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दिनों दिन घट रहीं रोडवेज बसें
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ललितपुर। जिले में संचालित की जाने वाली रोडवेज बसों की संख्या दिनों दिन कम होती जा रही हैं। जहां शुरुआत में 20 बसों का संचालन शुरू हुआ था, जो अब घटकर पांच रह गई है। इससे यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर यात्रा करनी पड़ रही है।
बीते वर्षों में तत्कालीन अखिलेश सरकार ने जिले को रोडवेज की बीस लोहिया बसों का संचालन कराया था। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से शहर व मुख्यालय आने वाले लोगों को सुविधा हो गई, लेकिन धीरे-धीरे विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते बसों का संचालन बंद कर दिया गया। जो अब तक 20 बसों से मात्र पांच बसें ही चल रहीं हैं। इससे लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। अधिकांश मार्गों पर यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हो गए हैं। वहीं, कुछ मार्गों पर एक ही बस संचालित होने के कारण लोग बसों में खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं। वहीं, कुछ यात्री समय पर पहुंचने के लिए इस भीषण सर्दी में बसों के ऊपर बैठकर जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अनदेखा कर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
इन बसों का हो रहा संचालन
गुढ़ा- कानपुर जो केवल झांसी से गुढ़ा के लिए चलती थी, लेकिन अब कानपुर जाने लगी है। झांसी - ललितपुर नानस्टाप, बार- झांसी और मदनपुर - झांसी बसें चल रहीं हैं।
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यह बसें हो चुकीं बंद
गुढ़ा-झांसी, दो देवगढ़, दो बालाबेहट, दो मदनपुर नानस्टाप, कैलगुवां-झांसी, ललितपुर-जखौरा होते हुए झांसी, दो प्रयागराज, दो नबागढ़ आदि बसों का संचालन बंद हो गया है।
कंडक्टरों की कमी के कारण बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। नौ जनवरी से सभी बसों का संचालन नियमित कराया जाएगा। - रामलवट , सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक झांसी डिपो
पहले ललितपुर से झांसी के लिए रात्रि में आठ बजे बस मिल जाती थी, लेकिन छह माह से यह बस नहीं चल रही है। इससे रात्रि में घर आने की समस्या हो जाती है। जिसके चलते रिश्तेदारों के यहां रात में रुकना पड़ता है।
- अरुण कुमार रजक
रोडवेज बसों में सफर सुकून के साथ हो जाता है। लेकिन, अधिकांश बसों का संचालन बंद होता जा रहा है। इससे परिवार के साथ सफर करने में सीट मिलना मुश्किल हो जाता है।
- अंकित सोनी
जखौरा मार्ग पर बीते वर्षों में एक रोडवेज बस का संचालन शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही दिनों बाद बंद कर दिया है। अब इस मार्ग पर केवल दो निजी बसों का संचालन हो रहा हैै। इससे डग्गामार वाहनों से यात्रा करना पड़ रही है।
- मोहर सिंह विघा
शाम के समय झांसी से सुविधा में आने के लिए रोडवेज की एक नानस्टाप बस चलती थीं, जो कई दिनों से बंद हो गई है। अब समय से पहले ही बस स्टैंड पर आना पड़ता है और बस नहीं मिलने पर आने के लिए पेरशान होना पड़ रहा है।
- सतीश झा
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बीते वर्षों में तत्कालीन अखिलेश सरकार ने जिले को रोडवेज की बीस लोहिया बसों का संचालन कराया था। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से शहर व मुख्यालय आने वाले लोगों को सुविधा हो गई, लेकिन धीरे-धीरे विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते बसों का संचालन बंद कर दिया गया। जो अब तक 20 बसों से मात्र पांच बसें ही चल रहीं हैं। इससे लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। अधिकांश मार्गों पर यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हो गए हैं। वहीं, कुछ मार्गों पर एक ही बस संचालित होने के कारण लोग बसों में खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं। वहीं, कुछ यात्री समय पर पहुंचने के लिए इस भीषण सर्दी में बसों के ऊपर बैठकर जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अनदेखा कर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
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इन बसों का हो रहा संचालन
गुढ़ा- कानपुर जो केवल झांसी से गुढ़ा के लिए चलती थी, लेकिन अब कानपुर जाने लगी है। झांसी - ललितपुर नानस्टाप, बार- झांसी और मदनपुर - झांसी बसें चल रहीं हैं।
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यह बसें हो चुकीं बंद
गुढ़ा-झांसी, दो देवगढ़, दो बालाबेहट, दो मदनपुर नानस्टाप, कैलगुवां-झांसी, ललितपुर-जखौरा होते हुए झांसी, दो प्रयागराज, दो नबागढ़ आदि बसों का संचालन बंद हो गया है।
कंडक्टरों की कमी के कारण बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। नौ जनवरी से सभी बसों का संचालन नियमित कराया जाएगा। - रामलवट , सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक झांसी डिपो
पहले ललितपुर से झांसी के लिए रात्रि में आठ बजे बस मिल जाती थी, लेकिन छह माह से यह बस नहीं चल रही है। इससे रात्रि में घर आने की समस्या हो जाती है। जिसके चलते रिश्तेदारों के यहां रात में रुकना पड़ता है।
- अरुण कुमार रजक
रोडवेज बसों में सफर सुकून के साथ हो जाता है। लेकिन, अधिकांश बसों का संचालन बंद होता जा रहा है। इससे परिवार के साथ सफर करने में सीट मिलना मुश्किल हो जाता है।
- अंकित सोनी
जखौरा मार्ग पर बीते वर्षों में एक रोडवेज बस का संचालन शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही दिनों बाद बंद कर दिया है। अब इस मार्ग पर केवल दो निजी बसों का संचालन हो रहा हैै। इससे डग्गामार वाहनों से यात्रा करना पड़ रही है।
- मोहर सिंह विघा
शाम के समय झांसी से सुविधा में आने के लिए रोडवेज की एक नानस्टाप बस चलती थीं, जो कई दिनों से बंद हो गई है। अब समय से पहले ही बस स्टैंड पर आना पड़ता है और बस नहीं मिलने पर आने के लिए पेरशान होना पड़ रहा है।
- सतीश झा