फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Remand plea dismissed

Lalitpur News: साइबर ठगी के आरोपी की रिमांड याचिका खारिज

Sun, 18 Jan 2026 01:05 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
Remand plea dismissed
न्यायालय ने कहा - आरोपी पर लगे आरोप मूल एफआईआर की घटना से मेल नहीं खाते और पुलिस ने बिना किसी ठोस आधार के आरोपी बनाया
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। साइबर ठगी के मामले में सह आरोपी के बयान के आधार पर बनाए गए आरोपी गोलू यादव की रिमांड याचिका मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने निरस्त कर दी है। न्यायालय ने इसमें पाया कि आरोपी पर लगे आरोप मूल एफआईआर की घटना से मेल नहीं खाते हैं और पुलिस ने उसे बिना किसी ठोस आधार के आरोपी बनाया है।
थाना नाराहट के ग्राम रीछपुरा निवासी राहुल सिंह ने एक मई 2025 को साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसके गांव के चंद्रपाल घोष ने उसे व उसके अन्य साथियों भगवान सिंह व सतेंद्र को डेयरी फार्म खुलवाने में सरकारी पैसा दिलाने का लालच देकर खाता खुलवाने के लिए कहा था। वे खाता खुलवाने के लिए इलाइट चौराहे पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बीसी एजेंट रामनरेश तिवारी निवासी बसंत विहार कॉलोनी के पास ले गए। वहां उनका खाता खोलकर कोई दूसरा नंबर जोड़ दिया, जो एजेंट रामनरेश को उसके साथियों पुष्पेंद्र उर्फ कल्लू राजा व चाहत राजा बुंदेला निवासी ग्राम सीरोनखुर्द द्वारा दिया गया था। पुष्पेंद्र राजा ने उससे खाता संख्या और एटीएम ले लिया। बाद में शक होने पर उसने पुष्पेंद्र को फोन किया कि उसका खाता उसे दे दो, उसे डेयरी का फार्म नहीं भरवाना है। इस पर उसने खाता देने से मना कर दिया। इस पर साइबर अपराध थाने में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
विज्ञापन

इस मामले में पुष्पेंद्र राजा ने बयान दिया था कि गोलू यादव को धोखाधड़ी की जानकारी मिल गई थी। गोलू ने उन्हें बचाने और मदद करने के नाम पर उनसे पैसे ऐंठे थे। पुलिस ने इसी बयान के आधार पर गोलू यादव, जो पहले से एक अन्य मामले में जिला कारागार में निरुद्ध चल रहा है, उसे साइबर अपराध में आरोपी बनाते हुए उसकी रिमांड मांगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मामले में न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि मूल एफआईआर साइबर ठगी और धोखाधड़ी से संबंधित है, जबकि गोलू यादव पर आरोप हैं कि उसने इन ठगों को डरा धमकाकर पैसे लिए, जो एक अलग प्रकार का अपराध है। न्यायालय ने यह भी कहा कि जिस घटना के लिए गोलू को आरोपी बनाया गया है, वह उसकी तिथि और स्थान मूल एफआईआर में अपराध की घटना से बिल्कुल अलग है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल सह आरोपी के बयान के आधार पर किसी ऐसे व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया जा सकता, जिसकी भूमिका उस मुख्य अपराध में सीधे तौर पर नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed