ललितपुर। राज्य विद्युत परिषद के जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और प्रदेश के दो जिले और सात शहरों के निजीकरण किए जाने का विरोध और 16 अन्य मांगों को लेकर 48 घंटे का सहयोग सत्याग्रह कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के केंद्रीय आह्वान पर न्यायसंगत 17 मांगों/ समस्याओं के संबंध में शीर्ष प्रबंधन द्वारा बनी सहमति के बाद भी वादाखिलाफी के कारण बीते मंगलवार को सुबह दस बजे से बृहस्पतिवार सुबह दस बजे तक का सहयोग सत्याग्रह करते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। इस प्रकार का विरोध प्रदर्शन पहली बार जापान में किया गया था, जिसके चलते सरकार को अपना निर्णय बदलने के लिए बिजली अभियंताओं ने यह तरीका अपनाया है। इसमें विरोध करने की मुख्य वजह पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं प्रदेश के दो जिले और सात शहरों के निजीकरण किए जाने के विरोध में शुरू किया गया है। इसमें अभियंताओं ने सड़क पर उतरने की जगह कार्यक्षमता को प्रदर्शित करना है। सभी अभियंताओं ने अपने-अपने विद्युत केंद्रों पर ही निवास करते हुए वहां उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण करने, लाइन आदि के लंबित कार्य पूर्ण करने, जर्जर लाइनों के स्टीमेट बनाने, झटपट योजना के कनेक्शनों के प्रकरण पूरे करने संबंधी कार्य किए गए। अभियंताओं में विद्युत परीक्षण खंड से इंजी. अखिलेश कुमार, देवी सिंह, नेहा पांडेय, त्रिलोकी मधेशिया, विद्युत वितरण खंड प्रथम से इंजी. एस के कुशवाहा, रमेश यादव, धर्मेंद्र प्रजापति, राजकुमार, रामबहादुर, विनय साहू, द्वितीय खंड से इंजी. अक्षय कुमार, जगदीश प्रसाद, निश्चय वर्मा, अभिलाष रजक, के के प्रसाद, हरप्रसाद, चंद्रशेखर, उमेश चंद्रा, बृजेंद्र पाल, एसपी सिंह आदि शामिल रहे।