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हैरतअंगेज करतब दिखाता नौनिहाल
ब्यूरो ललितपुर
Updated Wed, 09 Dec 2015 12:41 AM IST
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ललितपुर (ब्यूरो)। धनाढ्य वर्ग के व्यक्ति प्ले सेंटरों में अपने बच्चों को प्रवेश दिलाकर उनका बचपन बचाने में सफल हो रहे हैं। लेकिन, कमजोर परिवारों के बच्चों का बचपन गरीबी की चौखट पर बर्बाद हो रहा है।
ऐसा ही नजारा मंगलवार को सीओ नगर कार्यालय के सामने दिखाई दिया। कार्यालय के गेट पर बच्चा हैरतअंगेज प्रदर्शन करता रहा, लेकिन जिम्मेदार अफसर कार्यालय से नहीं निकले। हालांकि, दर्शकों ने चंद पैसे देकर जरूर उनकी मदद की।
छह से 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों का बचपन बचाने के लिए भले ही बाल संरक्षण आयोग गठित हो व शिक्षा का अधिकार अधिनियम बना दिया गया हो।
लेकिन, सारे कानून गरीबी की देहरी पर घुटने टेकते दिखाई देते हैं। मंगलवार को कुछ ऐसा ही दिखाई दिया। सीओ नगर और पुलिस चौकी सदर कार्यालय के सामने दो बच्चे पेट की खातिर करतब कर रहे थे। उनका उत्साहवर्धन मां ढोलक बजाकर कर रही थी। इस देखने के लिए दर्शकों की भीड़ लग गई। लेकिन, जिम्मेदार अफसर अपने कार्यालय से नहीं निकले। बाल कल्याण अधिकारी, श्रम अधिकारी और बीएसए को भी इनकी सुध लेने की फुर्सत नहीं है।
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ऐसा ही नजारा मंगलवार को सीओ नगर कार्यालय के सामने दिखाई दिया। कार्यालय के गेट पर बच्चा हैरतअंगेज प्रदर्शन करता रहा, लेकिन जिम्मेदार अफसर कार्यालय से नहीं निकले। हालांकि, दर्शकों ने चंद पैसे देकर जरूर उनकी मदद की।
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छह से 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों का बचपन बचाने के लिए भले ही बाल संरक्षण आयोग गठित हो व शिक्षा का अधिकार अधिनियम बना दिया गया हो।
लेकिन, सारे कानून गरीबी की देहरी पर घुटने टेकते दिखाई देते हैं। मंगलवार को कुछ ऐसा ही दिखाई दिया। सीओ नगर और पुलिस चौकी सदर कार्यालय के सामने दो बच्चे पेट की खातिर करतब कर रहे थे। उनका उत्साहवर्धन मां ढोलक बजाकर कर रही थी। इस देखने के लिए दर्शकों की भीड़ लग गई। लेकिन, जिम्मेदार अफसर अपने कार्यालय से नहीं निकले। बाल कल्याण अधिकारी, श्रम अधिकारी और बीएसए को भी इनकी सुध लेने की फुर्सत नहीं है।
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