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बारिश न होने से अंकुरित बीज हो रहे नष्ट, किसानों की बढ़ी चिंता
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ललितपुर। बारिश न होने से खरीफ की फसल की बुवाई कर चुके किसानों की चिंता बढ़ गई है। हल्की बारिश होने के बाद उड़द, सोयाबीन व मक्का की फसल की बुवाई कर दी है। इसमें कुछ बीज अंकुरित हो गए हैं, लेकिन बारिश न होने से बीज का दाना नष्ट हो गया है। एक सप्ताह बारिश न होने से फसल पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। अब बारिश होने पर दोबारा बुवाई करना होगी।
खरीफ की फसल की बुवाई पहली बारिश के बाद खेतों में नमी आने के बाद शुरू की जाती है। खरीफ की फसल का बुवाई सीजन 15 जून से शुरू हो जाता है। इसमें उड़द, सोयाबीन व मक्का की फसलें प्रमुख हैं। इसके साथ ही तिल व अन्य फसल की भी बुवाई शुरू कर दी जाती है। 15 जुलाई तक अधिकांश फसलों की बुवाई पूरी हो जाती है।
बीते सप्ताह में हुई बारिश के बाद जनपद में कई ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने खरीफ फसल की बुवाई कर दी है। इनमें उड़द, सोयाबीन व मक्का की फसल की बुवाई कर दी है। खेतों में बीज डाले जाने के बाद अंकुरित होने के समय बारिश की आवश्यकता होती है। जिससे खेतों में नमी बनी रहे और बीज ठीक से अंकुरित हो सके, लेकिन बुवाई के बाद एक सप्ताह बीतने के बाद भी बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बीज अंकुरित होने के बाद बारिश न होने से सूखने की स्थिति में आ गया है। कई क्षेत्रों में अंकुरित बीज पूरी तरह से नष्ट हो गया है। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इस सप्ताह बारिश न होने से किसानों की मेहनत पूरी तरह बेकार हो जाएगी। साथ ही आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। अब किसानों को दोबारा बुवाई करने की नौबत आ रही है।
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एक सप्ताह में बारिश न होने पर अंकुरित बीज पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। फसल की बुवाई दोबारा करना पड़ेेगी। इससे अधिक नुकसान हो गया है।
- पहलवान
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बीते दिनों हुई बारिश के बाद लगातार बारिश होने की उम्मीद के चलते फसल की बुवाई कर दी, लेकिन अब बारिश न होने से चिंता बढ़ गई है।
- सजन सिंह
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खरीफ की फसल की बुवाई का समय शुरू हो गया है। बारिश के बाद फसल बोई बीज अंकुरित होने लगे। बारिश न होने से बीज नष्ट हो रहा है।
- ओमप्रकाश
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खरीफ फसल की बुवाई बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी के बाद करना चाहिए। कम नमी होने के बाद बारिश न होने से अंकुरित बीज सूख जाता है। बुवाई का सीजन 15 जुलाई तक रहता है। ऐसे में पर्याप्त नमी होने के बाद ही बुवाई करें।
- डॉ. नितिन कुमार, कृषि वैज्ञानिक
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खरीफ की फसल की बुवाई पहली बारिश के बाद खेतों में नमी आने के बाद शुरू की जाती है। खरीफ की फसल का बुवाई सीजन 15 जून से शुरू हो जाता है। इसमें उड़द, सोयाबीन व मक्का की फसलें प्रमुख हैं। इसके साथ ही तिल व अन्य फसल की भी बुवाई शुरू कर दी जाती है। 15 जुलाई तक अधिकांश फसलों की बुवाई पूरी हो जाती है।
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बीते सप्ताह में हुई बारिश के बाद जनपद में कई ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने खरीफ फसल की बुवाई कर दी है। इनमें उड़द, सोयाबीन व मक्का की फसल की बुवाई कर दी है। खेतों में बीज डाले जाने के बाद अंकुरित होने के समय बारिश की आवश्यकता होती है। जिससे खेतों में नमी बनी रहे और बीज ठीक से अंकुरित हो सके, लेकिन बुवाई के बाद एक सप्ताह बीतने के बाद भी बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बीज अंकुरित होने के बाद बारिश न होने से सूखने की स्थिति में आ गया है। कई क्षेत्रों में अंकुरित बीज पूरी तरह से नष्ट हो गया है। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इस सप्ताह बारिश न होने से किसानों की मेहनत पूरी तरह बेकार हो जाएगी। साथ ही आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। अब किसानों को दोबारा बुवाई करने की नौबत आ रही है।
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एक सप्ताह में बारिश न होने पर अंकुरित बीज पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। फसल की बुवाई दोबारा करना पड़ेेगी। इससे अधिक नुकसान हो गया है।
- पहलवान
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बीते दिनों हुई बारिश के बाद लगातार बारिश होने की उम्मीद के चलते फसल की बुवाई कर दी, लेकिन अब बारिश न होने से चिंता बढ़ गई है।
- सजन सिंह
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खरीफ की फसल की बुवाई का समय शुरू हो गया है। बारिश के बाद फसल बोई बीज अंकुरित होने लगे। बारिश न होने से बीज नष्ट हो रहा है।
- ओमप्रकाश
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खरीफ फसल की बुवाई बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी के बाद करना चाहिए। कम नमी होने के बाद बारिश न होने से अंकुरित बीज सूख जाता है। बुवाई का सीजन 15 जुलाई तक रहता है। ऐसे में पर्याप्त नमी होने के बाद ही बुवाई करें।
- डॉ. नितिन कुमार, कृषि वैज्ञानिक