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Lalitpur News: सत्रह फीसदी पानी भरा है उटारी बांध में, न्यूनतम स्तर पर है जलस्तर

Fri, 07 Jul 2023 12:06 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Fri, 07 Jul 2023 12:06 AM IST
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Seventeen percent water is filled in Utari dam, the water level is at the lowest level
ललितपुर। जनपद में जहां मानसून की बारिश का असर यहां के करीब सभी बांधों के जलस्तर पर पड़ रहा है। वहीं उटारी बांध अभी भी अपने न्यूनतम जलस्तर पर ही पहुंच सका और यह पूर्ण के सापेक्ष मात्र 17 फीसदी भर सका है। इससे बांध पर पेयजल योजना के लिए निर्भर करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल संकट गहराने के असार बन रहे हैं।
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तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम सूरीकलां में करोड़ो रुपये की लागत से बने उटारी बांध परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2008 को जनपद में चार अन्य बांध परियोजनाओं के साथ किया गया था। बांध बनाने के लिए करीब 690 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद कार्यदाई संस्था ने बांध का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। बांध को पूरा करने के लिए एक निर्धारित समय तय किया गया था। लेकिन निर्धारित समय में यह परियोजना पूर्ण नहीं हो पाई थी। यह परियोजना वर्ष 2022 में पूर्ण हुई और इसके संचालन करने की जिम्मेदारी राजघाट निर्माण खंड को सौंपी गई है। वर्तमान में राजघाट निर्माण खंड इस बांध का संचालन कर रहा है।
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उटारी बांध की कुल भंडारण क्षमता 15.90 एमसीएम व उपयोगी क्षमता 10.86 एमसीएम है। बांध का जलस्तर 326.80 मीटर है और मृत जलस्तर 322.80 मीटर है। इस बांध के पानी से कुल 2200 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। जिसमें रबी की फसल 1800 हेक्टेयर व खरीफ फसल की सिंचाई की जाती है। सिंचाई के लिए 20.500 किलोमीटर नहरें व माइनर बनाई गई है। जिससे ग्राम सूरीकलां, बिल्ला, बडोखरा, मिर्चवारा सहित अन्य गांव के हजारों किसानों की जमीन सिचिंत की जाती है। इस बार गर्मी के सीजन में उटारी बांध का जलस्तर अपने मृत जलस्तर 322.80 मीटर से करीब दो मीटर नीचे तक पहुंच गया था। वर्तमान में उटारी बांध पूर्ण जलस्तर के सापेक्ष मात्र 17 फीसदी ही भर सका है। जिससे पूर्ण जलस्तर और वर्तमान जलस्तर में चार मीटर का अंतर अभी है। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिकारी मानसून में बांध के पूर्ण क्षमता से भर जाने का दावा कर रहा है। लेकिन वर्तमान समय के हालातों को देखकर आने वाले समय में करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में रबी के सीजन में फसल सिंचाई के लिए जल संकट गहरा सकता है।
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उटारी बांध के कैचमेट एरिया में अभी तक 225 मिली मीटर बारिश हो चुकी है। इससे बांध में पानी आया और यह गर्मी के सीजन में गिरे जलस्तर की भरपाई करते हुए वर्तमान में न्यूनतम स्तर पर आ चुका है। आने वाले दिनों में होने वाली मानसून की बारिश में बांध पूर्ण क्षमता से भर जाएगा। अभी जल संकट होने की संभावना पैदा नहीं हो रही है। - वीएन वर्मा, जल लेखा सहायक, शिफ्ट इंचार्ज, बाढ़ नियंत्रण कक्ष सिंचाई खंड
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