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तीन-तीन मास्साब, फिर भी विद्यालय बंद
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Thu, 18 Feb 2016 12:57 AM IST
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सिलावन (ललितपुर)। विकासखंड महरौनी अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय टपरन सुकाड़ी के ताले बुधवार को नहीं खुले। इस कारण नौनिहाल विद्यालय के बाहर खेलकूद कर अपने-अपने घर वापस लौट गए। शिक्षकों की मनमर्जी के कारण नौनिहालों का भविष्य गर्त में जाना तय है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाकर नई पीढ़ी को शिक्षित करने का अभियान पूरा होता दिखाई नहीं रहा है। मिड-डे मील, मुफ्त किताबें, बस्ते, ड्रेस और छात्रवृत्ति पढ़ाई में रुचि पैदा करने के लिए बच्चों को मुहैया कराई जा रही हैं, लेकिन यह सारे प्रयास शिक्षकों की आरामतलबी के कारण बेमानी साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि विद्यालय का संचालन शिक्षकों की मनमर्जी से हो रहा है। इसकी बानगी प्राथमिक विद्यालय टपरन सु़काड़ी में बुधवार को देखने को मिली।
विद्यालय में तीन-तीन शिक्षकों की तैनाती होने के बाद भी दोपहर बारह बजे तक विद्यालय के ताले नहीं खुले। विद्यालय बंद देख नौनिहाल खेलकूद कर अपने-अपने घर की ओर चले गए। इसे लेकर अभिभावकों में आक्रोश है।
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तीन शिक्षकों में से एक की अस्थायी ड्यूटी ललितपुर में है, जबकि दो शिक्षकों की ड्यूटी उप्र बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई है।
- महेश तिवारी
संकुल प्रभारी
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाकर नई पीढ़ी को शिक्षित करने का अभियान पूरा होता दिखाई नहीं रहा है। मिड-डे मील, मुफ्त किताबें, बस्ते, ड्रेस और छात्रवृत्ति पढ़ाई में रुचि पैदा करने के लिए बच्चों को मुहैया कराई जा रही हैं, लेकिन यह सारे प्रयास शिक्षकों की आरामतलबी के कारण बेमानी साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि विद्यालय का संचालन शिक्षकों की मनमर्जी से हो रहा है। इसकी बानगी प्राथमिक विद्यालय टपरन सु़काड़ी में बुधवार को देखने को मिली।
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विद्यालय में तीन-तीन शिक्षकों की तैनाती होने के बाद भी दोपहर बारह बजे तक विद्यालय के ताले नहीं खुले। विद्यालय बंद देख नौनिहाल खेलकूद कर अपने-अपने घर की ओर चले गए। इसे लेकर अभिभावकों में आक्रोश है।
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तीन शिक्षकों में से एक की अस्थायी ड्यूटी ललितपुर में है, जबकि दो शिक्षकों की ड्यूटी उप्र बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई है।
- महेश तिवारी
संकुल प्रभारी