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बिजली कटौती ने मुश्किल बढ़ाई, डीजल इंजन चलाकर कर रहे सिंचाई
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डोंगराखुर्द(ललितपुर)। सरकार का दावा है कि किसानों की आय दोगुनी हुई है, लेकिन क्षेत्र के किसानों का कहना है कि बिजली न मिलने से महंगे डीजल से इंजन चलाकर खेत में फसल की सिंचाई कर रहे हैं। इससे लागत दोगुनी हो रही है। उन्होंने कहा कि जब बिजली सप्लाई मिलती है तो लो वोल्टेज के कारण नलकूप तक नहीं चल पाते हैं और घरों पर भी पंखा व अन्य विद्युत उपकरण सही से काम नहीं कर पा रहे हैं।
नाराहट क्षेत्र में विद्युत कटौती से करीब 30 गांव के किसान हो रहे प्रभावित हो रहे हैं। बिरधा सब स्टेशन के नाराहट फीडर से जुड़े इन गांवों के किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसान जो अपनी फसलों की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल कनेक्शन लिए हुए हैं। अधिकांश किसान गर्मियों में मूंग की फसल की बुवाई के साथ सब्जियां उगाते हैं। बिजली न आने से नलकूप नहीं चल पा रहे। जिससे फसलें सूख रहीं हैं। किसान मजबूरन फसलों को सूखने से बचाने के लिए महंगा डीजल इंजन में डालकर फसलों की सिंचाई कर रहे हैं।
बिजली कटौती से फसलें सूखने के कगार पर हैं। जो सक्षम किसान हैं, वह तो डीजल से इंजन चलाकर सिंचाई कर रहे हैं। अन्य गरीब किसानों की फसल सूखने लगी है।-छोटू त्रिपाठी
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जनरेटर चलाकर मूंग की सिंचाई कर डेढ़ सौ रुपये प्रति घंटा के हिसाब डीजल जलाकर सिंचाई कर रहे हैं। ऐसे में लागत अधिक आ रही है।-चरन सिंह
विद्युत कटौती और लो वोल्टेज से ग्रामीणों का उमस भरी गर्मी में जीना मुश्किल हो रहा है। डीजल महंगा होने से फसल की सिंचाई भी मंहगी पड़ रही। -पुष्पेंद्र सिंह
दस एकड़ जमीन में मूंग की फसल बुवाई की है, लेकिन विद्युत कटौती से करीब चार एकड़ खेत की मूंग सूखने के कगार पर पहुंच गई है। विभागीय अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।-हरीराम दुबे
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नाराहट क्षेत्र में विद्युत कटौती से करीब 30 गांव के किसान हो रहे प्रभावित हो रहे हैं। बिरधा सब स्टेशन के नाराहट फीडर से जुड़े इन गांवों के किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसान जो अपनी फसलों की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल कनेक्शन लिए हुए हैं। अधिकांश किसान गर्मियों में मूंग की फसल की बुवाई के साथ सब्जियां उगाते हैं। बिजली न आने से नलकूप नहीं चल पा रहे। जिससे फसलें सूख रहीं हैं। किसान मजबूरन फसलों को सूखने से बचाने के लिए महंगा डीजल इंजन में डालकर फसलों की सिंचाई कर रहे हैं।
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बिजली कटौती से फसलें सूखने के कगार पर हैं। जो सक्षम किसान हैं, वह तो डीजल से इंजन चलाकर सिंचाई कर रहे हैं। अन्य गरीब किसानों की फसल सूखने लगी है।-छोटू त्रिपाठी
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जनरेटर चलाकर मूंग की सिंचाई कर डेढ़ सौ रुपये प्रति घंटा के हिसाब डीजल जलाकर सिंचाई कर रहे हैं। ऐसे में लागत अधिक आ रही है।-चरन सिंह
विद्युत कटौती और लो वोल्टेज से ग्रामीणों का उमस भरी गर्मी में जीना मुश्किल हो रहा है। डीजल महंगा होने से फसल की सिंचाई भी मंहगी पड़ रही। -पुष्पेंद्र सिंह
दस एकड़ जमीन में मूंग की फसल बुवाई की है, लेकिन विद्युत कटौती से करीब चार एकड़ खेत की मूंग सूखने के कगार पर पहुंच गई है। विभागीय अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।-हरीराम दुबे