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राजघाट बांध कर्मिर्यों ने मध्य प्रदेश की नहर दो घंटे रखी बंद
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राजघाट बांध पर प्रदर्शन करते कर्मचारी
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। आठ महीने से वेतन भुगतान नहीं होने पर राजघाट बांध कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे गया। बृहस्पतिवार को उन्होंने लामबंद होकर मध्य प्रदेश की एलवीसी नहर को बंद कर दिया। इस सूचना से मध्यप्रदेश के अधिकारियों में खलबली मच गई और वे मौके पर कर्मचारियों को मनाने पहुंच गए। लंबी वार्ता के बाद लिखित आश्वासन पर कर्मचारियों ने अपना आंदोलन स्थगित किया।
बेतवा नदी परिषद झांसी के अंतर्गत कार्यरत तीन सौ कर्मचारियों को पर्याप्त ग्रांट के अभाव में बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा था। मई से लेकर अब तक वे घर का गुजारा उधारी से कर रहे थे। उनकी आर्थिक स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही थी। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ, राजघाट बांध कर्मचारी संघ, वर्कचार्ज कर्मचारी संघ ने एक साथ इस लड़ाई को लड़ने का निर्णय लिया और 30 दिसंबर तक बकाया वेतन भुगतान नहीं करने पर यूपी व एमपी की नहरों को बंद करने व पावर हाउस बंद करने का अल्टीमेटम यूपी एवं एमपी की सरकार को दे दिया।
बृहस्पतिवार को तीनों संगठनों के कर्मचारी एकत्रित हुए। जुलूस की शक्ल में मध्य प्रदेश को पानी छोड़ रही नहरों पर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। कुछ देर प्रदर्शन बाद कर्मचारियों ने नहर का पानी रोक दिया। दो घंटे तक पानी रुके रहने से मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने नहर बंद होने की सूचना पाकर राजघाट बांध के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत की, लेकिन कर्मचारी आश्वासन पर नहर खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। अंत में मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर नहर को दोबारा खोला गया।
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इस मौके पर मुख्य अभियंता राजघाट नहर परियोजना दतिया एके गुप्ता, कार्यपालन यंत्री मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग आरपी गुप्ता, कार्यपालन यंत्री पीडी कोरी, अधिशासी अभियंता राजघाट विद्युत गृह विपिन कुमार, अधिशासी अभियंता राजघाट बांध पर्यावरण प्रखंड राजीव कुमार, संगठनों के पदाधिकारियों में अध्यक्ष वर्कचार्ज कर्मचारी संघ अशोक कुमार शुक्ला, राजघाट बांध कर्मचारी संघ अध्यक्ष मुनेश बाबू शर्मा, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ अध्यक्ष खुशीलाल लोधी, जगभान सिंह कुशवाहा, प्रदीप लिटौरिया, अजय कुमार शर्मा, अरविंद कुमार गुप्ता, प्रेमनारायण यादव शामिल रहे।
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पहले ही दिया था लिखित
राजघाट बांध के अधिशासी अभियंता ने एक दिन पहले ही अध्यक्ष वर्कचार्ज कर्मचारी संघ सहित अन्य सहयोगी संगठन को लिखित पत्र दे दिया था। इसमें बताया गया कि उप्र शासन से संपर्क करने पर संज्ञान में आया है कि लगभग 15 करोड़ रुपये 15 दिवस के अंदर प्राप्त होने की संभावना है। इससे परिषद में कार्यरत अधिकारियों/ कर्मचारियों का लंबित वेतन एवं सेवानिवृत्त, मृतक कर्मचारियों के देय का भुगतान कर दिया जाएगा।
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मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने लिखित देते हुए बताया कि 2.40 करोड् रुपये पंद्रह जनवरी तक उपलब्ध करा दिया जाएगा। शेष 10 करोड़ रुपये फरवरी तक दिए जाएंगे। आने वाले वित्तीय वर्ष में प्रत्येक माह वेतन भुगतान कराया जाएगा। अब नए समझौते के तहत मध्य प्रदेश जितना धन मुहैया कराएगा, उतने का ही पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
- जगभान सिंह कुशवाहा
महामंत्री, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ
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बेतवा नदी परिषद झांसी के अंतर्गत कार्यरत तीन सौ कर्मचारियों को पर्याप्त ग्रांट के अभाव में बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा था। मई से लेकर अब तक वे घर का गुजारा उधारी से कर रहे थे। उनकी आर्थिक स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही थी। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ, राजघाट बांध कर्मचारी संघ, वर्कचार्ज कर्मचारी संघ ने एक साथ इस लड़ाई को लड़ने का निर्णय लिया और 30 दिसंबर तक बकाया वेतन भुगतान नहीं करने पर यूपी व एमपी की नहरों को बंद करने व पावर हाउस बंद करने का अल्टीमेटम यूपी एवं एमपी की सरकार को दे दिया।
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बृहस्पतिवार को तीनों संगठनों के कर्मचारी एकत्रित हुए। जुलूस की शक्ल में मध्य प्रदेश को पानी छोड़ रही नहरों पर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। कुछ देर प्रदर्शन बाद कर्मचारियों ने नहर का पानी रोक दिया। दो घंटे तक पानी रुके रहने से मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने नहर बंद होने की सूचना पाकर राजघाट बांध के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत की, लेकिन कर्मचारी आश्वासन पर नहर खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। अंत में मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर नहर को दोबारा खोला गया।
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इस मौके पर मुख्य अभियंता राजघाट नहर परियोजना दतिया एके गुप्ता, कार्यपालन यंत्री मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग आरपी गुप्ता, कार्यपालन यंत्री पीडी कोरी, अधिशासी अभियंता राजघाट विद्युत गृह विपिन कुमार, अधिशासी अभियंता राजघाट बांध पर्यावरण प्रखंड राजीव कुमार, संगठनों के पदाधिकारियों में अध्यक्ष वर्कचार्ज कर्मचारी संघ अशोक कुमार शुक्ला, राजघाट बांध कर्मचारी संघ अध्यक्ष मुनेश बाबू शर्मा, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ अध्यक्ष खुशीलाल लोधी, जगभान सिंह कुशवाहा, प्रदीप लिटौरिया, अजय कुमार शर्मा, अरविंद कुमार गुप्ता, प्रेमनारायण यादव शामिल रहे।
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पहले ही दिया था लिखित
राजघाट बांध के अधिशासी अभियंता ने एक दिन पहले ही अध्यक्ष वर्कचार्ज कर्मचारी संघ सहित अन्य सहयोगी संगठन को लिखित पत्र दे दिया था। इसमें बताया गया कि उप्र शासन से संपर्क करने पर संज्ञान में आया है कि लगभग 15 करोड़ रुपये 15 दिवस के अंदर प्राप्त होने की संभावना है। इससे परिषद में कार्यरत अधिकारियों/ कर्मचारियों का लंबित वेतन एवं सेवानिवृत्त, मृतक कर्मचारियों के देय का भुगतान कर दिया जाएगा।
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मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने लिखित देते हुए बताया कि 2.40 करोड् रुपये पंद्रह जनवरी तक उपलब्ध करा दिया जाएगा। शेष 10 करोड़ रुपये फरवरी तक दिए जाएंगे। आने वाले वित्तीय वर्ष में प्रत्येक माह वेतन भुगतान कराया जाएगा। अब नए समझौते के तहत मध्य प्रदेश जितना धन मुहैया कराएगा, उतने का ही पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
- जगभान सिंह कुशवाहा
महामंत्री, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ