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Lalitpur News: लटकी शहजाद स्प्रिंकलर परियोजना...खंभे लगाने की नहीं मिली अनुमति
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बिजली की लाइन बिछाने के लिए वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण शहजाद बांध पर बन रही स्प्रिंकलर परियोजना अटक गई है। फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को अभी और इंतजार करना होगा।
तहसील तालबेहट क्षेत्र में बने शहजाद बांध पर कुछ समय पहले शासन ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना का निर्माण 90 करोड़ रुपये से शुरू कराया था। इस परियोजना से पारौन, रजपुरा, बरौदाडांग गांव की करीब 1014 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। यहां पंप हाउस के साथ बिजली का सबस्टेशन बनाया गया है। इसके लिए कल्यानपुरा फीडर से बिजली की लाइन बिछाई जानी है। इस 39 किलोमीटर लंबी लाइन के दायरे में करीब 6-7 किलोमीटर का हिस्सा वन विभाग के क्षेत्र में आता है। वर्ष 2023 में परियोजना के लिए जब बिजली की लाइन बिछाई गई थी तो विद्युत विभाग ने इसमें अड़ंगा लगाते हुए करीब छह किलोमीटर लाइन के खंभे गिरा दिए थे। कारण, वन विभाग से एनओसी न लेना रहा। इसके बाद सिंचाई विभाग ने एनओसी के लिए वन विभाग में आवेदन किया, लेकिन लंबा वक्त गुजर जाने के बाद भी वन विभाग ने एनओसी जारी नहीं की। इससे पूर्ण होने की कगार पर खड़ी स्प्रिंकलर योजना का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। वहीं, विभागीय अधिकारी जल्द ही एनओसी मिलने और विद्युत लाइन बिछाने के बाद स्प्रिंकलर परियोजना चालू होने का दावा कर रहे हैं।
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1014 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए मिलेगा पानी
शहजाद स्प्रिंकलर योजना के तहत तालबेहट क्षेत्र के पारौन, रजपुरा, बरौदाडांग सहित आधा दर्जन गांवों की 1014 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। समय से फसल को पानी मिलने से जहां उत्पादन अच्छा होगा, वहीं किसानों की आय बढ़ेगी।
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शहजाद स्प्रिंकलर परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है। इसके संचालन के लिए एक विद्युत सब स्टेशन बनाया गया है। सब स्टेशन के लिए बिछाई जाने वाली लाइन के खंभे वन विभाग के क्षेत्र में लगने हैं, जिसके लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाएगा, बिजली के खंभे लगाकर परियोजना का संचालन कराया जाएगा।
इंजी. शीलचंद्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई निर्माण मंडल झांसी
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ललितपुर। बिजली की लाइन बिछाने के लिए वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण शहजाद बांध पर बन रही स्प्रिंकलर परियोजना अटक गई है। फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को अभी और इंतजार करना होगा।
तहसील तालबेहट क्षेत्र में बने शहजाद बांध पर कुछ समय पहले शासन ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना का निर्माण 90 करोड़ रुपये से शुरू कराया था। इस परियोजना से पारौन, रजपुरा, बरौदाडांग गांव की करीब 1014 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। यहां पंप हाउस के साथ बिजली का सबस्टेशन बनाया गया है। इसके लिए कल्यानपुरा फीडर से बिजली की लाइन बिछाई जानी है। इस 39 किलोमीटर लंबी लाइन के दायरे में करीब 6-7 किलोमीटर का हिस्सा वन विभाग के क्षेत्र में आता है। वर्ष 2023 में परियोजना के लिए जब बिजली की लाइन बिछाई गई थी तो विद्युत विभाग ने इसमें अड़ंगा लगाते हुए करीब छह किलोमीटर लाइन के खंभे गिरा दिए थे। कारण, वन विभाग से एनओसी न लेना रहा। इसके बाद सिंचाई विभाग ने एनओसी के लिए वन विभाग में आवेदन किया, लेकिन लंबा वक्त गुजर जाने के बाद भी वन विभाग ने एनओसी जारी नहीं की। इससे पूर्ण होने की कगार पर खड़ी स्प्रिंकलर योजना का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। वहीं, विभागीय अधिकारी जल्द ही एनओसी मिलने और विद्युत लाइन बिछाने के बाद स्प्रिंकलर परियोजना चालू होने का दावा कर रहे हैं।
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1014 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए मिलेगा पानी
शहजाद स्प्रिंकलर योजना के तहत तालबेहट क्षेत्र के पारौन, रजपुरा, बरौदाडांग सहित आधा दर्जन गांवों की 1014 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। समय से फसल को पानी मिलने से जहां उत्पादन अच्छा होगा, वहीं किसानों की आय बढ़ेगी।
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शहजाद स्प्रिंकलर परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है। इसके संचालन के लिए एक विद्युत सब स्टेशन बनाया गया है। सब स्टेशन के लिए बिछाई जाने वाली लाइन के खंभे वन विभाग के क्षेत्र में लगने हैं, जिसके लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाएगा, बिजली के खंभे लगाकर परियोजना का संचालन कराया जाएगा।
इंजी. शीलचंद्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई निर्माण मंडल झांसी