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विवादित दुकानों की हो रही खरीद फरोख्त
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jul 2016 12:19 AM IST
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nagr palika, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। पुराने बस स्टैंड के सामने सीएमओ कार्यालय की ओर लोक निर्माण विभाग की सड़क की पटरी पर नगर पालिका ने 26 वर्ष पूर्व 102 दुकानों का निर्माण कराया था। इन दुकानों के ध्वस्तीकरण के संबंध में डीएम कोर्ट में इसका मुकदमा 10 वर्षों से चल रहा है। नगर पालिका द्वारा जनता को अंधेरे में रखे हुए हैं, जिससे जनता लाखों रुपये के नुकसान की ओर जा रही है। वर्तमान में इन दुकानों को 10-10 लाख रुपये की कीमत में एग्रीमेंट पर खरीदा जा रहा है।
नगर पालिका ने स्थानीय पुराने बस स्टैंड के सामने सीएमओ कार्यालय की ओर लोक निर्माण विभाग की सड़क की पटरी पर गाटा संख्या 3685 पर वर्ष 1989 में 102 छोटी दुकानों का निर्माण कराया था। विभाग ने इन दुकानों को पांच-पांच हजार रुपए में नीलाम कर दिया था। लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 1990 में नगर पालिका द्वारा बनाई गई इन 102 दुकानों हो हटाने के लिए एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया था, लोक निर्माण विभाग की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों के आधार पर तत्कालीन एसडीएम ने इन दुकानों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उस दौरान एसडीएम के पास अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण का फैसला करने का अधिकार नहीं हुआ करता था, इसको आधार मानते हुए नगर पालिका ने इस आदेश के खिलाफ वर्ष 2005 में जिलाधिकारी कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया था। जिलाधिकारी कोर्ट में यह मामला विगत 16 वर्षों से विचाराधीन है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देवगढ़ मार्ग को दो लेन का करने की घोषणा की थी।
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इस घोषणा के अनुरूप तैयार नई कार्ययोजना में घंटाघर से देवगढ़ तक सड़क का चौड़ीकरण कराया जाएगा। चौड़ीकरण के समय इन दुकानों का भविष्य तय होगा। इसी सड़क की दूसरी ओर स्थित पटरी पर नगर पालिका द्वारा वर्ष 2013 में कंपनी बाग के बाहर चौपाटी का निर्माण कराया जा रहा था। इस मामले में डीएम ने लोक निर्माण विभाग के पक्ष में फैसला किया था और निर्माणधीन यह चौपाटी नगर पालिका को हटानी ही पड़ी थी।
जनता अंधेरे में, हो रहा लाखों का नुकसान
इन दुुकानों का किराया शुरुआत में दो सौ रुपये प्रतिमाह था, वर्तमान में इन दुकानों का किराया पांच सौ रुपये से एक हजार रुपये तक प्रतिमाह हो गया है। नियमानुसार इन दुकानों का किराया प्रति पांच वर्ष में 25 प्रतिशत बढ़ा दिया जाता है। इनमें से ऐसी कई दुुकानें हैं जिनके नाम परिर्वतन हो चुके हैं, तीन माह पूर्व तक लागू नियमों के अनुसार 25 प्रतिशत किराया अतिरिक्त बढ़ा दिया जाता है। विगत 26 वर्ष पूर्व पांच-पांच हजार रुपये में नीलाम की गई दुकानों की कीमत वर्तमान में दस-दस लाख रुपये से अधिक हो गई है।
नगर पालिका की यह दुकानें जिन लोगों के नाम पर आवंटित हैं वह दस-दस लाख रुपये में इनका सौदा कर रहे हैं। यदि भविष्य में डीएम कोर्ट से इन दुकानों के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी होता है तो जनता के लाखों रुपये के नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा।
62 दुकानें भी हैं विवादित
पुराने बस स्टैंड के सामने सीएमओ कार्यालय की ओर बनी छोटी 102 दुकानों के अलावा, नगर पालिका ने नियमों को ताक पर रखते हुए लोक निर्माण विभाग की इसी सड़क के किनारे पटरी पर विभिन्न स्थानों पर 62 दुकानों का निर्माण है। गौरतलब है कि नगर पालिका ने इन विवादित दुकानों से सटाकर सदर कोतवाली से टीवी अस्पताल तक 19 दुकानों का निर्माण कराया है, वहीं कोतवाली के सामने नगर पालिका ने 43 दुकानों का भी निर्माण कराया है।
जनता को अंधेरे में रखते हुए नगर पालिका ने इन दुकानों की नीलामी भी लाखों रुपए में कर चुकी है और वर्तमान में किराया भी वूसली रही है। इन दुकानों का निर्माण नगर पालिका ने बिना विनियमित प्राधिकरण विभाग की अनुमति के करा लिया था, इस संबंध में उक्त सभी दुकानों का मामला आरबी एक्ट के तहत प्राधिकरण कोर्ड में विचारधीन है। नगर पालिका ने अपनी मनमानी के चलते लाखों रुपए खर्च करके अवैधानिक तरीके से दुकानों का निर्माण करके दुकानों की नीलामी कर दी है। यदि इन दुुकानों के ध्वस्तीकरण का फैसला लिया जाता है, तो लाखों रुपए की क्षति होगी।
चौड़ीकरण के दौरान चल सकता है बुलडोजर
घंटाघर से देवगढ़ मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना है। केंद्र सरकार ने इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए पूर्व में ही स्वीकृति दे दी है और हाल ही में मुख्यमंत्री ने इस मार्ग को फोरलाइन बनाने की घोषणा भी कर दी है। आने वाले दिनों में जल्द ही इस मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य शुरु हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग की सड़क पर हुआ अवैध निर्माण व अतिक्रमण हटाया जाएगा, तो इस दौरान इन अवैधानिक तरीके से बनी दुकानों पर विभाग का बुलडोजर चलना लगभग तय है।
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नगर पालिका ने स्थानीय पुराने बस स्टैंड के सामने सीएमओ कार्यालय की ओर लोक निर्माण विभाग की सड़क की पटरी पर गाटा संख्या 3685 पर वर्ष 1989 में 102 छोटी दुकानों का निर्माण कराया था। विभाग ने इन दुकानों को पांच-पांच हजार रुपए में नीलाम कर दिया था। लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 1990 में नगर पालिका द्वारा बनाई गई इन 102 दुकानों हो हटाने के लिए एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया था, लोक निर्माण विभाग की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों के आधार पर तत्कालीन एसडीएम ने इन दुकानों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए थे।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार उस दौरान एसडीएम के पास अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण का फैसला करने का अधिकार नहीं हुआ करता था, इसको आधार मानते हुए नगर पालिका ने इस आदेश के खिलाफ वर्ष 2005 में जिलाधिकारी कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया था। जिलाधिकारी कोर्ट में यह मामला विगत 16 वर्षों से विचाराधीन है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देवगढ़ मार्ग को दो लेन का करने की घोषणा की थी।
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इस घोषणा के अनुरूप तैयार नई कार्ययोजना में घंटाघर से देवगढ़ तक सड़क का चौड़ीकरण कराया जाएगा। चौड़ीकरण के समय इन दुकानों का भविष्य तय होगा। इसी सड़क की दूसरी ओर स्थित पटरी पर नगर पालिका द्वारा वर्ष 2013 में कंपनी बाग के बाहर चौपाटी का निर्माण कराया जा रहा था। इस मामले में डीएम ने लोक निर्माण विभाग के पक्ष में फैसला किया था और निर्माणधीन यह चौपाटी नगर पालिका को हटानी ही पड़ी थी।
जनता अंधेरे में, हो रहा लाखों का नुकसान
इन दुुकानों का किराया शुरुआत में दो सौ रुपये प्रतिमाह था, वर्तमान में इन दुकानों का किराया पांच सौ रुपये से एक हजार रुपये तक प्रतिमाह हो गया है। नियमानुसार इन दुकानों का किराया प्रति पांच वर्ष में 25 प्रतिशत बढ़ा दिया जाता है। इनमें से ऐसी कई दुुकानें हैं जिनके नाम परिर्वतन हो चुके हैं, तीन माह पूर्व तक लागू नियमों के अनुसार 25 प्रतिशत किराया अतिरिक्त बढ़ा दिया जाता है। विगत 26 वर्ष पूर्व पांच-पांच हजार रुपये में नीलाम की गई दुकानों की कीमत वर्तमान में दस-दस लाख रुपये से अधिक हो गई है।
नगर पालिका की यह दुकानें जिन लोगों के नाम पर आवंटित हैं वह दस-दस लाख रुपये में इनका सौदा कर रहे हैं। यदि भविष्य में डीएम कोर्ट से इन दुकानों के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी होता है तो जनता के लाखों रुपये के नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा।
62 दुकानें भी हैं विवादित
पुराने बस स्टैंड के सामने सीएमओ कार्यालय की ओर बनी छोटी 102 दुकानों के अलावा, नगर पालिका ने नियमों को ताक पर रखते हुए लोक निर्माण विभाग की इसी सड़क के किनारे पटरी पर विभिन्न स्थानों पर 62 दुकानों का निर्माण है। गौरतलब है कि नगर पालिका ने इन विवादित दुकानों से सटाकर सदर कोतवाली से टीवी अस्पताल तक 19 दुकानों का निर्माण कराया है, वहीं कोतवाली के सामने नगर पालिका ने 43 दुकानों का भी निर्माण कराया है।
जनता को अंधेरे में रखते हुए नगर पालिका ने इन दुकानों की नीलामी भी लाखों रुपए में कर चुकी है और वर्तमान में किराया भी वूसली रही है। इन दुकानों का निर्माण नगर पालिका ने बिना विनियमित प्राधिकरण विभाग की अनुमति के करा लिया था, इस संबंध में उक्त सभी दुकानों का मामला आरबी एक्ट के तहत प्राधिकरण कोर्ड में विचारधीन है। नगर पालिका ने अपनी मनमानी के चलते लाखों रुपए खर्च करके अवैधानिक तरीके से दुकानों का निर्माण करके दुकानों की नीलामी कर दी है। यदि इन दुुकानों के ध्वस्तीकरण का फैसला लिया जाता है, तो लाखों रुपए की क्षति होगी।
चौड़ीकरण के दौरान चल सकता है बुलडोजर
घंटाघर से देवगढ़ मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना है। केंद्र सरकार ने इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए पूर्व में ही स्वीकृति दे दी है और हाल ही में मुख्यमंत्री ने इस मार्ग को फोरलाइन बनाने की घोषणा भी कर दी है। आने वाले दिनों में जल्द ही इस मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य शुरु हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग की सड़क पर हुआ अवैध निर्माण व अतिक्रमण हटाया जाएगा, तो इस दौरान इन अवैधानिक तरीके से बनी दुकानों पर विभाग का बुलडोजर चलना लगभग तय है।