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Lalitpur News: मेडिकल कॉलेज में नहीं बन सका रेडियोलॉजी विभाग का भवन
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ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में अब तक रेडियोलॉजी भवन का निर्माण नहीं हो सका। इससे जांच के लिए आ रहे मरीजों को खासी परेशानी हो रही है। कक्षों की जानकारी तक के लिए भटकना पड़ रहा है। पहुंच गए तो बैठने की समस्या है। अधिकारियों का कहना है कि शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।
इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब के निर्माण के बाद पैथोलॉजी विभाग भले ही व्यवस्थित हो गया हो, लेकिन रेडियोलॉजी विभाग का भवन नहीं बन सका है। ऐसे में रेडियोलॉजी विभाग की जांच कई कक्षों में हो रही है। कहीं अल्ट्रासाउंड जांच हो रही है तो कहीं एक्स-रे जांच। एक्स-रे जांच भी दो कक्षों में होती है। एक में पुरानी मशीनों से हो रहा है। वहीं, डिजिटल एक्स-रे जांच अलग हो रही है।
मरीजों को जमीन पर बैठकर बारी का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, महिला अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड जांच की भी यही स्थिति है। प्रतिदिन 60 से 70 मरीज एक्स-रे जांच वाले व 120 अल्ट्रासाउंड जांच वाले मरीजों को परेशानी से जूझना पड़ता है।
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अंकित नहीं है जांच की जानकारी
मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए पैथोलॉजी तक व अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जांच तक कहीं अंकित नहीं है। न ही इनके कक्षों तक पहुंचने के लिए दीवारों पर चिह्न बनाए गए हैं।
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रेडियोलॉजी विभाग के भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।
- डॉ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
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इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब के निर्माण के बाद पैथोलॉजी विभाग भले ही व्यवस्थित हो गया हो, लेकिन रेडियोलॉजी विभाग का भवन नहीं बन सका है। ऐसे में रेडियोलॉजी विभाग की जांच कई कक्षों में हो रही है। कहीं अल्ट्रासाउंड जांच हो रही है तो कहीं एक्स-रे जांच। एक्स-रे जांच भी दो कक्षों में होती है। एक में पुरानी मशीनों से हो रहा है। वहीं, डिजिटल एक्स-रे जांच अलग हो रही है।
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मरीजों को जमीन पर बैठकर बारी का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, महिला अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड जांच की भी यही स्थिति है। प्रतिदिन 60 से 70 मरीज एक्स-रे जांच वाले व 120 अल्ट्रासाउंड जांच वाले मरीजों को परेशानी से जूझना पड़ता है।
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अंकित नहीं है जांच की जानकारी
मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए पैथोलॉजी तक व अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जांच तक कहीं अंकित नहीं है। न ही इनके कक्षों तक पहुंचने के लिए दीवारों पर चिह्न बनाए गए हैं।
रेडियोलॉजी विभाग के भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।
- डॉ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज