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मनमाने तरीके से थोपे गए स्वकर के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन
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स्वकर के विरोध में प्रदर्शन कर रैली निकालते उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारी व अन्य व?
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। मंगलवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने स्वकर के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष एवं अधिशाषी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें स्वकर निर्धारण को अवैध एवं प्रक्रिया को निरस्त कर दोबारा नियमानुसार संशोधित सूची जारी करने की मांग की गई।
प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र जैन मयूर ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वकर मनमाने तरीके से लागू किया गया है। इसमें नौ आपत्तियों का निस्तारण दर्शाया गया है, जबकि वास्तव में यह नौ आपत्तियां निस्तारित ही नहीं की गई हैं। इससे स्पष्ट है कि बिना संबंधित व्यक्तियों को सूचना दिए मनमानी कार्रवाई की गई। बगैर आपत्तियों के निस्तारण के गजट अधिसूचना प्रकाशित कराना नियम विरुद्ध है। ऐसी स्थिति में स्वकर को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। स्वकर व्यवस्था वर्ष 2014 में लागू नहीं की जा सकती है, क्योंकि वर्ष 2017 में नगर पालिका के चुनाव हुए थे। यदि स्वकर वर्ष 2014 से लागू माना जाए तो चुनाव लड़े व जीते सभासद व अध्यक्ष गृहकर के निश्चित रूप से बकायादार होंगे। जल संस्थान को जो गलत सूचना देकर स्वकर निर्धारण के संबंध में जानकारी दी गयी, उसे वापस किया जाए।
प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी, आनंद मालवीय, केदारनाथ तिवारी, अनिल जैन अचंल, महेंद्र सतभैया, डा प्रीतम सर्राफ, जिनेंद्र पंसारी, नवीन सिंघई, लखनलाल अग्रवाल, अशोक अनौरा, महेश सतभैया, महेश जैन, सतीश जैन बंटी, मनोज सोनी, पंकज जैन बिरधा, आनंद जैन, अभय जैन एड, राजीव सुड़ेले, दीपक सोनी, हरीश सिंघई, राहुल मोदी, आलोक जैन मयूर, सेवाराम चौधरी, पूर्व विधायक राजेश खैरा, डॉ राजकुमार जैन अध्यक्ष प्राइवेट डॉक्टर्स, डॉ विकास जैन, चन्द्र मोहन हुंडैत, डॉ आलोक जैन, डॉ रजनीश समैया, डॉ विवके सक्सेना, सुनील शर्मा, जितेंद्र अनौरा, विजय साहू, मजीद पठान, अंकित सतभैया शशांक जैन, मनमोहन पाटकार, आलोक जैन, मयंक साहू, मुलायम यादव आदि शामिल रहे।
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सर्किट रेट का भी है पेच
सिविल लाइन वार्ड जो शहर का सबसे महंगा क्षेत्र है और मोहल्ला नारायनपुरा, खिरकापुरा और रैदासपुरा जो शहर के सबसे पिछड़े इलाके हैं, दोनों की रेट सूची में एक ही मूल्यांकन किया गया है। जो मूल्यांकन त्रुटियों की विसंगतियों को प्रमाणित करता है।
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प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र जैन मयूर ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वकर मनमाने तरीके से लागू किया गया है। इसमें नौ आपत्तियों का निस्तारण दर्शाया गया है, जबकि वास्तव में यह नौ आपत्तियां निस्तारित ही नहीं की गई हैं। इससे स्पष्ट है कि बिना संबंधित व्यक्तियों को सूचना दिए मनमानी कार्रवाई की गई। बगैर आपत्तियों के निस्तारण के गजट अधिसूचना प्रकाशित कराना नियम विरुद्ध है। ऐसी स्थिति में स्वकर को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। स्वकर व्यवस्था वर्ष 2014 में लागू नहीं की जा सकती है, क्योंकि वर्ष 2017 में नगर पालिका के चुनाव हुए थे। यदि स्वकर वर्ष 2014 से लागू माना जाए तो चुनाव लड़े व जीते सभासद व अध्यक्ष गृहकर के निश्चित रूप से बकायादार होंगे। जल संस्थान को जो गलत सूचना देकर स्वकर निर्धारण के संबंध में जानकारी दी गयी, उसे वापस किया जाए।
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प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी, आनंद मालवीय, केदारनाथ तिवारी, अनिल जैन अचंल, महेंद्र सतभैया, डा प्रीतम सर्राफ, जिनेंद्र पंसारी, नवीन सिंघई, लखनलाल अग्रवाल, अशोक अनौरा, महेश सतभैया, महेश जैन, सतीश जैन बंटी, मनोज सोनी, पंकज जैन बिरधा, आनंद जैन, अभय जैन एड, राजीव सुड़ेले, दीपक सोनी, हरीश सिंघई, राहुल मोदी, आलोक जैन मयूर, सेवाराम चौधरी, पूर्व विधायक राजेश खैरा, डॉ राजकुमार जैन अध्यक्ष प्राइवेट डॉक्टर्स, डॉ विकास जैन, चन्द्र मोहन हुंडैत, डॉ आलोक जैन, डॉ रजनीश समैया, डॉ विवके सक्सेना, सुनील शर्मा, जितेंद्र अनौरा, विजय साहू, मजीद पठान, अंकित सतभैया शशांक जैन, मनमोहन पाटकार, आलोक जैन, मयंक साहू, मुलायम यादव आदि शामिल रहे।
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सर्किट रेट का भी है पेच
सिविल लाइन वार्ड जो शहर का सबसे महंगा क्षेत्र है और मोहल्ला नारायनपुरा, खिरकापुरा और रैदासपुरा जो शहर के सबसे पिछड़े इलाके हैं, दोनों की रेट सूची में एक ही मूल्यांकन किया गया है। जो मूल्यांकन त्रुटियों की विसंगतियों को प्रमाणित करता है।