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ब्रह्मचर्य धर्म से आता है संयम : आर्यिका धारणामति
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संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी। दशलक्षण महापर्व के समापन पर भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक मनाया गया। भगवान जिनेंद्र का अभिषेक, पूजन, शांतिधारा की गई।
दोपहर में जल विहार के लिए बैंडबाजों के साथ निकाली गई शोभायात्रा का समापन दिगंबर जैन भगवान अजित नाथ बड़ा मंदिर में हुआ। यहां श्रीजी का अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का सौभाग्य निशांत जैन, सुनील डेवडिया, ऋषभ सिंघई, अनिल मिठया एवं प्रमोद सिंघई को प्राप्त हुआ।
इस दौरान आर्यिका धारणामति माता ने कहा कि उत्तम ब्रह्मचर्य जैन धर्म में एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जो हमें संयमित और आत्मा के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। इसका मतलब होता है कि हम अपने मानसिक, भौतिक, और आध्यात्मिक जीवन में संयमित रहें और अपने इंद्रियों को नियंत्रित करें। सांध्यकालीन बेला में भगवान जिनेंद्र की आरती हुई। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। श्री शांतिनाथ जिनालय एवं श्री चंद्रप्रभु जिनालय में धार्मिक कार्यक्रम हुआ।
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मड़ावरा। वर्णीनगर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि अक्षय सागर महाराज ने कहा कि उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जो भी ब्रह्मचर्य की साधना करता है, उसका जीवन मंगलमय बन जाता है।
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सोलहकारण पर्व में समोशरण महामंडल विधान में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य विक्रम जैन बजाज, कुवेरइंद्र शीलचंद्र, आमोद जैन, श्रीजी की शांतिधारा करने का सौभाग्य घनश्यामदास, अभिषेक जैन, दीपचंद्र, ऋषि जैन, अंशुल संगोरया परिवार ने प्राप्त किया। रात्रि में शिक्षिका इंद्रा जैन के निर्देशन में नाटिका प्रस्तुत की गई। निर्वाण लाडू भी समर्पित किए गए। इस दौरान संतोष जैन, साहिल बजाज परिवार, घनश्यामदास जैन, संस्कृति सराफ, अपूर्वा सराफ, ब्रह्मचार्य राजेश आदि मौजूद रहे।
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आज निकलेगी श्री जी की वार्षिक विमान यात्रा
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष अभिनंदन चौधरी ने बताया कि पर्यूषण पर्व एवं सोलहकारण पर्व के समापन के उपलक्ष्य में 18 सितंबर को दोपहर एक बजे से भव्य विमानोत्सव यात्रा श्री 1008 नेमीनाथ जिनालय पुराना बाजार से प्रारंभ होकर श्री महावीर विद्याविहार पहुंचेगी। जहां श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा के उपरांत मुनिश्री के प्रवचन होंगे।
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पाली। दिगंबर जैन मंदिर से जयकारों के बीच श्रीजी के विमान निकाले गए। इस दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर नृत्य करते रहे।
अनंत चतुर्थी को उत्तम ब्रह्मचर्य के दिन भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा व पांचों कल्याणक के निर्माण लाडू कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोपहर में भगवान जी के विमान भी निकाले गए। नृत्य एवं भजन गाकर श्री जी की आराधना की गई। जयकुमार जैन, अरुण मोदी, श्रीकांत जैन, रविंद्र व्या, शीलचंद वैद्य, राकेश, मनीष तिवारी नगर पंचायत अध्यक्ष, नंदकिशोर सोनी पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, रामकुमार चौरसिया पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद रानू दुबे आदि मौजूद रहे।
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महरौनी। दशलक्षण महापर्व के समापन पर भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक मनाया गया। भगवान जिनेंद्र का अभिषेक, पूजन, शांतिधारा की गई।
दोपहर में जल विहार के लिए बैंडबाजों के साथ निकाली गई शोभायात्रा का समापन दिगंबर जैन भगवान अजित नाथ बड़ा मंदिर में हुआ। यहां श्रीजी का अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का सौभाग्य निशांत जैन, सुनील डेवडिया, ऋषभ सिंघई, अनिल मिठया एवं प्रमोद सिंघई को प्राप्त हुआ।
इस दौरान आर्यिका धारणामति माता ने कहा कि उत्तम ब्रह्मचर्य जैन धर्म में एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जो हमें संयमित और आत्मा के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। इसका मतलब होता है कि हम अपने मानसिक, भौतिक, और आध्यात्मिक जीवन में संयमित रहें और अपने इंद्रियों को नियंत्रित करें। सांध्यकालीन बेला में भगवान जिनेंद्र की आरती हुई। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। श्री शांतिनाथ जिनालय एवं श्री चंद्रप्रभु जिनालय में धार्मिक कार्यक्रम हुआ।
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मड़ावरा। वर्णीनगर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि अक्षय सागर महाराज ने कहा कि उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जो भी ब्रह्मचर्य की साधना करता है, उसका जीवन मंगलमय बन जाता है।
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सोलहकारण पर्व में समोशरण महामंडल विधान में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य विक्रम जैन बजाज, कुवेरइंद्र शीलचंद्र, आमोद जैन, श्रीजी की शांतिधारा करने का सौभाग्य घनश्यामदास, अभिषेक जैन, दीपचंद्र, ऋषि जैन, अंशुल संगोरया परिवार ने प्राप्त किया। रात्रि में शिक्षिका इंद्रा जैन के निर्देशन में नाटिका प्रस्तुत की गई। निर्वाण लाडू भी समर्पित किए गए। इस दौरान संतोष जैन, साहिल बजाज परिवार, घनश्यामदास जैन, संस्कृति सराफ, अपूर्वा सराफ, ब्रह्मचार्य राजेश आदि मौजूद रहे।
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आज निकलेगी श्री जी की वार्षिक विमान यात्रा
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष अभिनंदन चौधरी ने बताया कि पर्यूषण पर्व एवं सोलहकारण पर्व के समापन के उपलक्ष्य में 18 सितंबर को दोपहर एक बजे से भव्य विमानोत्सव यात्रा श्री 1008 नेमीनाथ जिनालय पुराना बाजार से प्रारंभ होकर श्री महावीर विद्याविहार पहुंचेगी। जहां श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा के उपरांत मुनिश्री के प्रवचन होंगे।
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पाली। दिगंबर जैन मंदिर से जयकारों के बीच श्रीजी के विमान निकाले गए। इस दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर नृत्य करते रहे।
अनंत चतुर्थी को उत्तम ब्रह्मचर्य के दिन भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा व पांचों कल्याणक के निर्माण लाडू कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोपहर में भगवान जी के विमान भी निकाले गए। नृत्य एवं भजन गाकर श्री जी की आराधना की गई। जयकुमार जैन, अरुण मोदी, श्रीकांत जैन, रविंद्र व्या, शीलचंद वैद्य, राकेश, मनीष तिवारी नगर पंचायत अध्यक्ष, नंदकिशोर सोनी पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, रामकुमार चौरसिया पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद रानू दुबे आदि मौजूद रहे।