फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   scrub tifus attack after dengue

जनपद में डेंगू के बाद स्क्रब टाइफस ने किया हमला

Fri, 10 Sep 2021 01:53 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 01:53 AM IST
विज्ञापन
scrub tifus attack after dengue
इलाकाई लोगों को समझाते नगर पालिका की टीम - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जिले में डेंगू के बाद अब स्क्रब टाइफस ने दस्तक दे दी है। झांसी स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती महिला की बुधवार रात जांच रिपोर्ट आने के बाद इस बीमारी की पुष्टि हुई तो स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग व नगर पालिका की टीम ने गल्लामंडी के निकट महिला के घर के आसपास साफ सफाई कराने के बाद दवा का छिड़काव कराया। शहर में गल्ला मंडी के निकट झोपड़ी में रहने वाली 60 वर्षीय महिला के कान में 22 अगस्त को दर्द हुआ तो परिजन उसे लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे जहां उसने बताया कि रात में कोई कीड़ा के कान में घुसने का अहसास हुआ इसी के बाद तेज दर्द शुरू हो गया। डॉक्टर ने उसका उपचार किया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। परिजन एक सितंबर को उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां पर जांच के बाद डॉक्टर ने महिला को झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया।
विज्ञापन

परिजनों के मुताबिक महिला का सैंपल स्क्रब टाइफस की जांच के लिए चार सितंबर को लिया गया, नौ सितंबर को आई जांच रिपोर्ट में उसे स्क्रब टाइफस बीमारी होने की पुष्टि हुई है। इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया। बृहस्पतिवार को जिला मलेरिया अधिकारी केएस सिंह यादव, जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी/नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश भारती, डॉ. सतेंद्र कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक हरीश तिवारी टीम के साथ यहां पहुंचे। यहां पर महिला के घर के आसपास के जलभराव व अन्य क्षेत्र में लार्वी साइट दवा का छिड़काव किया गया। झोपड़ी के पास झाड़ियों की सफाई कराकर कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया। जिला एपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ. देशराज सिंह ने लोगों को कपड़े साफ करने के लिए जागरूक किया। बताया कि बुखार आने पर शीघ्र ही नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें। घरों में चूहे व खटमल न होने दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
यह है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है, जो संक्रमित खटमल, पिस्सू, खून चूसने वाले कीट के काटने से होता है। यह काटने की जगह पर लाल घेरेदार निशान बना देता है। काटने के कुछ दिन पश्चात व्यक्ति को बीमारी शुरू हो जाती है।
-----
यह है स्क्रब टाइफस के लक्षण
अचानक ठंड के साथ बुखार, खांसी, पेट दर्द, उलटी, सिर दर्द, बदन दर्द, लसिका ग्रंथियों में सूजन, मानसिक भ्रम, इंसेफलाइटिस, प्लेटलेट्स कम हो जाना, कांटने की जगह पर गहरा काला व लाल घेरे का निशान बनना।
गंभीर होने की स्थिति में अंगों की कार्य शिथिलता, निमोनिया, सांस लेने में तकलीफ होना, अचानक ब्लड प्रेशर कम हो जाना व किडनी खराब हो जाने की समस्या होती है। ऐसी परिस्थितियों में मृत्यु दर 10 प्रतिशत तक होती है।

-----
इस तरह करें बचाव
- लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से उपचार लें।
- स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए संक्रमित खटमल, पिस्सू आदि के संपर्क में आने से बचें।
- जहां स्क्रब टाइफस फैले होने की पुष्टि हो, वहां पर वनस्पति वाले क्षेत्रों में न जाएं।
- खेतों में काम करते समय किसान चूहे आदि के नियंत्रण के उपाय अपनाएं।
- शरीर में खटमल, पिस्सू व खून चूसने वाले कीटों के शरीर में चिपकने से बचाव करें।
- खेतों काम करते समय खाने-पीने की वस्तुओं के अवशेष न छोड़ें। चप्पल, जूते का इस्तेमाल करें
- अधिक वनस्पति वाले क्षेत्रों व झाड़ियों में काम करने के बाद स्नान व कपड़ों को अच्छे से साफ करें।
- जंगली जानवर स्क्रब टाइफस के वाहक हो सकते हैं इनसे दूरी बनाएं। इनमें चूहे, गिलहरी, नेवला, कबरबिज्जू से दूरी बनाए रखें।

इलाके में सफाई करते पालिकाकर्मी

इलाके में सफाई करते पालिकाकर्मी- फोटो : LALITPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed