ऑनकॉल बुलाने की अनुमति दे दी है। एडी के निर्णय के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सत्येंद्र कुमार ने भी निश्चेतना में विशेषज्ञता प्राप्त डा. दीक्षित को महिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद महिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधाएं बहाल हो गई हैं।
अभी तक, निश्चेतना विशेषज्ञ का काम पुरुष अस्पताल में पदस्थ डा. चेतन राज से लिया जा रहा था, लेकिन जिला अस्पताल में ही ऑपरेशन, पोस्टमार्टम ड्यूटी, डे-नाइट इमरजेंसी ड्यूटी, वीआइपी ड्यूटी के कारण महिला अस्पताल में सदैव निश्चेतना विशेषज्ञ की उपलब्धता नहीं रह पाते थे। ऐसी स्थिति में चिकित्सक के समक्ष सिजेरियन ऑपरेशन वाले मरीजों को रेफर करने के अलावा विकल्प नहीं रहता था, जिससे गर्भवती महिलाओं के परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जबकि, जनपद मुख्यालय स्थित जिला महिला चिकित्सालय को एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) का दर्जा दिया गया है। एफआरयू का दर्जा उस यूनिट को दिया जाता है, जहां आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला को सभी सुविधाएं उपलब्ध हों। किसी भी सुविधा के अभाव में उसे यूनिट से रेफर नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद भी प्रसूताओं को रेफर किए जाने से एफआरयू के औचित्य पर भी सवाल उठ रहे थे।
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हालातों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला चिकित्सालय ने एडी को पत्र लिखकर निश्चेतना विशेषज्ञ की मांग की थी, जिसके फलस्वरूप अस्पताल में सिजेरियन की सुविधाएं बहाल हो गई हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी का भी खोजा हल
ललितपुर। निश्चेतना विशेषज्ञ की तरह एनआरएचएम की नई कार्ययोजना में स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी को दूर करने का तरीका खोजा गया है। एफआरयू और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्त्री रोग विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए एमबीबीएस चिकित्सक को इमरजेंसी आब्स्टेट्रिक केयर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के बाद वे भी सिजेरियन ऑपरेशन करा सकेंगी। इससे सुदूरवर्ती स्वास्थ्य इकाइयों में भी सिजेरियन ऑपरेशन का रास्ता साफ हो जाएगा।
अपर निदेशक की अनुमति से निश्चेतना विशेषज्ञ की ऑन कॉल व्यवस्था होने से अस्पताल में सिजेरियन संबंधी समस्या समाप्त हो गई है, जिससे ऑपरेशन वाले मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। अन्य विशेषज्ञ और स्टाफ की कमी दूर करने के लिए भी एडी सहित शासन से पत्राचार किया गया है।
- डा. एचएस चौहान
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला महिला चिकित्सालय, ललितपुर।
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अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण झांसी मंडल झांसी डा. सविता दुबे ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीन कार्यरत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बृजेश कुमार दीक्षित को महिला अस्पताल में सिजेरियन के लिए ऑनकॉल बुलाने की अनुमति दे दी है। एडी के निर्णय के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सत्येंद्र कुमार ने भी निश्चेतना में विशेषज्ञता प्राप्त डा. दीक्षित को महिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद महिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधाएं बहाल हो गई हैं।
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अभी तक, निश्चेतना विशेषज्ञ का काम पुरुष अस्पताल में पदस्थ डा. चेतन राज से लिया जा रहा था, लेकिन जिला अस्पताल में ही ऑपरेशन, पोस्टमार्टम ड्यूटी, डे-नाइट इमरजेंसी ड्यूटी, वीआइपी ड्यूटी के कारण महिला अस्पताल में सदैव निश्चेतना विशेषज्ञ की उपलब्धता नहीं रह पाते थे। ऐसी स्थिति में चिकित्सक के समक्ष सिजेरियन ऑपरेशन वाले मरीजों को रेफर करने के अलावा विकल्प नहीं रहता था, जिससे गर्भवती महिलाओं के परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जबकि, जनपद मुख्यालय स्थित जिला महिला चिकित्सालय को एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) का दर्जा दिया गया है। एफआरयू का दर्जा उस यूनिट को दिया जाता है, जहां आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला को सभी सुविधाएं उपलब्ध हों। किसी भी सुविधा के अभाव में उसे यूनिट से रेफर नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद भी प्रसूताओं को रेफर किए जाने से एफआरयू के औचित्य पर भी सवाल उठ रहे थे।
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हालातों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला चिकित्सालय ने एडी को पत्र लिखकर निश्चेतना विशेषज्ञ की मांग की थी, जिसके फलस्वरूप अस्पताल में सिजेरियन की सुविधाएं बहाल हो गई हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी का भी खोजा हल
ललितपुर। निश्चेतना विशेषज्ञ की तरह एनआरएचएम की नई कार्ययोजना में स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी को दूर करने का तरीका खोजा गया है। एफआरयू और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्त्री रोग विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए एमबीबीएस चिकित्सक को इमरजेंसी आब्स्टेट्रिक केयर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के बाद वे भी सिजेरियन ऑपरेशन करा सकेंगी। इससे सुदूरवर्ती स्वास्थ्य इकाइयों में भी सिजेरियन ऑपरेशन का रास्ता साफ हो जाएगा।
अपर निदेशक की अनुमति से निश्चेतना विशेषज्ञ की ऑन कॉल व्यवस्था होने से अस्पताल में सिजेरियन संबंधी समस्या समाप्त हो गई है, जिससे ऑपरेशन वाले मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। अन्य विशेषज्ञ और स्टाफ की कमी दूर करने के लिए भी एडी सहित शासन से पत्राचार किया गया है।
- डा. एचएस चौहान
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला महिला चिकित्सालय, ललितपुर।