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Lalitpur News: अग्निशमन विभाग की बिना एनओसी के चल रहे निजी पार्किंग स्थल
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। निजी पार्किंग स्थलों पर आप वाहन खड़ा कर रहे हैं तो सावधान रहें। इनमें किसी तरह के मानकों का पालन नहीं किया जाता। अग्निशमन विभाग के मानकों पर ये खरे नहीं उतरते, ऐसे में यहां वाहनों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। उधर, नगर पालिका में इनके पंजीयन पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में सात निजी पार्किंग स्थलों पर करीब 500 वाहन खड़े हो रहे हैं। इनके संचालकों ने नगर पालिका से जमीन के व्यावसायिक उपयोग के लिए पंजीयन तो करा लिया, लेकिन आग की घटनाएं रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां अग्निशमन यंत्र तक नहीं है। बालू व पानी का भी इंतजाम नहीं है। यही कारण है, इन पार्किंग स्थलों के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी भी नहीं है। पार्किंग स्थलों की चहारदीवारी महज पांच से छह फीट है, कुछ स्थानों पर चार फिट तक ही है। इन्वर्टर की भी सुविधा नहीं है, बिजली जाने पर अंधेरा छा जाता है। ऐसे में वाहनों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। मनमानी का आलम यह है कि यहां रेट बोर्ड तक नहीं लगाया गया है।
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पालिका को टैक्स मिलने से मतलब
नगर पालिका ने निजी पार्किंग स्थलों से टैक्स मिलने के चलते पंजीयन तो कर दिया, लेकिन मानकों की कोई परवाह नहीं की। बस्ती के बीच बने पार्किंग स्थलों पर एक ही गेट लगाया गया है। किसी तरह की घटना होने पर वाहन सुरक्षित नहीं निकाले जा सकते।
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अग्निशमन विभाग से नहीं है एक भी एनओसी
पार्किंग संचालक महज कमाई के चक्कर में फंसे हैं। लंबे समय से पार्किंग स्थल संचालित करने के बाद भी अब तक अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र तक नहीं लिया है। एनओसी लेने पर मानकों की जांच होती है, जिसमें आग से निपटने के इंतजाम परखे जाते हैं। सभी सुविधाएं होने के बाद ही एनओसी दी जाती है।
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दुर्घटना होने पर हो सकता है बड़ा हादसा
निजी पार्किंग में किसी तरह की सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। आग लगने की स्थिति में भीषण हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। कारण, एक के साथ खड़े अन्य वाहनों को भी आग अपनी चपेट में ले सकती है।
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ये हैं निजी पार्किंग संचालित करने की शर्तें
- कर्मचारियों के लिए ड्रेस।
- कर्मचारियों की फोटोयुक्त पहचान पत्र।
- पार्किंग की रसीद पर वाहन स्वामी का नाम, वाहन संख्या व समय दर्ज होना
- पार्किंग शुल्क का रेट बोर्ड लगा होना।
- रसीद पर पार्किंग मालिक का नाम, पता व मोबाइल नंबर लिखा होना।
- पार्किंग स्थल पर गाड़ी की जिम्मेदारी संचालक की होगी।
- सीसीटीवी, इनवर्टर, जनरेटर, शौचालय, पिंक शौचालय, सुरक्षा गार्ड और फायर फाइटिंग की व्यवस्था।
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वाहनों को खड़ा करने के लिए चलाई जा रही निजी पार्किंगों में किसी ने भी एनओसी नहीं ली है। पालिका से सूची लेकर नोटिस दिए जाएंगे।
- डॉ. मतलूब हुसैन, अग्नि शमन अधिकारी
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नगर पालिका में सात निजी पार्किंग पंजीकृत हैं, जिनसे नियमित कर वसूली की जा रही है। पालिका को मानकों से कोई मतलब नहीं है। - राजेंद्र कुमार, कर निर्धारण अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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ललितपुर। निजी पार्किंग स्थलों पर आप वाहन खड़ा कर रहे हैं तो सावधान रहें। इनमें किसी तरह के मानकों का पालन नहीं किया जाता। अग्निशमन विभाग के मानकों पर ये खरे नहीं उतरते, ऐसे में यहां वाहनों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। उधर, नगर पालिका में इनके पंजीयन पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में सात निजी पार्किंग स्थलों पर करीब 500 वाहन खड़े हो रहे हैं। इनके संचालकों ने नगर पालिका से जमीन के व्यावसायिक उपयोग के लिए पंजीयन तो करा लिया, लेकिन आग की घटनाएं रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां अग्निशमन यंत्र तक नहीं है। बालू व पानी का भी इंतजाम नहीं है। यही कारण है, इन पार्किंग स्थलों के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी भी नहीं है। पार्किंग स्थलों की चहारदीवारी महज पांच से छह फीट है, कुछ स्थानों पर चार फिट तक ही है। इन्वर्टर की भी सुविधा नहीं है, बिजली जाने पर अंधेरा छा जाता है। ऐसे में वाहनों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। मनमानी का आलम यह है कि यहां रेट बोर्ड तक नहीं लगाया गया है।
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पालिका को टैक्स मिलने से मतलब
नगर पालिका ने निजी पार्किंग स्थलों से टैक्स मिलने के चलते पंजीयन तो कर दिया, लेकिन मानकों की कोई परवाह नहीं की। बस्ती के बीच बने पार्किंग स्थलों पर एक ही गेट लगाया गया है। किसी तरह की घटना होने पर वाहन सुरक्षित नहीं निकाले जा सकते।
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अग्निशमन विभाग से नहीं है एक भी एनओसी
पार्किंग संचालक महज कमाई के चक्कर में फंसे हैं। लंबे समय से पार्किंग स्थल संचालित करने के बाद भी अब तक अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र तक नहीं लिया है। एनओसी लेने पर मानकों की जांच होती है, जिसमें आग से निपटने के इंतजाम परखे जाते हैं। सभी सुविधाएं होने के बाद ही एनओसी दी जाती है।
दुर्घटना होने पर हो सकता है बड़ा हादसा
निजी पार्किंग में किसी तरह की सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। आग लगने की स्थिति में भीषण हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। कारण, एक के साथ खड़े अन्य वाहनों को भी आग अपनी चपेट में ले सकती है।
ये हैं निजी पार्किंग संचालित करने की शर्तें
- कर्मचारियों के लिए ड्रेस।
- कर्मचारियों की फोटोयुक्त पहचान पत्र।
- पार्किंग की रसीद पर वाहन स्वामी का नाम, वाहन संख्या व समय दर्ज होना
- पार्किंग शुल्क का रेट बोर्ड लगा होना।
- रसीद पर पार्किंग मालिक का नाम, पता व मोबाइल नंबर लिखा होना।
- पार्किंग स्थल पर गाड़ी की जिम्मेदारी संचालक की होगी।
- सीसीटीवी, इनवर्टर, जनरेटर, शौचालय, पिंक शौचालय, सुरक्षा गार्ड और फायर फाइटिंग की व्यवस्था।
वाहनों को खड़ा करने के लिए चलाई जा रही निजी पार्किंगों में किसी ने भी एनओसी नहीं ली है। पालिका से सूची लेकर नोटिस दिए जाएंगे।
- डॉ. मतलूब हुसैन, अग्नि शमन अधिकारी
नगर पालिका में सात निजी पार्किंग पंजीकृत हैं, जिनसे नियमित कर वसूली की जा रही है। पालिका को मानकों से कोई मतलब नहीं है। - राजेंद्र कुमार, कर निर्धारण अधिकारी, नगर पालिका परिषद