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पक्के रास्ते की राह होती गई मुश्किल
lalitpur
Updated Thu, 11 May 2017 12:18 AM IST
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सड़क
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। शहर का वार्ड नंबर 14 आजादपुरा प्रथम आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र में पक्की सड़कें नहीं है। नालियां भी पक्की न होने से हर समय सड़क पर जलभराव की स्थिति भी बनी रहती है। पेयजल के लिए लोगों को भटकना पड़ता है।
वार्ड नंबर 14 के मुहल्ला आजादपुरा प्रथम में करीब ढाई हजार परिवार रहते हैं। यहां पक्की सड़कों व नाली न होने से लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। ऐसे में गलियों व खाली जगह पर नालियों का पानी भरा रहता है। इन गलियों में टैक्सी वाले भी जाने से कतराते हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों को खासी मुश्किल होती है। सबसे अधिक समस्या टोरिया मुहल्ला और राजपूत कालोनी में है। नगर पालिका ने अब तक इस वार्ड में केवल श्रीवर्णी जैन कॉलेज से लेकर लेड़ियापुरा तक का ही मार्ग का निर्माण कराया है। इसके अलावा कुछ ही गलियों में सीसी रोड बनाई गई है।
बिजली के खंभे बने शोपीस
बीते करीब दो वर्ष पूर्व राजपूत कालोनी में सेंट्रल स्कूल के पास वाले क्षेत्र में बिजली के खंभे लगवाए गए थे। लेकिन, इन खंभों पर अभी तक लाइन नहीं खींची जा सकी है। लोग बांस-बल्लियों के सहारे बिजली पा रहे हैं। खंभों पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। इससे असुरक्षित माहौल बना रहता है।
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भेदभाव के चलते अटका विकास
नगर पालिका अध्यक्ष व अधिकारियों द्वारा नगर के विकास में व्यय होने वाले करोड़ों रुपयों को ठिकाने लगाया है, जिसका मैने हमेशा से ही विरोध किया है। बीते दिनों में नगर पालिका ने दबाव बनाने के लिए षड़यंत्र के तहत अपने एक लिपिक से मारपीट का झूठा मुकदमा भी दर्ज करा दिया। बीते इन वर्षों में वार्ड में विकास कार्य भी नहीं कराए गए हैं। वार्ड के ऐसे कई प्रमुख कार्य हैं, जिनका टेंडर तक हो चुका है, लेकिन कार्य नहीं कराए गए है। कुछ का तो बिना कार्य हुए भुगतान तक करा दिया गया है। बीते वर्ष जुलाई में राजपूत कालोनी में करीब 145 मीटर लंबाई व 06 मीटर चौड़ाई वाले मार्ग पर सीसी सड़क के लिए करीब 14.36 लाख रुपए में टेंडर उठा था। करीब दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ।
- ईदरीश राईन, पार्षद।
17 साल में नहीं आया कोई सफाई कर्मी
वार्ड के मुख्य मार्गों को छोड़ दिया जाए तो मुहल्ले की गलियों व खाली पड़े प्लाटों में जगह-जगह कीचड़ है। पक्की नालियां नहीं होने से नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। वह यहां 17 वर्षों से रह रहे है, लेकिन अब तक कोई भी सफाई कर्मी नाली की सफाई करने नहीं आया है। सड़क पर झाड़ू लगाने के लिए कभी कभार एक महिला कर्मी आती है, लेकिन वह भी सड़क की सारी गंदगी को नाली में डालकर चली जाती है। हर रविवार को खुद ही अपने घर के समाने नाली साफ करते हैं।
- मनमोहन सूर्येश, राजपूत कालोनी निवासी।
लाइन तो बिछ गई, लेकिन नहीं हो सकी चालू
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व राजपूत कालोनी में स्वच्छ पेयजल के लिए लाखों रुपए की लागत से लाइन लाइन बिछवाई गई थी और पानी की समस्या से जूझ रहे मुहल्ले वासियों ने नलों के संयोजन भी ले लिए थे, लेकिन लाइन बिछने के बाद से अब तक इन डेढ़ वर्षों में एक बार भी नलों में पानी नसीब नहीं हुआ है। घरों में निजी बोर है, लेकिन पानी इतना खारा है कि बिना आरओ के पानी पीने योग्य नहीं है। सड़कों के बिना तो कैसे में गुजारा हो जाता है, लेकिन पानी सबसे ज्यादा जरूरी है। जनप्रतिनिधियों व प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- जाहर सिंह पटेल, राजपूत कालोनी निवासी।
टैंकर पास आ जाए तो मुश्किल कम हो
क्षेत्र में करीब तीन सौ परिवार रहते हैं, जो पानी के लिए परेशानियां उठा रहे हैं। इलाका पथरीला होने के कारण जल स्तर बहुत नीचे है। पेयजल पाइप लाइन नहीं होने से लोगों के पास विकल्प भी नहीं है। इस क्षेत्र में बहुत ही कम परिवार हैं जो निजी बोर कराने के लिए सक्षम हैं। हाल में जल संस्थान के ने दिन में एक बार टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। गलियां संकरी होने से पानी के टैंकर काफी दूर खड़े रहते हैं। पानी की जुगाड़ के लिए दिन भर महिलाएं, पुरुष और बच्चे परेशान रहते हैं।
- सुखवती, मुहल्ला टोरिया निवासी।
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वार्ड नंबर 14 के मुहल्ला आजादपुरा प्रथम में करीब ढाई हजार परिवार रहते हैं। यहां पक्की सड़कों व नाली न होने से लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। ऐसे में गलियों व खाली जगह पर नालियों का पानी भरा रहता है। इन गलियों में टैक्सी वाले भी जाने से कतराते हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों को खासी मुश्किल होती है। सबसे अधिक समस्या टोरिया मुहल्ला और राजपूत कालोनी में है। नगर पालिका ने अब तक इस वार्ड में केवल श्रीवर्णी जैन कॉलेज से लेकर लेड़ियापुरा तक का ही मार्ग का निर्माण कराया है। इसके अलावा कुछ ही गलियों में सीसी रोड बनाई गई है।
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बिजली के खंभे बने शोपीस
बीते करीब दो वर्ष पूर्व राजपूत कालोनी में सेंट्रल स्कूल के पास वाले क्षेत्र में बिजली के खंभे लगवाए गए थे। लेकिन, इन खंभों पर अभी तक लाइन नहीं खींची जा सकी है। लोग बांस-बल्लियों के सहारे बिजली पा रहे हैं। खंभों पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। इससे असुरक्षित माहौल बना रहता है।
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भेदभाव के चलते अटका विकास
नगर पालिका अध्यक्ष व अधिकारियों द्वारा नगर के विकास में व्यय होने वाले करोड़ों रुपयों को ठिकाने लगाया है, जिसका मैने हमेशा से ही विरोध किया है। बीते दिनों में नगर पालिका ने दबाव बनाने के लिए षड़यंत्र के तहत अपने एक लिपिक से मारपीट का झूठा मुकदमा भी दर्ज करा दिया। बीते इन वर्षों में वार्ड में विकास कार्य भी नहीं कराए गए हैं। वार्ड के ऐसे कई प्रमुख कार्य हैं, जिनका टेंडर तक हो चुका है, लेकिन कार्य नहीं कराए गए है। कुछ का तो बिना कार्य हुए भुगतान तक करा दिया गया है। बीते वर्ष जुलाई में राजपूत कालोनी में करीब 145 मीटर लंबाई व 06 मीटर चौड़ाई वाले मार्ग पर सीसी सड़क के लिए करीब 14.36 लाख रुपए में टेंडर उठा था। करीब दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ।
- ईदरीश राईन, पार्षद।
17 साल में नहीं आया कोई सफाई कर्मी
वार्ड के मुख्य मार्गों को छोड़ दिया जाए तो मुहल्ले की गलियों व खाली पड़े प्लाटों में जगह-जगह कीचड़ है। पक्की नालियां नहीं होने से नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। वह यहां 17 वर्षों से रह रहे है, लेकिन अब तक कोई भी सफाई कर्मी नाली की सफाई करने नहीं आया है। सड़क पर झाड़ू लगाने के लिए कभी कभार एक महिला कर्मी आती है, लेकिन वह भी सड़क की सारी गंदगी को नाली में डालकर चली जाती है। हर रविवार को खुद ही अपने घर के समाने नाली साफ करते हैं।
- मनमोहन सूर्येश, राजपूत कालोनी निवासी।
लाइन तो बिछ गई, लेकिन नहीं हो सकी चालू
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व राजपूत कालोनी में स्वच्छ पेयजल के लिए लाखों रुपए की लागत से लाइन लाइन बिछवाई गई थी और पानी की समस्या से जूझ रहे मुहल्ले वासियों ने नलों के संयोजन भी ले लिए थे, लेकिन लाइन बिछने के बाद से अब तक इन डेढ़ वर्षों में एक बार भी नलों में पानी नसीब नहीं हुआ है। घरों में निजी बोर है, लेकिन पानी इतना खारा है कि बिना आरओ के पानी पीने योग्य नहीं है। सड़कों के बिना तो कैसे में गुजारा हो जाता है, लेकिन पानी सबसे ज्यादा जरूरी है। जनप्रतिनिधियों व प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- जाहर सिंह पटेल, राजपूत कालोनी निवासी।
टैंकर पास आ जाए तो मुश्किल कम हो
क्षेत्र में करीब तीन सौ परिवार रहते हैं, जो पानी के लिए परेशानियां उठा रहे हैं। इलाका पथरीला होने के कारण जल स्तर बहुत नीचे है। पेयजल पाइप लाइन नहीं होने से लोगों के पास विकल्प भी नहीं है। इस क्षेत्र में बहुत ही कम परिवार हैं जो निजी बोर कराने के लिए सक्षम हैं। हाल में जल संस्थान के ने दिन में एक बार टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। गलियां संकरी होने से पानी के टैंकर काफी दूर खड़े रहते हैं। पानी की जुगाड़ के लिए दिन भर महिलाएं, पुरुष और बच्चे परेशान रहते हैं।
- सुखवती, मुहल्ला टोरिया निवासी।