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Lalitpur News: निजी अस्पतालों ने मानक पूरा किया न कराया पंजीकरण

Wed, 22 Jan 2025 12:42 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:42 AM IST
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Private hospitals did not meet the standards and did not get registered
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। एक भी निजी अस्पताल में मानक पूरे नहीं हैं। ऐसे में न अग्निशमन विभाग से एनओसी मिली न अस्पताल संचालकों ने स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण कराया। नतीजा यह है कि 10 नर्सिंग होम करीब एक साल से अवैध तरीके से चल रहे हैं। नवंबर में झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 से अधिक बच्चों की मौत होने की घटना के बाद भी जिम्मेदार आंखें मूंदे हुए हैं।
निजी अस्पताल चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग में आवेदन करना होता है। विभाग की टीम भवन में मानकों की जांच करती है। पानी, महिला, पुरुष वार्ड, वेंटिलेशन, बहुमंजिला होने पर दो रास्ते, प्रवेश व निकासी के अलग-अलग द्वार होने के साथ पार्किंग की सुविधा पर ध्यान दिया जाता है। अग्निशमन विभाग से भी एनओसी लेनी होती है। इसके अलावा स्टॉफ के दस्तावेज व योग्यता की जांच की जाती है। इन मानकों पर खरा उतरने के बाद नर्सिंग होम संचालित करने की संस्तुति की जाती है। साथ ही प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण के दौरान भी मानक परखे जाते हैं।
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झांसी मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद सरकारी अस्पतालों के साथ नर्सिंग होम में फायर ऑडिट कराया गया था। किसी में भी मानक पूरे नहीं मिले थे। कई अस्पतालों में पार्किंग की सुविधा के साथ न महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग वार्ड मिले न अलग द्वार से प्रवेश व निकासी की व्यवस्था मिली। आग की घटना से निपटने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली थी। अग्निशमन विभाग ने 15 दिन में मानक पूरे करने की चेतावनी दी थी, लेकिन अस्पताल संचालकों ने इस पर ध्यान नहीं दिया और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अवैध नर्सिंग होम धड़ल्ले से चल रहे हैं।
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एक भी नर्सिंग होम के पास नहीं है एनओसी : शहर में 10 नर्सिंग होम चल रहे हैं। इनमें एक ने भी अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. मतलूब हुसैन ने बताया कि बीते दिनों जांच की गई थी। किसी में भी मानक पूरे नहीं थे। ऑडिट रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई है।
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एक अप्रैल 2024 से बिना पंजीयन चल रहे अस्पताल : मार्च 2023 में सभी नर्सिंग होम का पंजीयन समाप्त हो गया था। एक से 30 अप्रैल तक नर्सिंग होम संचालकों को पंजीयन के नवीनीकरण का समय दिया गया था, लेकिन अब तक एक ने भी नवीनीकरण नहीं कराया। लगभग नौ माह से बिना पंजीयन के ये नर्सिंग होम चल रहे हैं।

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घटना पर ही जागते हैं अफसर
झांसी मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में 15 नवंबर की रात आग लग गई थी। दस बच्चों की मौत हो गई थी। अन्य बच्चे झुलस गए थे। इसके बाद सभी नर्सिंगहोम का अग्निशमन विभाग ने ऑडिट कर आग से निपटने के इंतजाम परखे थे। निजी ही नहीं सरकारी अस्पतालों में भी मानक पूरे नहीं मिले थे। अब मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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मानक पूरे न करने वाले नर्सिंग होम संचालकों को नोटिस जारी किया गया था। मानक पूरे करने के बाद ही नवीनीकरण किया जाएगा।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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