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प्रधानों व कर्मियों से होगी वसूली
ललितपुर/ ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2015 12:51 AM IST
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के अंतर्गत सामग्री मद मेें 40 प्रतिशत से ज्यादा व्यय करना तीन ग्राम प्रधानों व दर्जन भर कर्मचारियों को महंगा पड़ गया है।
मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम बमराना, मिर्चवारा व बम्हौरीकलां के प्रधान व कर्मचारियों पर एक लाख 75 हजार रुपये की वसूली निकाल दी है। मजदूरों का पलायन रोकने के उद्देश्य से जिले में संचालित मनरेगा में खूब मनमानी हो रही है। गत वित्तीय वर्ष में अनेक ग्राम पंचायतों ने न केवल 100 दिन से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया गया, बल्कि सामग्री मद की सीमा को भी लांघ दिया गया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार उपाध्याय ने ऐसी ग्राम पंचायतों के प्रधान व कर्मचारियों को वसूली के दायरे में ले लिया है। उन्होंने ग्राम पंचायत मिर्चवारा पर 1.25 लाख रुपये, ग्राम पंचायत बम्हौरीकलां पर 14 हजार रुपये व ग्राम पंचायत बमराना पर 36 हजार रुपये की वसूली निकाली है। इससे पहले जिले के 1,036 मनरेगा जॉबकार्डधारक परिवारों को 100 दिवसों से ज्यादा काम देने पर छह ब्लाक के कर्मचारियों पर 4,57,080 रुपये की रिकवरी निकाली गई थी, जिसकी भी कार्रवाई चल रही है।
यह हैं वसूली की कार्रवाई के दायरे में
सामग्री मद में ज्यादा खर्च करने पर ग्राम प्रधान, ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, एपीओ व कार्यक्रम अधिकारी को वसूली के दायरे में रखा गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने तीन दिवस के अंदर चेक, बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से धनराशि प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा कि यदि तय सीमा के अंदर वसूली जमा नहीं की जाती है तो भू- राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम बमराना, मिर्चवारा व बम्हौरीकलां के प्रधान व कर्मचारियों पर एक लाख 75 हजार रुपये की वसूली निकाल दी है। मजदूरों का पलायन रोकने के उद्देश्य से जिले में संचालित मनरेगा में खूब मनमानी हो रही है। गत वित्तीय वर्ष में अनेक ग्राम पंचायतों ने न केवल 100 दिन से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया गया, बल्कि सामग्री मद की सीमा को भी लांघ दिया गया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार उपाध्याय ने ऐसी ग्राम पंचायतों के प्रधान व कर्मचारियों को वसूली के दायरे में ले लिया है। उन्होंने ग्राम पंचायत मिर्चवारा पर 1.25 लाख रुपये, ग्राम पंचायत बम्हौरीकलां पर 14 हजार रुपये व ग्राम पंचायत बमराना पर 36 हजार रुपये की वसूली निकाली है। इससे पहले जिले के 1,036 मनरेगा जॉबकार्डधारक परिवारों को 100 दिवसों से ज्यादा काम देने पर छह ब्लाक के कर्मचारियों पर 4,57,080 रुपये की रिकवरी निकाली गई थी, जिसकी भी कार्रवाई चल रही है।
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यह हैं वसूली की कार्रवाई के दायरे में
सामग्री मद में ज्यादा खर्च करने पर ग्राम प्रधान, ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, एपीओ व कार्यक्रम अधिकारी को वसूली के दायरे में रखा गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने तीन दिवस के अंदर चेक, बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से धनराशि प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा कि यदि तय सीमा के अंदर वसूली जमा नहीं की जाती है तो भू- राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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