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Lalitpur News: आत्मनिर्भर बेटियां समाज की धरोहर... गलत और सही का फर्क समझाएं
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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विशेष
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित परिचर्चा में महिलाओं व बेटियों ने कहा कि भारत देश में अनेक विदुषी नारियों ने जन्म लेकर देश का स्वाभिमान बढ़ाया है। प्राचीन काल से ही भारत देश में वीरांगनाओं ने जन्म लेकर ज्ञान-विज्ञान, त्याग, तपस्या, साहस और बलिदान का अतुलनीय उदाहरण पेश किया हैं। परिचर्चा के माध्यम से संदेश दिया कि बेटियों को आत्म सम्मान दिलाने के लिए लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है तभी बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान को सफलता मिलेगी।
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सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का नारा दिया है। बेटियों को बचाने के लिए केवल घोषणाओं के माध्यम से नहीं बचाया जा सकता है। बेटियों को बचाने लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा तभी बेटियां बचेंगी और भारत देश का गौरव बढेगा।
- विनीता पांडे
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वर्तमान समय में बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं,लेकिन अनेक कुरीतियों की शिकार भी हो रहीं हैं। यह कुप्रथाएं उन्हें आगे बढ़ने में बाधाएं उत्पन्न कर रही हैं। आज हजारों लड़कियों को पैदा होने से पहले ही गर्भ में खत्म कर दिया जाता है।
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- आकांक्षा विश्वकर्मा
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बालिकाओं की सेहत, पोषण व पढ़ाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि बड़ी होकर शारीरिक, आर्थिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से आत्मनिर्भर व सक्षम बन सकें। बेटियों को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है।
- नेहा जैन
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महिलाओं के साथ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता को महत्व देना होगा। हिंसा से मुक्त भारत के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करनी होगी तब हम कह सकेंगे एक नहीं दो-दो माताएं,नर से भारी- नारी।
- पलक जैन
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बालिकाओं के जन्म होने पर उत्सव मनाना चाहिए। पराए धन की मानसिकता का विरोध करें। इसके साथ-साथ बाल-विवाह, दहेज प्रथा लिंग भेद का भी विरोध होना चाहिए। तभी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान सफल होगा।
-आरती सोनी
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित परिचर्चा में महिलाओं व बेटियों ने कहा कि भारत देश में अनेक विदुषी नारियों ने जन्म लेकर देश का स्वाभिमान बढ़ाया है। प्राचीन काल से ही भारत देश में वीरांगनाओं ने जन्म लेकर ज्ञान-विज्ञान, त्याग, तपस्या, साहस और बलिदान का अतुलनीय उदाहरण पेश किया हैं। परिचर्चा के माध्यम से संदेश दिया कि बेटियों को आत्म सम्मान दिलाने के लिए लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है तभी बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान को सफलता मिलेगी।
सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का नारा दिया है। बेटियों को बचाने के लिए केवल घोषणाओं के माध्यम से नहीं बचाया जा सकता है। बेटियों को बचाने लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा तभी बेटियां बचेंगी और भारत देश का गौरव बढेगा।
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- विनीता पांडे
वर्तमान समय में बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं,लेकिन अनेक कुरीतियों की शिकार भी हो रहीं हैं। यह कुप्रथाएं उन्हें आगे बढ़ने में बाधाएं उत्पन्न कर रही हैं। आज हजारों लड़कियों को पैदा होने से पहले ही गर्भ में खत्म कर दिया जाता है।
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- आकांक्षा विश्वकर्मा
बालिकाओं की सेहत, पोषण व पढ़ाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि बड़ी होकर शारीरिक, आर्थिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से आत्मनिर्भर व सक्षम बन सकें। बेटियों को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है।
- नेहा जैन
महिलाओं के साथ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता को महत्व देना होगा। हिंसा से मुक्त भारत के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करनी होगी तब हम कह सकेंगे एक नहीं दो-दो माताएं,नर से भारी- नारी।
- पलक जैन
बालिकाओं के जन्म होने पर उत्सव मनाना चाहिए। पराए धन की मानसिकता का विरोध करें। इसके साथ-साथ बाल-विवाह, दहेज प्रथा लिंग भेद का भी विरोध होना चाहिए। तभी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान सफल होगा।
-आरती सोनी