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Lalitpur: लखनऊ की गोमती नदी जैसा होगा शहजाद नदी का विकास, संरक्षण व सुरक्षा का भी रखा जाएगा ध्यान
Sat, 17 Sep 2022 12:54 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 17 Sep 2022 12:54 AM IST
सार
प्रदेश मुख्यालय लखनऊ से गुजरने वाली गोमती नदी के संरक्षण के लिए वहां पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किए गए हैं। इसके अलावा नदी के दोनों ओर लोगों के घूमने के लिए पार्क बनाए गए हैं। जिससे शहर की गंदगी को नदी में जाने से रोका जाए और यह साफ-स्वच्छ रहकर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहे।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
ललितपुर के गोविंद सागर बांध से निकलकर नगर से गुजरने वाली शहजाद नदी का विकास शहरीक्षेत्र में लखनऊ की गोमती नदी की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग को शासन ने पत्र भेजा है। सदर विधायक ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर यह प्रस्ताव भेजा था। जिसके क्रम में राजघाट निर्माण खंड इसकी कार्ययोजना तैयार करने में जुट गया है।
प्रदेश मुख्यालय लखनऊ से गुजरने वाली गोमती नदी के संरक्षण के लिए वहां पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किए गए हैं। इसके अलावा नदी के दोनों ओर लोगों के घूमने के लिए पार्क बनाए गए हैं। जिससे शहर की गंदगी को नदी में जाने से रोका जाए और यह साफ-स्वच्छ रहकर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहे।
सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने प्रदेश मुख्यालय में स्थित गोमती नदी के वर्तमान की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री को आईजीआरएस के जरिए प्रस्ताव भेजा। जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता को पत्र जारी किया गया। प्रमुख अभियंता ने जनपद स्तर अधिकारियों को आदेश जारी किया।
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अब अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल ने अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड को पत्र जारी किया। जिसमें सदर विधायक के पत्र का उल्लेख करते हुए शहजाद नदी के शहरी भाग में नदी के संरक्षण व सुरक्षात्मक और सौंदर्यीकरण के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग कार्ययोजना तैयार करने में जुट गया है। जल्द ही नगरवासियों को शहजाद नदी का अनुपम दृश्य देखने को मिलेगा।
शहर के बीच से गुजरती है शहजाद नदी
गोविंद सागर बांध से होकर शहजाद नदी शहर के बीचों-बीच से होकर गुजरती है। शहरी क्षेत्र में इस नदी का करीब पांच किलोमीटर तक बहाव क्षेत्र है। नदी के संरक्षण और देखरेख की जिम्मेदारी राजघाट निर्माण खंड की है। लेकिन जिम्मेदार विभाग की उपेक्षा की शिकार इस नदी में वर्षों से कई मोहल्लों की नालियों का गंदा पानी जा रहा है। जिस कारण यह एक गंदे नाले का रूप ले चुकी है। इस नदी का सौंदर्यीकरण करने के लिए काफी समय से जनपद के तमाम संगठन व समिति मांग करते रहे हैं।
सर्वे करने की तैयारी की जा रही है। सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद शासन से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार काम किया जाएगा।
इं. मनमोहन, अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड़
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प्रदेश मुख्यालय लखनऊ से गुजरने वाली गोमती नदी के संरक्षण के लिए वहां पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किए गए हैं। इसके अलावा नदी के दोनों ओर लोगों के घूमने के लिए पार्क बनाए गए हैं। जिससे शहर की गंदगी को नदी में जाने से रोका जाए और यह साफ-स्वच्छ रहकर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहे।
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सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने प्रदेश मुख्यालय में स्थित गोमती नदी के वर्तमान की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री को आईजीआरएस के जरिए प्रस्ताव भेजा। जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता को पत्र जारी किया गया। प्रमुख अभियंता ने जनपद स्तर अधिकारियों को आदेश जारी किया।
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अब अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल ने अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड को पत्र जारी किया। जिसमें सदर विधायक के पत्र का उल्लेख करते हुए शहजाद नदी के शहरी भाग में नदी के संरक्षण व सुरक्षात्मक और सौंदर्यीकरण के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग कार्ययोजना तैयार करने में जुट गया है। जल्द ही नगरवासियों को शहजाद नदी का अनुपम दृश्य देखने को मिलेगा।
शहर के बीच से गुजरती है शहजाद नदी
गोविंद सागर बांध से होकर शहजाद नदी शहर के बीचों-बीच से होकर गुजरती है। शहरी क्षेत्र में इस नदी का करीब पांच किलोमीटर तक बहाव क्षेत्र है। नदी के संरक्षण और देखरेख की जिम्मेदारी राजघाट निर्माण खंड की है। लेकिन जिम्मेदार विभाग की उपेक्षा की शिकार इस नदी में वर्षों से कई मोहल्लों की नालियों का गंदा पानी जा रहा है। जिस कारण यह एक गंदे नाले का रूप ले चुकी है। इस नदी का सौंदर्यीकरण करने के लिए काफी समय से जनपद के तमाम संगठन व समिति मांग करते रहे हैं।
सर्वे करने की तैयारी की जा रही है। सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद शासन से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार काम किया जाएगा।
इं. मनमोहन, अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड़