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एक साल अंधेरे में है सहरिया बस्ती के लोग
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डोंगराखुर्द में इस तरह खड़े हैं बिजली पोल
- फोटो : LALITPUR
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डोंगराखुर्द(ललितपुर)। नाराहट क्षेत्र के गांव डोंगराखुर्द की सहरिया बस्ती में विद्युत आपूर्ति के लिए लगाया गया 25 केवीए का ट्रांसफार्मर करीब आठ माह से खराब पड़ा है। जिससे बस्ती में रह रहे 100 से अधिक परिवार अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों से विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल कराने की मांग कर रहे हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
बिरधा सब स्टेशन से निकले नाराहट फीडर से जुड़े गांव डोंगराखुर्द स्थित सहरिया बस्ती में लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगभग आठ माह से खराब पड़ा है अब विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। जिससे गरीबों को तमाम प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले तो बिजली के अभाव में गरीब सहरिया लालटेन जलाकर अपने घर में काम चलाऊ रोशनी कर लेते थे लेकिन अब तो वह भी संभव नहीं है राशन की दुकानों पर होने वाले मिट्टी के तेल की सप्लाई बंद हो जाने से अब लालटेन जलाना भी मंहगा पड़ रहा है। वहीं, बिजली न होने से पानी भी नहीं मिल पा रहा है। लोग आठ महीने से हैंडपंपों और कुओं व तालाबों से ही पानी भरने को मजबूर हैं।
रात में चूल्हे की रोशनी में खा रहे खाना, खुले में सोना मजबूरी
डोंगराखुर्द । बिजली न होने के कारण सहरिया लोग रात के समय चूल्हा जलाकर भोजन बनाते हैं और उसी रोशनी में भोजन कर रहे। गर्मी में पंखे आदि नहीं चल पाने से घरों के बाहर आंगन में सोने को मजबूर हैं। एक साल से सहरिया लोग अंधेरे में रह रहे हैं लेकिन विभाग के किसी कर्मचारी ने इन गरीबों की सुध नहीं ली। लगभग 100 परिवार अंधेरे में हैं फिर भी इस बस्ती की न तो लाइन सही की गई न ही ट्रांसफार्मर बदला गया इसके बावजूद बिल पूरा वसूल रहे। बस्ती के लोगों ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का इस समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की है । ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की किल्लत हमेशा बनी रहती है बिरधा से नाराहट फीडर को निकली लाइन के तार जर्जर हैं।
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रात होने से पहले भोजन कर लेते है और खुले आसमान के नीचे बिस्तर लगाकर सोते हैं जो बिजली के उपकरण हैं वह सब धूल खा रहे हैं। मोबाइल चार्ज कराने के लिए यहां वहां भटकना पड़ता है। रोशन कुमार सहरिया ।
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फुंका ट्रांसफार्मर न बदलने से करीब आठ माह से अंधेरे में रहने को विवश होना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।-हरिराम सहरिया।
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बिरधा सब स्टेशन से निकले नाराहट फीडर से जुड़े गांव डोंगराखुर्द स्थित सहरिया बस्ती में लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगभग आठ माह से खराब पड़ा है अब विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। जिससे गरीबों को तमाम प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले तो बिजली के अभाव में गरीब सहरिया लालटेन जलाकर अपने घर में काम चलाऊ रोशनी कर लेते थे लेकिन अब तो वह भी संभव नहीं है राशन की दुकानों पर होने वाले मिट्टी के तेल की सप्लाई बंद हो जाने से अब लालटेन जलाना भी मंहगा पड़ रहा है। वहीं, बिजली न होने से पानी भी नहीं मिल पा रहा है। लोग आठ महीने से हैंडपंपों और कुओं व तालाबों से ही पानी भरने को मजबूर हैं।
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रात में चूल्हे की रोशनी में खा रहे खाना, खुले में सोना मजबूरी
डोंगराखुर्द । बिजली न होने के कारण सहरिया लोग रात के समय चूल्हा जलाकर भोजन बनाते हैं और उसी रोशनी में भोजन कर रहे। गर्मी में पंखे आदि नहीं चल पाने से घरों के बाहर आंगन में सोने को मजबूर हैं। एक साल से सहरिया लोग अंधेरे में रह रहे हैं लेकिन विभाग के किसी कर्मचारी ने इन गरीबों की सुध नहीं ली। लगभग 100 परिवार अंधेरे में हैं फिर भी इस बस्ती की न तो लाइन सही की गई न ही ट्रांसफार्मर बदला गया इसके बावजूद बिल पूरा वसूल रहे। बस्ती के लोगों ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का इस समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की है । ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की किल्लत हमेशा बनी रहती है बिरधा से नाराहट फीडर को निकली लाइन के तार जर्जर हैं।
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रात होने से पहले भोजन कर लेते है और खुले आसमान के नीचे बिस्तर लगाकर सोते हैं जो बिजली के उपकरण हैं वह सब धूल खा रहे हैं। मोबाइल चार्ज कराने के लिए यहां वहां भटकना पड़ता है। रोशन कुमार सहरिया ।
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फुंका ट्रांसफार्मर न बदलने से करीब आठ माह से अंधेरे में रहने को विवश होना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।-हरिराम सहरिया।
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