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ईद की तैयारियां, लेकिन बाजार फीका
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ईद के त्योहार को लेकर नए कपड़ों की खरीदारी करतीं महिलाएं व बच्चे
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। ईद-उल-फितर को मुस्लिमों का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। रमजान पूरे होने के बाद मनाई जाने वाली इस ईद को मीठी ईद भी कहते हैं। लेकिन, लॉकडाउन की वजह से इस बार ईद की रौनक फीकी ही रहेगी।
ऐसा पहली बार होगा कि घरों में रहकर ईद की नमाज अदा की जाएगी और यह पर्व मनाया जाएगा। ईद को लेकर इस बार बाजारों में रौनक नहीं रही, बाजार तो खुल गए, लेकिन लोगों में उत्साह नहीं है। चौथे लॉकडाउन में बाजारों में सुबह दस बजे से शाम सात बजे तक मिलने वाली छूट के दौरान आवश्यक वस्तुओं के अलावा अन्य दुकानें अल्टरनेट खोली जा रही हैं, जबकि हर वर्ष रमजान में देर रात तक बाजार खुलते थे और आधी रात तक बाजारों में रौनक रहती थी। ईदगाह में साल में दो बार ईद की नमाज होती है, लेकिन इस बार ईदगाह भी लॉकडाउन के चलते बंद ही रहेगा।
लाखों का होता था व्यापार
ईद पर बाजारों में लाखों रुपये का व्यापार होता था। मुस्लिम समाज के लोग नए कपड़े, जूते, चप्पल, शीर बनाने के लिए मेवे खरीदते थे, लेकिन इस बार बहुत कुछ ऐसा नहीं हुआ, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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सावधानी बरतें और निर्देशों का करें पालन
शहर पेश इमाम हाजी मोहम्मद इलयास का कहना है कि सावधानी बरतें और सरकार के निर्देशों का पालन करें। जिस तरह से अलविदा जुमा की नमाज सभी ने घरों में अदा की है, उसी तरह घर पर ही ईद की नमाज भी अदा करें। अल्लाह से दुआ करें कि इस महामारी से जल्द निजात मिले।
घरों में रहकर करें इबादत
जिला मुस्लिम एसोसिएशन के सदर असलम कुरैशी ने कहा कि शासन की गाइड लाइन के मुताबिक ऐसे नाजुक हालातों में घरों में रहकर ही ईद की नमाज अदा करें। जिस तरह रमजान भर घर पर रहकर सभी ने इबादत की ओर अलविदा जुमा की नमाज घर पर रहकर अदा की, उसी तरह ईद की नमाज भी अपने घरों में रहकर ही अदा करें और गरीबों की मदद करें।
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ऐसा पहली बार होगा कि घरों में रहकर ईद की नमाज अदा की जाएगी और यह पर्व मनाया जाएगा। ईद को लेकर इस बार बाजारों में रौनक नहीं रही, बाजार तो खुल गए, लेकिन लोगों में उत्साह नहीं है। चौथे लॉकडाउन में बाजारों में सुबह दस बजे से शाम सात बजे तक मिलने वाली छूट के दौरान आवश्यक वस्तुओं के अलावा अन्य दुकानें अल्टरनेट खोली जा रही हैं, जबकि हर वर्ष रमजान में देर रात तक बाजार खुलते थे और आधी रात तक बाजारों में रौनक रहती थी। ईदगाह में साल में दो बार ईद की नमाज होती है, लेकिन इस बार ईदगाह भी लॉकडाउन के चलते बंद ही रहेगा।
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लाखों का होता था व्यापार
ईद पर बाजारों में लाखों रुपये का व्यापार होता था। मुस्लिम समाज के लोग नए कपड़े, जूते, चप्पल, शीर बनाने के लिए मेवे खरीदते थे, लेकिन इस बार बहुत कुछ ऐसा नहीं हुआ, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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सावधानी बरतें और निर्देशों का करें पालन
शहर पेश इमाम हाजी मोहम्मद इलयास का कहना है कि सावधानी बरतें और सरकार के निर्देशों का पालन करें। जिस तरह से अलविदा जुमा की नमाज सभी ने घरों में अदा की है, उसी तरह घर पर ही ईद की नमाज भी अदा करें। अल्लाह से दुआ करें कि इस महामारी से जल्द निजात मिले।
घरों में रहकर करें इबादत
जिला मुस्लिम एसोसिएशन के सदर असलम कुरैशी ने कहा कि शासन की गाइड लाइन के मुताबिक ऐसे नाजुक हालातों में घरों में रहकर ही ईद की नमाज अदा करें। जिस तरह रमजान भर घर पर रहकर सभी ने इबादत की ओर अलविदा जुमा की नमाज घर पर रहकर अदा की, उसी तरह ईद की नमाज भी अपने घरों में रहकर ही अदा करें और गरीबों की मदद करें।