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इस बार नफीस नहीं देवी सिंह रामलीला में खीचेंगे पर्दा
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ललितपुर। शहर की रामलीला 37 वर्षों से सांप्रदायिक सौहार्द की प्रतीक रही है। बीते 37 वर्ष तक रामलीला मंचन की शुरुआत नफीस के परदा खींचने से होती थी, लेकिन इस बार 15 दिन पहले ही नफीस इस दुनिया से अलविदा कह गए। अब उनकी जगह देवी सिंह पर्दा खींचने की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं रामलीला मंचन की तैयारियां जोरों से चल रही हैं।
शहर के मोहल्ला तालाबपुरा स्थित श्रीनृसिंह मंदिर में रामलीला की शुरूआत वर्ष 1968 में की गई थी। उस समय साधारण पर्दा और सामान्य सी वेशभूषा में ही रामलीला मंचन होता था। आयोजन समिति की स्थापना बब्बू राजा रोड़ा ने की थी। सभी वर्गों के सहयोग से मंचन में आने वाले खर्चे को वहन किया जाता था। कलाकार भी निशुल्क सहयोग कर मंचन करते थे।
रामलीला के संस्थापक बब्बू राजा ने कई वर्षों तक अपनी कद काठी और बुलंद आवाज के सहारे खुद ही रावण का किरदार बखूूबी निभाया। एक ही मंच पर परदों के सहारे ही अयोध्या, जनकपुरी, वन, नदी, सेतु समु्द्रम का निर्माण और लंका दहन का मंचन किया जाता है। तालाबपुरा की रामलीला में पैंतीस वर्षों से परदा खींचने, मंच की साज सज्जा आदि का मुख्य कार्य मोहम्मद नफीस अपने सहयोगी देवी कुशवाहा के साथ करते थे, लेकिन बीते 15 दिन पहले ही नफीस इस दुनिया को अलविदा कह गए, जिसके चलते इस बार रामलीला का मुख्य मंचन अब देवी कुशवाहा के ही जिम्मे रहेगा।
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राम, लक्ष्मण, सीता बनेंगे नए बाल कलाकार
रामलीला के इस प्राचीन मंचन का सजीव चित्रण दर्शाने के लिए इस बार की रामलीला में भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम का किरदार दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले रुद्रप्रताप सिंह चौहान निभाएंगे, तो लक्ष्मण सातवीं कक्षा में अध्ययनरत गर्वित प्रताप सिंह तोमर बनेंगे। वहीं सीता का किरदार आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले कृष्ण प्रताप सिंह अदा करेंगे। जबकि नौंवी के छात्र निखिल दीक्षित शत्रुघ्न एवं योगेश पाठक भरत का किरदार निभाएंगे।
रावण का किरदार होता अहम, सबसे महंगा भी
श्रीनृसिंह रामलीला समिति के डायरेक्टर जगदीश पाठक बताते हैं कि वर्तमान में सभी किरदारों में सबसे महंगा किरदार रावण का हो गया है। पहले तो रावण का किरदार करने वाले भी आसानी से मिल जाते थे और वह नि:स्वार्थ भाव से भी इस मंचन में सहयोग देते थे और आज के दौर में युवाओं में ऐसा मंचन करने की खूबियां भी कम ही मिलती हैं। लेकिन वर्तमान में रावण का किरदार आधुनिकता के साथ महंगा भी हो गया है। हालांकि राम, लक्ष्मण और सीता का किरदार निभाने वालों पर बहुत अधिक खर्चा नहीं आता है। रामलीला की तैयारियां एक महीने पूर्व से की जा रही हैं। सोमवार की शाम को रामलीला का मंच सज कर तैयार हो चुुका है और अब तालाबपुरा में 23 सितंबर से रामलीला का आयोजन किया जाएगा, जो शहर में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस बार विजयकांत सुड़ेले जहां वर्तमान में रावण का किरदार अदा करेंगे, तो वहीं कृष्णकांत तिवारी हनुमान, ताड़का एवं सूपर्णखा का किरदार अदा करेंगे। पंडित जगदीश पाठक बताते हैं कि रामलीला मंचन में गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस, वाल्मीकि रामायण एवं राधेश्याम रामायण से चौपाई को पंडित शीतल प्रसाद रावत द्वारा गाई जाएगी।
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दिल्ली से मंगाया सामान
श्री लक्ष्मी नृसिंह रामलीला समिति के कृष्णकांत तिवारी ने बताया कि पात्रों के साज सज्जा, साधुओं के केश, हनुमानजी का डंका, त्रिशूल, भाला, जामवंत, गरूढ़जी व जटायू की चौंच, श्रीनृसिंह भगवान, गणेशजी का मुकुट आदि सामान को दिल्ली से मंगया गया है। इसके साथ ही किरदारों का मेकअप राजेंद्र कौशल के द्वारा किया जाता है, जो मंचन के अनुसार मर्यादित लगे।
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शहर के मोहल्ला तालाबपुरा स्थित श्रीनृसिंह मंदिर में रामलीला की शुरूआत वर्ष 1968 में की गई थी। उस समय साधारण पर्दा और सामान्य सी वेशभूषा में ही रामलीला मंचन होता था। आयोजन समिति की स्थापना बब्बू राजा रोड़ा ने की थी। सभी वर्गों के सहयोग से मंचन में आने वाले खर्चे को वहन किया जाता था। कलाकार भी निशुल्क सहयोग कर मंचन करते थे।
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रामलीला के संस्थापक बब्बू राजा ने कई वर्षों तक अपनी कद काठी और बुलंद आवाज के सहारे खुद ही रावण का किरदार बखूूबी निभाया। एक ही मंच पर परदों के सहारे ही अयोध्या, जनकपुरी, वन, नदी, सेतु समु्द्रम का निर्माण और लंका दहन का मंचन किया जाता है। तालाबपुरा की रामलीला में पैंतीस वर्षों से परदा खींचने, मंच की साज सज्जा आदि का मुख्य कार्य मोहम्मद नफीस अपने सहयोगी देवी कुशवाहा के साथ करते थे, लेकिन बीते 15 दिन पहले ही नफीस इस दुनिया को अलविदा कह गए, जिसके चलते इस बार रामलीला का मुख्य मंचन अब देवी कुशवाहा के ही जिम्मे रहेगा।
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राम, लक्ष्मण, सीता बनेंगे नए बाल कलाकार
रामलीला के इस प्राचीन मंचन का सजीव चित्रण दर्शाने के लिए इस बार की रामलीला में भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम का किरदार दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले रुद्रप्रताप सिंह चौहान निभाएंगे, तो लक्ष्मण सातवीं कक्षा में अध्ययनरत गर्वित प्रताप सिंह तोमर बनेंगे। वहीं सीता का किरदार आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले कृष्ण प्रताप सिंह अदा करेंगे। जबकि नौंवी के छात्र निखिल दीक्षित शत्रुघ्न एवं योगेश पाठक भरत का किरदार निभाएंगे।
रावण का किरदार होता अहम, सबसे महंगा भी
श्रीनृसिंह रामलीला समिति के डायरेक्टर जगदीश पाठक बताते हैं कि वर्तमान में सभी किरदारों में सबसे महंगा किरदार रावण का हो गया है। पहले तो रावण का किरदार करने वाले भी आसानी से मिल जाते थे और वह नि:स्वार्थ भाव से भी इस मंचन में सहयोग देते थे और आज के दौर में युवाओं में ऐसा मंचन करने की खूबियां भी कम ही मिलती हैं। लेकिन वर्तमान में रावण का किरदार आधुनिकता के साथ महंगा भी हो गया है। हालांकि राम, लक्ष्मण और सीता का किरदार निभाने वालों पर बहुत अधिक खर्चा नहीं आता है। रामलीला की तैयारियां एक महीने पूर्व से की जा रही हैं। सोमवार की शाम को रामलीला का मंच सज कर तैयार हो चुुका है और अब तालाबपुरा में 23 सितंबर से रामलीला का आयोजन किया जाएगा, जो शहर में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस बार विजयकांत सुड़ेले जहां वर्तमान में रावण का किरदार अदा करेंगे, तो वहीं कृष्णकांत तिवारी हनुमान, ताड़का एवं सूपर्णखा का किरदार अदा करेंगे। पंडित जगदीश पाठक बताते हैं कि रामलीला मंचन में गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस, वाल्मीकि रामायण एवं राधेश्याम रामायण से चौपाई को पंडित शीतल प्रसाद रावत द्वारा गाई जाएगी।
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दिल्ली से मंगाया सामान
श्री लक्ष्मी नृसिंह रामलीला समिति के कृष्णकांत तिवारी ने बताया कि पात्रों के साज सज्जा, साधुओं के केश, हनुमानजी का डंका, त्रिशूल, भाला, जामवंत, गरूढ़जी व जटायू की चौंच, श्रीनृसिंह भगवान, गणेशजी का मुकुट आदि सामान को दिल्ली से मंगया गया है। इसके साथ ही किरदारों का मेकअप राजेंद्र कौशल के द्वारा किया जाता है, जो मंचन के अनुसार मर्यादित लगे।