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बारिश होते ही रास्ते बने दलदल
amarujala
Updated Fri, 11 Aug 2017 01:17 AM IST
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lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर।
शहर में कच्चे रास्ते क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। वार्ड 20 और वार्ड नंबर दो में कच्चे रास्ते बारिश के पानी से कीचड़ में तब्दील हो गए हैं। ऐसे स्थानीय महिला पुरुषों को घर आने-जाने में दिक्कतें हो रही हैं।
नगर पालिका परिषद में बजट की कमी के चलते कई वार्डों में तमाम सड़कों को पक्का नहीं कराया जा सका है। गर्मियों में क्षेत्रवासियों के लिए इसकी कमी नहीं खली। लेकिन, जैसे ही बारिश का सीजन आया, वैसे ही कच्चे रास्तों पर आवागमन बाधित हो गया है। ऐसा ही हाल वार्ड नंबर 20 व दो में है। वार्ड नंबर दो में बूढ़े बब्बा मंदिर के पास लगी हुई गलियों में रास्ता कच्चा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण दोनों गलियों में कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। वार्ड नंबर दो में दो जगहों पर कुछ मीटर की सड़क को अपने हाल पर छोड़ दिया गया। रास्ता पक्का होने से बारिश के पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। यही नहीं, नालियों का गंदा पानी भी यहां-वहां बह रहा है। ऐसे में लोगों को रास्ते से निकलना मुश्किल हो रहा है। वार्ड नंबर 20 में आसपास रह रहे लोगों को आवाजाही के साथ मलेरिया, डेंगू फैलने की चिंता सताने लगी है। स्थानीय निवासिनी प्रभा का कहना है कि जब से मकान बना है तब से गली कच्ची है। किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया है, जिससे आने-जाने में भारी असुविधा उत्पन्न होती है। बारिश के दिनों में नालियों का पानी गली में भर जाता है। वर्तमान में रास्ते की मिट्टी कीचड़ में बदल गई है। जिस पर हर समय फिसलने की संभावना बनी रहती है। इसी इलाके में रहने वाली विनोद बाई का कहना है कि न तो रास्ता और न ही नाली पक्की हो रही है। नाली का पानी यहां वहां बहता रहता है तो आएदिन मुहल्ले में झगड़े की नौबत बन जाती है। पड़ोसियों में आपसी कहासुनी आम बात हो गई है। नगर पालिका यदि सड़क बनवा दें, तो बड़ी मेहरबानी होगी। उधर, नगर पालिका परिषद के अवर अभियंता विपिन कुमार का कहना है कि ऐसे रास्तों को चिह्नित किया जा रहा है, जिन्हें प्राथमिकता में लेते हुए भविष्य में पक्का कराया जाएगा।
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शहर में कच्चे रास्ते क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। वार्ड 20 और वार्ड नंबर दो में कच्चे रास्ते बारिश के पानी से कीचड़ में तब्दील हो गए हैं। ऐसे स्थानीय महिला पुरुषों को घर आने-जाने में दिक्कतें हो रही हैं।
नगर पालिका परिषद में बजट की कमी के चलते कई वार्डों में तमाम सड़कों को पक्का नहीं कराया जा सका है। गर्मियों में क्षेत्रवासियों के लिए इसकी कमी नहीं खली। लेकिन, जैसे ही बारिश का सीजन आया, वैसे ही कच्चे रास्तों पर आवागमन बाधित हो गया है। ऐसा ही हाल वार्ड नंबर 20 व दो में है। वार्ड नंबर दो में बूढ़े बब्बा मंदिर के पास लगी हुई गलियों में रास्ता कच्चा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण दोनों गलियों में कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। वार्ड नंबर दो में दो जगहों पर कुछ मीटर की सड़क को अपने हाल पर छोड़ दिया गया। रास्ता पक्का होने से बारिश के पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। यही नहीं, नालियों का गंदा पानी भी यहां-वहां बह रहा है। ऐसे में लोगों को रास्ते से निकलना मुश्किल हो रहा है। वार्ड नंबर 20 में आसपास रह रहे लोगों को आवाजाही के साथ मलेरिया, डेंगू फैलने की चिंता सताने लगी है। स्थानीय निवासिनी प्रभा का कहना है कि जब से मकान बना है तब से गली कच्ची है। किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया है, जिससे आने-जाने में भारी असुविधा उत्पन्न होती है। बारिश के दिनों में नालियों का पानी गली में भर जाता है। वर्तमान में रास्ते की मिट्टी कीचड़ में बदल गई है। जिस पर हर समय फिसलने की संभावना बनी रहती है। इसी इलाके में रहने वाली विनोद बाई का कहना है कि न तो रास्ता और न ही नाली पक्की हो रही है। नाली का पानी यहां वहां बहता रहता है तो आएदिन मुहल्ले में झगड़े की नौबत बन जाती है। पड़ोसियों में आपसी कहासुनी आम बात हो गई है। नगर पालिका यदि सड़क बनवा दें, तो बड़ी मेहरबानी होगी। उधर, नगर पालिका परिषद के अवर अभियंता विपिन कुमार का कहना है कि ऐसे रास्तों को चिह्नित किया जा रहा है, जिन्हें प्राथमिकता में लेते हुए भविष्य में पक्का कराया जाएगा।
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