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शासन की रोक का नहीं दिख रहा असर
ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jan 2016 01:01 AM IST
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ललितपुर। शासन की रोक के बाद भी नगर के दुकानदार पॉलिथीन का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। खास कर सब्जी, किराना और चाय की दुकानों पर पालीथिन के प्रयोग को आसानी से देखा जा सकता है। इसकी वजह अधिकतर दुकानदार रोक के प्रति अनभिज्ञ बने हुए हैं। न तो सामाजिक संस्थाएं और न ही जिला प्रशासन ने प्रसार- प्रचार शुरू किया है, जिससे पालीथिन पर रोक नहीं लग पा रही है।
प्रदेश सरकार ने पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए 21 जनवरी से पॉलिथीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। लेकिन, अभी तक इसका असर बाजार में दिखाई नहीं दिया है। बाजारों में खुलकर पॉलिथीन का प्रयोग हो रहा है। विशेषकर सब्जी की दुकान, किराने की दुकान व चाय की दुकानों पर पॉलिथीन देखी जा सकती है। सुबह से ही बाजारों में पॉलिथीन में सामान लेकर ग्राहक दुकान से निकलते नजर आते हैं। जिला प्रशासन ने न तो छापामार कार्रवाई और न ही पॉलिथीन के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान से लोगों को अवगत कराया है। सामाजिक संस्थाएं भी अपने दायित्वों से पीछे हटते दिख रही हैं।
गौरतलब है कि पतली पॉलिथीन सबसे ज्यादा पर्यावरण के लिए नुकसानदेह साबित हुई है। इसके नष्ट नहीं होने से उपजाऊ भूमि बंजर होने लगी है तो मवेशियों के लिए जान पर बन आई है। पॉलिथीन में खाद्य सामग्री फेंक देने से जानवर इसे निगल जाते हैं, जिससे उनकी मौत हो जाती है। कुछेक व्यक्तियों को छोड़कर अधिकांश महिला व पुरुष पॉलिथीन में सामान घर ले जाने में हिचक नहीं करते हैं।
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पॉलिथीन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए जल्द छापामार कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- रमेश चंद्र तिवारी उप जिलाधिकारी सदर
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प्रदेश सरकार ने पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए 21 जनवरी से पॉलिथीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। लेकिन, अभी तक इसका असर बाजार में दिखाई नहीं दिया है। बाजारों में खुलकर पॉलिथीन का प्रयोग हो रहा है। विशेषकर सब्जी की दुकान, किराने की दुकान व चाय की दुकानों पर पॉलिथीन देखी जा सकती है। सुबह से ही बाजारों में पॉलिथीन में सामान लेकर ग्राहक दुकान से निकलते नजर आते हैं। जिला प्रशासन ने न तो छापामार कार्रवाई और न ही पॉलिथीन के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान से लोगों को अवगत कराया है। सामाजिक संस्थाएं भी अपने दायित्वों से पीछे हटते दिख रही हैं।
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गौरतलब है कि पतली पॉलिथीन सबसे ज्यादा पर्यावरण के लिए नुकसानदेह साबित हुई है। इसके नष्ट नहीं होने से उपजाऊ भूमि बंजर होने लगी है तो मवेशियों के लिए जान पर बन आई है। पॉलिथीन में खाद्य सामग्री फेंक देने से जानवर इसे निगल जाते हैं, जिससे उनकी मौत हो जाती है। कुछेक व्यक्तियों को छोड़कर अधिकांश महिला व पुरुष पॉलिथीन में सामान घर ले जाने में हिचक नहीं करते हैं।
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पॉलिथीन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए जल्द छापामार कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- रमेश चंद्र तिवारी उप जिलाधिकारी सदर