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अमानक मिले आवास एवं शौचालय
ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jan 2016 12:39 AM IST
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तालबेहट (ललितपुर)। जिलाधिकारी डा रूपेश कुमार ने विकास खंड के ग्राम बघौरा में चौपाल लगाकर विकास एवं राजस्व कार्यों की हकीकत देखी। गांव में निरीक्षण के दौरान लोहिया आवास एवं शौचालय पूर्ण एवं मानक के अनुरूप न मिलने पर उन्होंने खंड विकास अधिकारी को रिकवरी करने के आदेश दिए।
बुधवार को गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आयोजित चौपाल में सबसे पहले जिलाधिकारी डा रूपेश कुुमार ने राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए दस दिन पूर्व मृत हुए सीताराम पुत्र तिजू की विरासत देखी जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज मिली।
इसके बाद उन्होंने पट्टे के कब्जे के संबंध में ग्रामीणों से जानकारी ली, जिस पर दो लोगों ने दबंगों द्वारा कब्जा न छोड़ने की बात कही, जिस पर उन्होंने थानाध्यक्ष बार एवं राजस्व अधिकारियों को कब्जा कराने के निर्देश दिए।
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पेंशन, मातृत्व लाभ, राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा, एनआरसी आदि के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से ग्रामीणों को जानकारी भी दिलवाई। ग्रामीणों की पेंशन, विद्युत एवं स्वास्थ्य आदि समस्याओं के निदान के लिए दस फरवरी को गांव में एक विशाल शिविर लगाने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने गांव में लोहिया आवास एवं शौचालयों को मौके पर जाकर देखा। लोहिया आवास मानक के अनुरूप न बने होने एवं अपूर्ण मिलने पर उनका पारा गर्म हो गया। उन्होंने खंड विकास अधिकारी से जिम्मेदार लोगों की रिकवरी कराने के निर्देश दिए।
वहीं, शौचालय में भी गड्ढे न पाए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की। चौपाल के बाद जिलाधिकारी ने गांव के दो दर्जन से अधिक गरीब एवं निराश्रितों को एक कार्यक्रम में कंबंल वितरित किए।
चौपाल में सीडीओ अरुण कुमार उपाध्याय, पीडी सुरेश चन्द्र मिश्रा, अपर जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी देवेन्द्र प्रताप, सीएमओ, जिला पूर्ति अधिकारी, डीपीआरओ, उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, तहसीलदार प्रीति जैन, नायब तहसीलदार सुबोध मणि शर्मा,
खंड विकास अधिकारी अजय कुमार, एसडीओ विद्युत, ग्राम प्रधान बेबीराजा, उनके प्रतिनिधि अतवल सिंह, राजस्व निरीक्षक नंद लाल कुशवाहा, लेखपाल रामकुमार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सहित कई विभागों के जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
पूरे गांव में मात्र एक विद्युत संयोजन
विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी उस समय हतप्रद रह गए जब पूरे गांव में एक मात्र विद्युत संयोजन होने की जानकारी विद्युत विभाग द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि गांव के अधिकांश घरों में बिजली फीटिंग है फिर संयोजन क्यों नहीं है। इस पर विभागीय अधिकारी एवं ग्रामीण कोई उत्तर न दे सकें।
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बुधवार को गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आयोजित चौपाल में सबसे पहले जिलाधिकारी डा रूपेश कुुमार ने राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए दस दिन पूर्व मृत हुए सीताराम पुत्र तिजू की विरासत देखी जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज मिली।
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इसके बाद उन्होंने पट्टे के कब्जे के संबंध में ग्रामीणों से जानकारी ली, जिस पर दो लोगों ने दबंगों द्वारा कब्जा न छोड़ने की बात कही, जिस पर उन्होंने थानाध्यक्ष बार एवं राजस्व अधिकारियों को कब्जा कराने के निर्देश दिए।
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पेंशन, मातृत्व लाभ, राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा, एनआरसी आदि के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से ग्रामीणों को जानकारी भी दिलवाई। ग्रामीणों की पेंशन, विद्युत एवं स्वास्थ्य आदि समस्याओं के निदान के लिए दस फरवरी को गांव में एक विशाल शिविर लगाने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने गांव में लोहिया आवास एवं शौचालयों को मौके पर जाकर देखा। लोहिया आवास मानक के अनुरूप न बने होने एवं अपूर्ण मिलने पर उनका पारा गर्म हो गया। उन्होंने खंड विकास अधिकारी से जिम्मेदार लोगों की रिकवरी कराने के निर्देश दिए।
वहीं, शौचालय में भी गड्ढे न पाए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की। चौपाल के बाद जिलाधिकारी ने गांव के दो दर्जन से अधिक गरीब एवं निराश्रितों को एक कार्यक्रम में कंबंल वितरित किए।
चौपाल में सीडीओ अरुण कुमार उपाध्याय, पीडी सुरेश चन्द्र मिश्रा, अपर जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी देवेन्द्र प्रताप, सीएमओ, जिला पूर्ति अधिकारी, डीपीआरओ, उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, तहसीलदार प्रीति जैन, नायब तहसीलदार सुबोध मणि शर्मा,
खंड विकास अधिकारी अजय कुमार, एसडीओ विद्युत, ग्राम प्रधान बेबीराजा, उनके प्रतिनिधि अतवल सिंह, राजस्व निरीक्षक नंद लाल कुशवाहा, लेखपाल रामकुमार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सहित कई विभागों के जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
पूरे गांव में मात्र एक विद्युत संयोजन
विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी उस समय हतप्रद रह गए जब पूरे गांव में एक मात्र विद्युत संयोजन होने की जानकारी विद्युत विभाग द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि गांव के अधिकांश घरों में बिजली फीटिंग है फिर संयोजन क्यों नहीं है। इस पर विभागीय अधिकारी एवं ग्रामीण कोई उत्तर न दे सकें।