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सारे आलम को एक तोहफा और रोजेदारों के लिए इनाम है ईद
amarujala
Updated Sun, 17 Jun 2018 01:48 AM IST
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ead, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
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सेवइयां में लिपटी मोहब्बत की मिठास का त्योहार ईद-उल-फितर भूख-प्यास सहन करके एक महीने तक सिर्फ खुदा को याद करने वाले रोजेदारों को अल्लाह का इनाम है। मुस्लिम समुुदाय का सबसे बड़ा त्यौहार कहा जाने वाला यह पर्व न सिर्फ समाज को जोड़ने का मजबूत सूत्र है, बल्कि यह इस्लाम के प्रेम और सौहार्द भरे संदेश भी देता है। शनिवार के दिन अल्लाह के दर पर ईद के मुबारक मौके पर एक साथ इबादत के लिए उठे हजारों हाथों ने देश में अमन चैन के लिए दुआएं मांगीं। नमाजियों ने नमाज अदा की और गले मिलकर एक दूसरे से ईद मुबारक कहा। ईदगाह व मस्जिदों में जुटे हजारों नमाजियों ने नमाज पढ़ी। इसके बाद दिन भर सेवईयों का दौर चला।
ईद-उल-फितर एक रुहानी महीने में कड़ी आजमाइश के बाद रोजेदार को अल्लाह की तरफ से मिलने वाला रुहानी इनाम है। ईद समाजी तालमेल और मोहब्बत का मजबूत धागा है, यह त्योहार इस्लाम धर्म की परंपराओं का आईना है। एक रोजेदार के लिए इसकी अहमियत का अंदाजा अल्लाह के प्रति उसकी कृतज्ञता से लगाया जा सकता है। ईद को लेकर सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग नए कपड़े पहनकर अपने बच्चों व परिजनों के साथ नमाज पढ़ने के लिए ईदगाह व मस्जिदों में पहुंचे। एक महीने तक रमजान के महीने में रोजा रखते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को जुमा की अलविदा नमाज अदा की और देर शाम को ही चांद भी दिख गया, जिसके बाद अगले दिन शनिवार को ईद मनाई गई। ईद के दिन शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे ईदगाह परिसर में एकत्रित होकर मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने नमाज अदा की।
ईदगाह पर शहर पेश इमाम हाजी मु. अलीम ने नमाज अदा कराई और खुतवा पढ़ा। नमाज के पश्चात लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। जिले का सांप्रदायिक सौहार्द एक मिशाल के रूप में देखा जाता है। ईद का पर्व मनाने में हिंदू वर्ग के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जगह-जगह पांडाल लगाकर ईद मिलन समारोह भी आयोजित हुए। मुस्लिम धर्मावलंबियों को गले मिलकर ईद पर्व की शुभकामनाएं दीं। ईदगाह पर नमाज के बाद उद्यान विभाग में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता, एसडीएम सदर महेश प्रसाद दीक्षित, सीओ सदर हिमांशु गौरव, शहर कोतवाल, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार आदि के अलावा जिला स्तरीय अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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ईदगाह के बाहर ही सपा नेताओं ने भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से गले मिलकर शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर मुस्लिम एसोसिएशन सदर असलम कुरैशी, उर्स कमेटी सदर बाबू बदरुद्दीन कुरैशी, सपा नगर अध्यक्ष अजीज कुरैशी, अबरार अली, मीडिया प्रभारी मोहम्मद नसीम व रिजवान उज्जमा, नायब सदर रहमान कल्ला, हाजी साबिर अली, रमजानी दादा, मुशतफा पार्षद, समद खान आदि मुख्य रुप से उपस्थित रहे।
यहां पढ़ी गई ईद की नमाज
ईद-उल-फितर के मौके पर सुबह साढ़े आठ बजे नमाज अदा कराई गई। इसके अलावा शहर में अन्य मस्जिदों जामा मस्जिद, सदनशाह, नेहरुनगर, हम्मालान, बरिया वाली मस्जिद, गोविंद नगर, पुलिस लाइन कदीमी मस्जिद में भी नमाज पढ़कर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देश के लिए अमन चैन की दुआएं मांगी।
एकता और सौहार्द का त्यौहार है ईद
ईद धार्मिक सदभाव और सामाजिक एकता का त्यौहार है। जिसे सभी लोग मिल जुलकर मनाते हैं। मुस्लिम समाज के प्रबुद्व व आम लोगों का कहना है कि ईद का त्यौहार जरुरतमंदों की मदद करना, पड़ौसियों से मोहब्बत और देश की तरक्कती का संदेश प्रदान करना है।
मेल मिलाप बढ़ाता है ईद का त्यौहार
रमजन मुबारक माह अल्लाह की इबादत का महीना होता है। इस महीने में इबादत करने का सबसे ज्यादा सबाब मिलता है, जहां एक ओर ईद आने की खुशी होती है, तो वहीं दूसरी ओर इस पाक महीना जाने का गम होता है। ईद को लेकर बच्चों में ज्यादा खुशी होती है। ईद का त्यौहार बुराईयों को खत्म करता है और आपसी मेल मिलाप को बढ़ाता है।
हाजी अब्दुल अलीम, शहर पेश इमाम।
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ईद-उल-फितर एक रुहानी महीने में कड़ी आजमाइश के बाद रोजेदार को अल्लाह की तरफ से मिलने वाला रुहानी इनाम है। ईद समाजी तालमेल और मोहब्बत का मजबूत धागा है, यह त्योहार इस्लाम धर्म की परंपराओं का आईना है। एक रोजेदार के लिए इसकी अहमियत का अंदाजा अल्लाह के प्रति उसकी कृतज्ञता से लगाया जा सकता है। ईद को लेकर सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग नए कपड़े पहनकर अपने बच्चों व परिजनों के साथ नमाज पढ़ने के लिए ईदगाह व मस्जिदों में पहुंचे। एक महीने तक रमजान के महीने में रोजा रखते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को जुमा की अलविदा नमाज अदा की और देर शाम को ही चांद भी दिख गया, जिसके बाद अगले दिन शनिवार को ईद मनाई गई। ईद के दिन शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे ईदगाह परिसर में एकत्रित होकर मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने नमाज अदा की।
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ईदगाह पर शहर पेश इमाम हाजी मु. अलीम ने नमाज अदा कराई और खुतवा पढ़ा। नमाज के पश्चात लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। जिले का सांप्रदायिक सौहार्द एक मिशाल के रूप में देखा जाता है। ईद का पर्व मनाने में हिंदू वर्ग के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जगह-जगह पांडाल लगाकर ईद मिलन समारोह भी आयोजित हुए। मुस्लिम धर्मावलंबियों को गले मिलकर ईद पर्व की शुभकामनाएं दीं। ईदगाह पर नमाज के बाद उद्यान विभाग में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता, एसडीएम सदर महेश प्रसाद दीक्षित, सीओ सदर हिमांशु गौरव, शहर कोतवाल, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार आदि के अलावा जिला स्तरीय अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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ईदगाह के बाहर ही सपा नेताओं ने भी मुस्लिम धर्मावलंबियों से गले मिलकर शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर मुस्लिम एसोसिएशन सदर असलम कुरैशी, उर्स कमेटी सदर बाबू बदरुद्दीन कुरैशी, सपा नगर अध्यक्ष अजीज कुरैशी, अबरार अली, मीडिया प्रभारी मोहम्मद नसीम व रिजवान उज्जमा, नायब सदर रहमान कल्ला, हाजी साबिर अली, रमजानी दादा, मुशतफा पार्षद, समद खान आदि मुख्य रुप से उपस्थित रहे।
यहां पढ़ी गई ईद की नमाज
ईद-उल-फितर के मौके पर सुबह साढ़े आठ बजे नमाज अदा कराई गई। इसके अलावा शहर में अन्य मस्जिदों जामा मस्जिद, सदनशाह, नेहरुनगर, हम्मालान, बरिया वाली मस्जिद, गोविंद नगर, पुलिस लाइन कदीमी मस्जिद में भी नमाज पढ़कर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देश के लिए अमन चैन की दुआएं मांगी।
एकता और सौहार्द का त्यौहार है ईद
ईद धार्मिक सदभाव और सामाजिक एकता का त्यौहार है। जिसे सभी लोग मिल जुलकर मनाते हैं। मुस्लिम समाज के प्रबुद्व व आम लोगों का कहना है कि ईद का त्यौहार जरुरतमंदों की मदद करना, पड़ौसियों से मोहब्बत और देश की तरक्कती का संदेश प्रदान करना है।
मेल मिलाप बढ़ाता है ईद का त्यौहार
रमजन मुबारक माह अल्लाह की इबादत का महीना होता है। इस महीने में इबादत करने का सबसे ज्यादा सबाब मिलता है, जहां एक ओर ईद आने की खुशी होती है, तो वहीं दूसरी ओर इस पाक महीना जाने का गम होता है। ईद को लेकर बच्चों में ज्यादा खुशी होती है। ईद का त्यौहार बुराईयों को खत्म करता है और आपसी मेल मिलाप को बढ़ाता है।
हाजी अब्दुल अलीम, शहर पेश इमाम।