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नियमों को ताक पर रखकर खरीदी विज्ञान किट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Dec 2016 12:39 AM IST
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school, lalitpur news
- फोटो : demo
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जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नियमों को ताक पर रखकर गुपचुप तरीके से विज्ञान/गणित किट खरीदी जा रही है। किट की क्रय प्रक्रिया का नियमानुसार पालन नहीं करने से उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे मामले में प्रबंध समिति मौन है।
विज्ञान विषय को रूचिकर एवं बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के मकसद से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान/गणित किट क्रय की जाती हैं। राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान जीएस प्रियदर्शी ने क्रय के लिए गाइड जारी की है जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। सबसे पहले विज्ञान/गणित किट क्रय करने के लिए विद्यालय स्तर पर विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा छह सदस्यीय समिति गठित की जानी चाहिए। इस समिति में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, सचिव, विज्ञान अथवा गणित के शिक्षक, एसएमसी द्वारा नामित दो जागरुक अभिभावक शामिल होने चाहिए। इनमें एक महिला की अनिवार्यता है। गठित समिति को विजान/गणित किट की गुणवत्ता को जांचने का अधिकार है। विज्ञान एवं गणित किट का क्रय किसी भी दशा में आठ हजार रुपये एवं उन्नीस सौ रुपये से अधिक नहीं होने के निर्देश हैं। किट की खरीद होने के पश्चात पाठ्य बिंदु के आधार पर बच्चे को कम से कम सप्ताह में एक बार अवश्य प्रयोग करने का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। प्रत्येक विद्यालय में विज्ञान/गणित किट प्रयोग संबंधी एक पंजिका भी बनाई जानी चाहिए।
लैब में बदल जाएंगे एसीआर
प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक अतिरिक्त कक्ष (एसीआर) को विज्ञान लैब/विज्ञान प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया जाएगा जिसमें किट की सामग्री को डिस्प्ले किया जाएगा। विज्ञान कक्ष में विज्ञान से संबंधित चार्ट पेपर, पोस्टर, सामान्य ज्ञान, वैज्ञानिकों का नाम एवं उनके आविष्कार आदि को दीवारों पर डिस्प्ले कर विज्ञान कक्ष में सजाया जाएगा।
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किट जांचने का नहीं दिया मौका
नियमता विज्ञान/गणित किट क्रय करने से पूर्व उसकी गुणवत्ता जांचने के लिए एनसीईआरटी ने अवसर प्रदान किया है। एनसीईआरटी ने कई फर्मों को अधिकृत किया है। इनमें साइन्टिफिक इन्स्ट अंबाला, निर्माण अहमदाबाद, जैन साइन्स सप्लायर अंबाला, रेस्पान्स लैब सर्विस अंबाला, लेबोट्ररी इन्स्ट अंबाला, श्री इन्ट, अंबाला कैंट, मार्डन साइन्स को रायपुर शामिल हैं। पहले इन फर्मों को बुलाने का कार्यक्रम था। लेकिन, अचानक एक ही फर्म ने उच्च प्राइमरी स्कूलों में विज्ञान किट का वितरण कर दिया।
जिले के करीब ढाई सौ स्कूलों में विज्ञान किट की खरीद हो गई है। आने वाले दिनों में अवशेष स्कूलों में भी विज्ञान किट की खरीद हो जाएगी। किट की खरीद नियम संगत है।
संतोष कुमार राय
बीएसए ललितपुर।
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विज्ञान विषय को रूचिकर एवं बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के मकसद से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान/गणित किट क्रय की जाती हैं। राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान जीएस प्रियदर्शी ने क्रय के लिए गाइड जारी की है जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। सबसे पहले विज्ञान/गणित किट क्रय करने के लिए विद्यालय स्तर पर विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा छह सदस्यीय समिति गठित की जानी चाहिए। इस समिति में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, सचिव, विज्ञान अथवा गणित के शिक्षक, एसएमसी द्वारा नामित दो जागरुक अभिभावक शामिल होने चाहिए। इनमें एक महिला की अनिवार्यता है। गठित समिति को विजान/गणित किट की गुणवत्ता को जांचने का अधिकार है। विज्ञान एवं गणित किट का क्रय किसी भी दशा में आठ हजार रुपये एवं उन्नीस सौ रुपये से अधिक नहीं होने के निर्देश हैं। किट की खरीद होने के पश्चात पाठ्य बिंदु के आधार पर बच्चे को कम से कम सप्ताह में एक बार अवश्य प्रयोग करने का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। प्रत्येक विद्यालय में विज्ञान/गणित किट प्रयोग संबंधी एक पंजिका भी बनाई जानी चाहिए।
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लैब में बदल जाएंगे एसीआर
प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक अतिरिक्त कक्ष (एसीआर) को विज्ञान लैब/विज्ञान प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया जाएगा जिसमें किट की सामग्री को डिस्प्ले किया जाएगा। विज्ञान कक्ष में विज्ञान से संबंधित चार्ट पेपर, पोस्टर, सामान्य ज्ञान, वैज्ञानिकों का नाम एवं उनके आविष्कार आदि को दीवारों पर डिस्प्ले कर विज्ञान कक्ष में सजाया जाएगा।
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किट जांचने का नहीं दिया मौका
नियमता विज्ञान/गणित किट क्रय करने से पूर्व उसकी गुणवत्ता जांचने के लिए एनसीईआरटी ने अवसर प्रदान किया है। एनसीईआरटी ने कई फर्मों को अधिकृत किया है। इनमें साइन्टिफिक इन्स्ट अंबाला, निर्माण अहमदाबाद, जैन साइन्स सप्लायर अंबाला, रेस्पान्स लैब सर्विस अंबाला, लेबोट्ररी इन्स्ट अंबाला, श्री इन्ट, अंबाला कैंट, मार्डन साइन्स को रायपुर शामिल हैं। पहले इन फर्मों को बुलाने का कार्यक्रम था। लेकिन, अचानक एक ही फर्म ने उच्च प्राइमरी स्कूलों में विज्ञान किट का वितरण कर दिया।
जिले के करीब ढाई सौ स्कूलों में विज्ञान किट की खरीद हो गई है। आने वाले दिनों में अवशेष स्कूलों में भी विज्ञान किट की खरीद हो जाएगी। किट की खरीद नियम संगत है।
संतोष कुमार राय
बीएसए ललितपुर।