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Lalitpur News: 80 लाख से स्कूलों में लगाए जा रहे रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शासकीय विद्यालयों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। एक की लागत करीब तीन लाख 26 हजार रुपये आएगी।
भूमिगत वाटर रिचार्ज के लिए प्रत्येक सरकारी इमारत पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की योजना है। यहां 25 विद्यालयों में ये लगाए जा रहे हैं। विकास खंड तालबेहट के ग्राम झरर, दौलता, रैकना, हनौता, वर्माबिहार, विकास खंड जखौरा के ग्राम सीरोन खुर्द, मनगुवां, बुढ़वार, गौरा, अंधेर, विकास खंड बिरधा के ग्राम बिरधा, जीरोन, आलापुर, पारौन, खजरा, गदयाना, बानपुर, विकास खंड बार के पारौन, खजरा, गदयाना, बानपुर, विकास खंड मड़ावरा के ग्राम दिनौनियां, डोगराखुर्द, गोराकछया, तिरागना, गुढ़ा बुजुर्ग, विकास खंड महारौनी के ग्राम दिगवार, निवारी, कुआंघोसी के विद्यालय में करीब 80 लाख रुपये की लागत से ये बनाए जा रहे हैं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से भूमिगत जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। बरसात का पानी जो छतों पर एकत्रित होता है, वह इस सिस्टम से सीधे जमीन में चला जाएगा।
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कैसे काम करता है रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
इस प्रणाली के तहत इमारत के छतों से बरसात का पानी एक पाइप के माध्यम से गड्ढे में एकत्रित किया जाता है। गड्ढे में मोटी बालू की परत होती है, इसके अलावा गिट्टी भी बिछाई जाती है। साथ ही एक गड्ढे को ऊपर से ढंका जाता है। ओवरफ्लो के एक लिए पाइप लगाई जाती है, जिससे अधिक बारिश का पानी निकल सके।
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वर्तमान में 25 विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, इससे बरसात के पानी को बहने से रोकने के साथ भूगर्भ जल स्तर बढ़ेगा।
नैयर आलम, अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई विभाग।
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ललितपुर। शासकीय विद्यालयों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। एक की लागत करीब तीन लाख 26 हजार रुपये आएगी।
भूमिगत वाटर रिचार्ज के लिए प्रत्येक सरकारी इमारत पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की योजना है। यहां 25 विद्यालयों में ये लगाए जा रहे हैं। विकास खंड तालबेहट के ग्राम झरर, दौलता, रैकना, हनौता, वर्माबिहार, विकास खंड जखौरा के ग्राम सीरोन खुर्द, मनगुवां, बुढ़वार, गौरा, अंधेर, विकास खंड बिरधा के ग्राम बिरधा, जीरोन, आलापुर, पारौन, खजरा, गदयाना, बानपुर, विकास खंड बार के पारौन, खजरा, गदयाना, बानपुर, विकास खंड मड़ावरा के ग्राम दिनौनियां, डोगराखुर्द, गोराकछया, तिरागना, गुढ़ा बुजुर्ग, विकास खंड महारौनी के ग्राम दिगवार, निवारी, कुआंघोसी के विद्यालय में करीब 80 लाख रुपये की लागत से ये बनाए जा रहे हैं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से भूमिगत जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। बरसात का पानी जो छतों पर एकत्रित होता है, वह इस सिस्टम से सीधे जमीन में चला जाएगा।
कैसे काम करता है रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
इस प्रणाली के तहत इमारत के छतों से बरसात का पानी एक पाइप के माध्यम से गड्ढे में एकत्रित किया जाता है। गड्ढे में मोटी बालू की परत होती है, इसके अलावा गिट्टी भी बिछाई जाती है। साथ ही एक गड्ढे को ऊपर से ढंका जाता है। ओवरफ्लो के एक लिए पाइप लगाई जाती है, जिससे अधिक बारिश का पानी निकल सके।
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वर्तमान में 25 विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, इससे बरसात के पानी को बहने से रोकने के साथ भूगर्भ जल स्तर बढ़ेगा।
नैयर आलम, अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई विभाग।